विदेश में कमाई करने वालों के लिए खुशखबरी! HDFC बैंक ने बढ़ाया डॉलर डिपॉजिट पर ब्याज, जानिए अब कितना मिलेगा रिटर्न

HDFC Bank Hikes Dollar Deposit Rate: विदेश में रहने वाले भारतीयों के लिए अच्छी खबर आई है। HDFC Bank ने FCNR(B) डॉलर डिपॉजिट पर ब्याज दर बढ़ाने का फैसला किया है। यह बदलाव ऐसे समय में किया गया है जब भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की विशेष स्वैप सुविधा सितंबर के अंत तक जारी है और बैंक विदेशी मुद्रा जमा आकर्षित करने की कोशिश कर रहे हैं।
HDFC बैंक ने बढ़ाई FCNR(B) डॉलर डिपॉजिट की ब्याज दर
देश के सबसे बड़े निजी बैंकों में शामिल HDFC Bank ने तीन से पांच साल की अवधि वाले Foreign Currency Non-Resident (Bank) यानी FCNR(B) डॉलर डिपॉजिट पर ब्याज दर 25 बेसिस प्वाइंट बढ़ाकर 6.25 प्रतिशत कर दी है। इससे पहले यही ब्याज दर 6 प्रतिशत थी। नई दर 1 अगस्त से लागू हो गई है।
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब RBI की रियायती स्वैप सुविधा अपने अंतिम चरण में है। माना जा रहा है कि सितंबर के अंत तक इस योजना के बंद होने से पहले बैंक अधिक से अधिक विदेशी मुद्रा जमा जुटाने की कोशिश करेंगे।
FCNR(B) खाते खासतौर पर विदेश में रहने वाले भारतीयों (NRI) के लिए होते हैं। इनमें विदेशी मुद्रा में जमा राशि रखी जाती है और उस पर बैंक तय ब्याज देता है।
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दूसरे बैंक भी बढ़ा रहे हैं प्रतिस्पर्धा
HDFC के इस कदम के बाद निजी और छोटे बैंक भी विदेशी मुद्रा जमा आकर्षित करने की होड़ में नजर आ रहे हैं। फिलहाल ICICI Bank और Axis Bank तीन से पांच साल की FCNR(B) डॉलर जमा पर 6 प्रतिशत ब्याज दे रहे हैं। वहीं, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) पांच साल की अवधि वाले 10 लाख डॉलर से अधिक के FCNR(B) डिपॉजिट पर 6 प्रतिशत ब्याज की पेशकश कर रहा है।
दूसरी ओर, AU Small Finance Bank ने अपनी FCNR(B) जमा की अधिकतम ब्याज दर 7.1 प्रतिशत से बढ़ाकर 7.4 प्रतिशत कर दी है। यह दर तीन से चार साल की अवधि वाली जमा पर लागू होगी। बैंक ने NRE फिक्स्ड डिपॉजिट की अधिकतम ब्याज दर भी 7 प्रतिशत से बढ़ाकर 7.6 प्रतिशत कर दी है। यह दर 36 महीने और एक दिन से लेकर 45 महीने तक की अवधि के लिए लागू होगी।
बढ़ती प्रतिस्पर्धा का सीधा उद्देश्य विदेश में रहने वाले भारतीयों से ज्यादा से ज्यादा विदेशी मुद्रा जमा आकर्षित करना है।
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RBI की स्वैप योजना से बढ़ा विदेशी मुद्रा का प्रवाह
भारतीय रिजर्व बैंक के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 31 जुलाई तक बैंकों ने लगभग 41 अरब डॉलर की विदेशी मुद्रा जुटा ली है। इसमें सबसे बड़ा योगदान FCNR(B) डिपॉजिट का रहा है। केंद्रीय बैंक के आंकड़ों के मुताबिक FCNR(B) जमा के जरिए 36.7 अरब डॉलर आए हैं। वहीं Overseas Foreign Currency Borrowings (OFCBs) से 2.57 अरब डॉलर और External Commercial Borrowings (ECBs) से करीब 1.5 अरब डॉलर का प्रवाह हुआ है।
दिलचस्प बात यह है कि यह राशि 2013 में RBI की विशेष FCNR(B) योजना के दौरान जुटाए गए लगभग 34 अरब डॉलर से भी अधिक हो चुकी है। मौजूदा स्वैप सुविधा शुरू होने के दो महीने से भी कम समय में विदेशी मुद्रा का प्रवाह पुराने रिकॉर्ड को पार कर गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सितंबर के अंत तक RBI की यह सुविधा जारी रहने के कारण आने वाले हफ्तों में कई बैंक FCNR(B) जमा पर ब्याज दरों में और बढ़ोतरी कर सकते हैं। इससे विदेशी मुद्रा जमा के लिए बैंकों के बीच प्रतिस्पर्धा और तेज होने की संभावना है।




