युद्ध के बीच बड़ी राहत! हमले के बाद भी सुरक्षित निकला भारतीय तेल टैंकर जग लाडकी, 80 हजार टन कच्चा तेल लेकर भारत की ओर रवाना

युद्ध के बीच बड़ी राहत! हमले के बाद भी सुरक्षित निकला भारतीय तेल टैंकर जग लाडकी, 80 हजार टन कच्चा तेल लेकर भारत की ओर रवाना

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच भारत के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। जिस समय तेल और गैस की आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ रही थी, उसी दौरान एक भारतीय जहाज सुरक्षित तरीके से युद्ध क्षेत्र से निकल गया। यह जहाज हजारों टन कच्चा तेल लेकर भारत की ओर आ रहा है।

बता दें कि इस घटना ने समुद्री सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर कई सवाल भी खड़े किए हैं, हालांकि फिलहाल भारतीय जहाज और उसमें सवार सभी लोग सुरक्षित बताए गए हैं।

हमले के बाद भी सुरक्षित निकला जग लाडकी टैंकर

भारतीय ध्वज वाला तेल टैंकर जग लाडकी (Indian Oil Tanker Jag Laadki) संयुक्त अरब अमीरात के फुजैराह सिंगल प्वाइंट मूरिंग पर कच्चा तेल लोड कर रहा था। इसी दौरान 14 मार्च 2026 को फुजैराह ऑयल टर्मिनल पर हमला हुआ। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार,

हमले के बावजूद यह जहाज सुरक्षित तरीके से वहां से निकल गया। रविवार को भारतीय समयानुसार सुबह करीब 10:30 बजे जहाज ने फुजैराह से अपनी यात्रा शुरू की। यह तेल टैंकर करीब 80,800 मीट्रिक टन Murban क्रूड ऑयल लेकर भारत की ओर रवाना हुआ है।

राहत की बात यह है कि जहाज में मौजूद सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। हालांकि, जिस तरह से तेल टर्मिनल पर हमला हुआ, उसने क्षेत्र में समुद्री परिवहन की सुरक्षा को लेकर चिंता जरूर बढ़ा दी है।

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सरकार ने जहाजों और नाविकों की सुरक्षा पर दिया भरोसा

इस घटना के बाद पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में काम कर रहे भारतीय जहाजों और नाविकों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

मंत्रालय ने कहा कि,

समुद्री संचालन को सुचारू बनाए रखने के लिए शिपिंग अधिकारियों और उद्योग से जुड़े सभी पक्षों के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है। हालात तनावपूर्ण हैं, फिर भी भारतीय जहाजों की निगरानी लगातार की जा रही है।

सरकार के अनुसार पिछले 24 घंटों के दौरान किसी भी भारतीय नाविक से जुड़ी कोई समुद्री दुर्घटना सामने नहीं आई है। यानी फिलहाल क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं। फारस की खाड़ी के पश्चिमी हिस्से में अभी 22 भारतीय जहाज मौजूद हैं, जिन पर कुल 611 नाविक सवार हैं। इन सभी जहाजों पर डायरेक्टरेट जनरल ऑफ शिपिंग की ओर से लगातार नजर रखी जा रही है।

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दो भारतीय LPG जहाज भी होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर चुके

इसी बीच एक और अच्छी खबर सामने आई है। दो भारतीय एलपीजी टैंकर भी सुरक्षित तरीके से होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर चुके हैं और भारत की ओर बढ़ रहे हैं। इन जहाजों के नाम शिवालिक (Shivalik) और नंदा देवी (Nanda Devi) हैं। दोनों जहाजों में कुल मिलाकर लगभग 92,712 मीट्रिक टन एलपीजी गैस भरी हुई है।

बता दें कि ये दोनों जहाज 14 मार्च 2026 को होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर चुके हैं। फिलहाल ये भारत की ओर यात्रा पर हैं। इनमें से शिवालिक के 16 मार्च को मुंद्रा पोर्ट पहुंचने की उम्मीद है, जबकि नंदा देवी 17 मार्च को कांडला पोर्ट पहुंच सकता है। हालांकि क्षेत्र में बढ़ते तनाव के कारण शिपिंग गतिविधियों पर खास नजर रखी जा रही है।

नाविकों और उनके परिवारों की मदद के लिए कंट्रोल रूम सक्रिय

हालात को देखते हुए डायरेक्टरेट जनरल ऑफ शिपिंग ने एक कंट्रोल रूम भी सक्रिय किया है, जहां से नाविकों और उनके परिवारों की मदद की जा रही है। सरकारी जानकारी के अनुसार कंट्रोल रूम शुरू होने के बाद अब तक 2,995 फोन कॉल और 5,357 से अधिक ईमेल प्राप्त हो चुके हैं। इनमें नाविकों, उनके परिवारों और समुद्री क्षेत्र से जुड़े लोगों ने जानकारी और सहायता मांगी है।

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सरकार ने यह भी बताया कि,

अब तक खाड़ी क्षेत्र से 276 भारतीय नाविकों को सुरक्षित भारत वापस लाया जा चुका है। इनमें से 23 नाविकों की वापसी पिछले 24 घंटों के दौरान ही कराई गई है।

सरकार का कहना है कि विदेश मंत्रालय, भारतीय मिशनों, शिपिंग कंपनियों और बंदरगाह प्राधिकरणों के साथ मिलकर लगातार स्थिति पर नजर रखी जा रही है ताकि भारतीय नाविकों और जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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