बक्सर में गुड़िया की रहस्यमयी मौत, क्या दहेज की मांग ने ले ली एक और बेटी की जान?

Gudiya Devi Hatyakand Buxar
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Gudiya Devi Hatyakand: बक्सर ज़िले के सिमरी थाना क्षेत्र के रामदास राय के डेरा गांव में एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। गुड़िया देवी हत्याकांड की यह खबर सिर्फ एक महिला की मौत नहीं, बल्कि समाज के उस सड़े हुए हिस्से की पहचान है जहां आज भी दहेज के लिए बेटियों की बलि दी जा रही है।

शादी के बाद शुरू हुआ प्रताड़ना का सिलसिला

गुड़िया देवी, जो मोहरिहां गांव निवासी मृत्युंजय राय की पुत्री थीं, उनकी शादी रामदास राय के डेरा गांव निवासी सोनू ठाकुर से पूरे सामाजिक रीति-रिवाजों के अनुसार की गई थी। शादी के कुछ ही समय बाद दो बच्चों — सौम्या और आरुष — का जन्म हुआ, लेकिन खुशहाल जीवन का सपना जल्द ही बुरे सपने में बदल गया।

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गुड़िया के पिता का आरोप है कि उनकी बेटी को शादी के बाद से ही ससुराल वालों द्वारा दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित किया जाने लगा। खासकर, देवर संदीप ठाकुर ने साफ तौर पर बुलेट मोटरसाइकिल की मांग की थी। मना करने पर गुड़िया को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया।

फोन पर रोती रही गुड़िया, फिर भी कोई ना बना ढाल

गुड़िया देवी ने अपने मायके वालों को कई बार मोबाइल फोन के माध्यम से अपने ऊपर हो रहे अत्याचार की जानकारी दी। पिता का कहना है कि बेटी की आवाज में दर्द साफ झलकता था, लेकिन समाज और रिश्तेदारी के डर से बार-बार मामले को दबा दिया गया।

Gudiya Devi Hatyakand: मोबाइल कॉल से खुला राज़, भाई को मिला संदिग्ध मौत का इशारा

11 जुलाई की शाम, गुड़िया देवी के भाई को मोबाइल नंबर 95761216** से एक कॉल आया, जिसमें बताया गया कि उनकी बहन की तबीयत खराब हो गई है। जब परिजन मौके पर पहुंचे तो देखा कि गुड़िया देवी का शव जमीन पर लिटाया गया था और वहां मौजूद ससुराल पक्ष का कोई भी सदस्य कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे रहा था। परिजनों को तत्काल शक हुआ कि यह कोई सामान्य मौत नहीं है, बल्कि एक सुनियोजित हत्या है।

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पीड़ित पिता मृत्युंजय राय ने सिमरी थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई, जिसमें उन्होंने अपनी बेटी की हत्या के लिए पति सोनू ठाकुर, सास लालमुनि देवी और देवर संदीप ठाकुर को जिम्मेदार ठहराया है। उनका साफ कहना है कि इन लोगों ने मिलकर गला दबाकर गुड़िया की हत्या की है।

बक्सर पुलिस की कार्रवाई पर टिकी निगाहें

गुड़िया देवी की संदिग्ध मौत के बाद बक्सर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई तेज होने की उम्मीद है। पुलिस का कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

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लेकिन अब यहाँ सवाल सिर्फ एक हत्या का नहीं, बल्कि उस सोच का है जो दहेज को आज भी जरूरी मानती है। बिहार जैसे राज्य में, जहां शिक्षा और जागरूकता बढ़ रही है, वहां अगर आज भी बेटियां दहेज प्रताड़ना का शिकार हो रही हैं तो यह पूरे समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी है।

गुड़िया के लिए न्याय और समाज के लिए बदलाव की जरूरत

Gudiya Devi Hatyakand महज़ एक खबर नहीं, बल्कि इंसाफ और बदलाव की पुकार है। इस मामले में बक्सर पुलिस की निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई बेहद जरूरी है। साथ ही समाज को भी अब यह सोचने की जरूरत है कि क्या बेटियों की जान सिर्फ दहेज से तौली जाएगी? अब वक्त आ गया है कि हर माता-पिता, हर भाई, और हर समाजसेवी एकजुट होकर दहेज प्रथा के खिलाफ आवाज़ उठाएं, ताकि अगली गुड़िया देवी का नाम किसी FIR में नहीं, बल्कि किसी सफलता की कहानी में लिखा जाए।

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