भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बड़ी Defence Deal, अब दोनों देश मिलकर बनाएंगे एडवांस ड्रोन सिस्टम और एंटी-टेरर नेटवर्क

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बड़ी Defence Deal, अब दोनों देश मिलकर बनाएंगे एडवांस ड्रोन सिस्टम और एंटी-टेरर नेटवर्क

India Australia Defence Deal: भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच रक्षा और सुरक्षा सहयोग लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। कैनबरा में आयोजित ‘आर्मी-टू-आर्मी स्टाफ टॉक्स’ में दोनों देशों ने न केवल Unmanned Aircraft Systems (UAS) यानी मानव रहित ड्रोन सिस्टम पर संयुक्त विकास की सहमति जताई, बल्कि आतंकवाद और कट्टरपंथ से निपटने के लिए नई रणनीति भी तय की।

गौरतलब है कि भारत और ऑस्ट्रेलिया पहले से ही क्वाड (QUAD) समूह का हिस्सा हैं, जिसमें अमेरिका और जापान भी शामिल हैं। ऐसे में यह नया समझौता इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में दोनों देशों की रक्षा साझेदारी को और मजबूत करेगा।

India Australia Defence Deal: रक्षा क्षेत्र में बड़ा कदम

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच रक्षा सहयोग (India Australia Defence Deal) को नई दिशा देते हुए 29 से 31 अक्टूबर तक कैनबरा में अहम वार्ता हुई, जिसमें ड्रोन टेक्नोलॉजी, मैरिटाइम सिक्योरिटी और अगली पीढ़ी की निगरानी प्रणालियों पर व्यापक चर्चा हुई। भारतीय सेना ने बताया कि दोनों देशों ने मानव रहित विमान प्रणालियों (UAS) में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है, जिससे जोखिम भरे मिशनों में भी सैनिकों की जान को खतरे में डाले बिना ऑपरेशन किए जा सकेंगे।

ये भी पढ़ें: भारत की सैन्य शक्ति का सबसे बड़ा प्रदर्शन! राफेल, युद्धपोत और 25 हजार सैनिकों के साथ मैदान में उतरेंगी तीनों सेनाएं

खास बात यह है कि ऑस्ट्रेलिया ने भारत के ‘मेक इन इंडिया’ रक्षा पहल में भागीदारी की इच्छा जताई है, ताकि दोनों देश मिलकर स्वदेशी टेक्नोलॉजी से उन्नत ड्रोन सिस्टम विकसित कर सकें।

आतंकवाद विरोध में साझा मोर्चा

वहीं, इसी दौरान हुई 15वीं संयुक्त कार्य समूह (JWG) बैठक में दोनों देशों ने आतंकवाद, ऑनलाइन कट्टरपंथ और नई तकनीक के दुरुपयोग से निपटने की रणनीति पर चर्चा की। इस बैठक की अध्यक्षता भारत के संयुक्त सचिव (काउंटर टेररिज्म) विनोद बहाडे और ऑस्ट्रेलिया की आतंकवाद-रोधी राजदूत जेम्मा हगिंस ने की। दोनों देशों ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की निंदा करते हुए आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होकर कदम उठाने का संकल्प दोहराया।

नई तकनीक से आतंकवाद को चुनौती

भारत और अस्ट्रेलिया ने माना है कि आतंकवादी संगठन अब ड्रोन, एन्क्रिप्टेड ऐप्स और क्रिप्टो करेंसी जैसी नई तकनीकों का दुरुपयोग कर रहे हैं, जिससे सुरक्षा के नए खतरे पैदा हो रहे हैं। खास बात यह है कि ड्रोन के जरिए हथियार और विस्फोटक पहुंचाने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।

ये भी पढ़ें: भारत की ‘Surya Missile’ ने दुनिया में मचाया हलचल! 27,000 Km/h की रफ्तार, 30 मिनट में पहुंच सकती है किसी भी देश

ऐसे में दोनों देशों ने मिलकर रियल-टाइम डेटा शेयरिंग, इंटेलिजेंस नेटवर्क और साइबर सुरक्षा सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति जताई है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, दोनों पक्ष आतंकवादियों द्वारा तकनीक के दुरुपयोग को रोकने के लिए ठोस कदम उठाएंगे और समय पर सूचना साझा करेंगे, ताकि किसी भी आतंकी खतरे का तुरंत जवाब दिया जा सके।

इंडो-पैसिफिक में नई रणनीतिक साझेदारी

भारत और ऑस्ट्रेलिया ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में उभरते सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए अपने रक्षा और रणनीतिक सहयोग को नई दिशा दी है। दोनों देशों ने UN, FATF, GCTF और IORA जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मिलकर आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई। बता दें कि यह साझेदारी सिर्फ रक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि समुद्री सुरक्षा, साइबर युद्ध और आतंकवाद निरोध जैसे क्षेत्रों में भी अहम भूमिका निभाएगी।

ये भी पढ़ें: भारत के मिसाइल टेस्ट से पहले हिंद महासागर में बढ़ी हलचल, अमेरिका और चीन ने भेजे अपने जासूसी जहाज

भारतीय प्रतिनिधिमंडल द्वारा ऑस्ट्रेलियाई युद्ध स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि देना और रॉयल मिलिट्री कॉलेज डंटरून का दौरा करना इस बात का प्रतीक है कि भारत और ऑस्ट्रेलिया अब केवल सहयोगी नहीं, बल्कि सच्चे रणनीतिक साझेदार के रूप में एक-दूसरे के साथ खड़े हैं।

ऐसे ही और महत्वपूर्ण खबरों को अपने फोन पर पाने के लिए, जुड़िए हमारे साथ

हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें

हमारे WhatsApp चैनल को फॉलो करें