कौन हैं प्रधानमंत्री मोदी के सबसे ताकतवर अधिकारी? चलाता है भारत की सत्ता का असली पहिया

कौन हैं प्रधानमंत्री मोदी के सबसे ताकतवर अधिकारी? चलाता है भारत की सत्ता का असली पहिया

India Most Powerful Bureaucrat: भारत की सत्ता कैसे चलती है, कौन तय करता है कि मंत्रालयों के बीच फैसले कैसे समन्वयित हों और देश के कठिन समय में किसके हाथ में पूरा कंट्रोल होता है? बता दें कि इस पूरी प्रक्रिया में एक नाम सबसे ऊपर रहता है।

बता दें की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भरोसेमंद “राइट-हैंड ब्यूरोक्रेट” के तौर पर जिन्हें जाना जाता है, वे सीधे तौर पर देश की प्रशासनिक रीढ़ माने जाते हैं। हालाकी आम जनता उनके बारे में कम ही जानती है, लेकिन सरकार के सबसे बड़े फैसलों में उनकी भूमिका बेहद अहम रहती है।

India Most Powerful Bureaucrat: कौन है भारत का सबसे शक्तिशाली ब्यूरोक्रेट?

अगर आज कोई पद “India Most Powerful Bureaucrat” कहलाने का हकदार है, तो वह कैबिनेट सचिव (Cabinet Secretary) ही है। यही वह अधिकारी होता है जो पूरी केंद्र सरकार की मशीनरी को जोड़कर चलाता है और प्रधानमंत्री को सीधे अहम फैसलों पर सलाह देता है। बता दें कि इसे देश का सबसे प्रभावशाली गैर-राजनीतिक पद भी कहा जाता है।

कैबिनेट सचिवालय का दफ्तर दिल्ली के साउथ ब्लॉक में पीएम कार्यालय के ठीक बगल में है, जहां से सिविल, मिलिट्री और इंटेलिजेंस, इन तीन प्रमुख विंगों का संचालन होता है। इनमें सिविल विंग सबसे महत्वपूर्ण है, क्योंकि यही विभाग नीतियां बनवाने, मंत्रालयों के बीच तालमेल बिठाने और सरकारी फैसलों को जमीन पर उतारने की बड़ी जिम्मेदारी संभालता है।

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राष्ट्रीय संकट के समय सबसे आगे रहता है यह पद

खास बात है कि आपातकालीन स्थितियों या राष्ट्रीय संकट के समय Cabinet Secretary सबसे अहम समन्वयक बन जाता है। मंत्रालयों के बीच संपर्क, फैसलों की रफ्तार और संसाधनों की उपलब्धता, सब कुछ इसी ऑफिस के जरिए सुचारू रूप से चलता है।

गौरतलब है कि Article 370 हटाने से लेकर जम्मू-कश्मीर के पुनर्गठन जैसे ऐतिहासिक फैसलों में भी Cabinet Secretariat की भूमिका बेहद रणनीतिक रही। मंत्रालयों, इंटेलिजेंस एजेंसियों और PMO के बीच समन्वय इसी संस्थान ने संभाला था।

TV Somanathan कौन हैं?

TV Somanathan देश के उन चुनिंदा अधिकारियों में शामिल हैं जो प्रशासन की ऊँची जिम्मेदारियां संभालते हुए लगातार अपनी छाप छोड़ते रहे हैं। बता दें कि वे 1987 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी हैं और 30 अगस्त 2024 को उन्हें भारत का कैबिनेट सचिव नियुक्त किया गया।

खास बात है कि यह नियुक्ति दो साल की अवधि के लिए कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने मंजूर की थी। इससे पहले सोमनाथन वित्त सचिव और व्यय विभाग के सचिव जैसे अहम पदों पर काम कर चुके हैं। वे प्रधानमंत्री कार्यालय में संयुक्त सचिव और अतिरिक्त सचिव भी रह चुके हैं, जबकि अंतरराष्ट्रीय अनुभव की बात करें तो वे विश्व बैंक में कॉर्पोरेट मामलों के निदेशक भी रहे।

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तमिलनाडु कैडर से शुरू हुआ था TV Somanathan का सफर

TV Somanathan का सफर तमिलनाडु कैडर से शुरू हुआ, जहाँ उन्होंने चेन्नई मेट्रो रेल निगम के प्रबंध निदेशक, वस्तु एवं सेवा कर लागू होने के दौरान वाणिज्य कर आयुक्त और मुख्यमंत्री कार्यालय में सचिव जैसे पदों पर काम किया। गौरतलब है कि GST लागू होने के समय उनकी कार्यशैली को प्रशासनिक दक्षता का बेहतरीन उदाहरण माना गया।

उनके पास कलकत्ता विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में पीएचडी है और वे चार्टर्ड अकाउंटेंट और कम्पनी सचिव भी हैं, जो उन्हें देश के सबसे योग्य और प्रभावी शीर्ष अधिकारियों में शामिल करता है।

Cabinet Secretary क्या करता है?

Cabinet Secretary को देश की केंद्रीय प्रशासनिक मशीनरी का मुख्य समन्वयक माना जाता है, क्योंकि यही वह पद है जो सिविल सर्विसेज बोर्ड की अगुवाई करता है, बड़े अफसरों की नियुक्तियों पर अंतिम राय देता है और सचिवों की समिति चलाकर मंत्रालयों के बीच उठने वाले मतभेदों को सुलझाता है।

यही ऑफिस कैबिनेट का एजेंडा तैयार करता है, फैसलों को लागू करवाता है और राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और केंद्रीय मंत्रियों को समय-समय पर पूरी सरकारी गतिविधियों की रिपोर्ट भेजता है। हालाकी देश में सैकड़ों मंत्रालय और विभाग हैं, लेकिन उनके बीच तालमेल बनाए रखने का जिम्मा सिर्फ इसी संस्थान पर होता है, इसलिए इसे भारत की गवर्नेंस का असली इंजन कहा जाता है।

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दिल्ली के जानकारों का मानना है कि सोमनाथन का वित्त, कॉर्पोरेट मामलों, राज्य प्रशासन और अंतरराष्ट्रीय अनुभव उन्हें इस जिम्मेदारी के लिए बेहद मजबूत बनाता है। गौरतलब है कि कैबिनेट सचिव वही व्यक्ति होता है जो राजनीति और प्रशासन को जोड़कर फैसलों को जमीन पर उतारता है, इसलिए इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भरोसेमंद “दायां हाथ” कहना गलत नहीं है।

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