ईरान का बड़ा हमला! बहरीन-कुवैत पर दागी मिसाइलें, क्या शुरू होने वाला है तीसरा विश्व युद्ध?

Iran America War: ईरान अमेरिका युद्ध के बीच बहरीन और कुवैत पर ड्रोन और मिसाइल हमले
1 min read

Iran America War: अमेरिका की ओर से हालिया सैन्य कार्रवाई के बाद पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर तेज हो गया है। ईरान ने रविवार को बहरीन और कुवैत की ओर ड्रोन और मिसाइल हमले किए। इसके साथ ही ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने चेतावनी दी कि यदि अमेरिका ने सैन्य कार्रवाई जारी रखी तो युद्धविराम को लेकर चल रही बातचीत पूरी तरह बंद हो सकती है। ऐसे में पूरे खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा और वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर नई चिंताएं बढ़ गई हैं।

ईरान अमेरिका युद्ध के बीच बहरीन और कुवैत पर हमला

ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने अमेरिका के हालिया हवाई हमलों के जवाब में बहरीन और कुवैत को निशाना बनाया। कुवैत की सेना के अनुसार, देश की वायु रक्षा प्रणाली ने ईरानी ड्रोन और मिसाइलों को सफलतापूर्वक रोक लिया। अधिकारियों ने बताया कि दो बैलिस्टिक मिसाइलों को भी बीच रास्ते में नष्ट कर दिया गया और किसी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं मिली।

वहीं बहरीन के गृह मंत्रालय ने बताया कि हमले में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास स्थित एक आवासीय इमारत क्षतिग्रस्त हो गई। इमारत की ऊपरी मंजिल पूरी तरह तबाह हो गई, हालांकि किसी व्यक्ति की मौत की खबर नहीं है। गौरतलब है कि बहरीन में अमेरिकी नौसेना का पांचवां बेड़ा भी तैनात है, हालांकि प्रभावित इमारत उसके मुख्यालय से अलग क्षेत्र में स्थित थी।

ये भी पढ़ें: 120Kmph की रफ्तार, 130KM रेंज और 42HP ताकत! ये है भारत का सबसे पावरफुल इलेक्ट्रिक स्कूटर

स्ट्रेट ऑफ हॉरमुज़ को लेकर क्यों बढ़ रहा है विवाद?

स्ट्रेट ऑफ हॉरमुज़ दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में शामिल है, जहां से वैश्विक तेल और प्राकृतिक गैस का बड़ा हिस्सा गुजरता है।

हाल ही में अमेरिकी नौसेना की निगरानी वाले एक बहुराष्ट्रीय समुद्री संगठन ने ओमान के पास वैकल्पिक समुद्री मार्ग का विस्तार करने का फैसला किया, ताकि जहाजों की आवाजाही आसान हो सके। लेकिन ईरान का कहना है कि युद्ध समाप्त होने के बाद इस जलडमरूमध्य का संचालन उसी के नियंत्रण में होना चाहिए।

हाल के दिनों में ईरान ने ओमान की ओर बने समुद्री मार्ग का उपयोग करने वाले जहाजों पर भी हमले किए हैं। ऐसे में यह समुद्री रास्ता एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय तनाव का केंद्र बन गया है।

तेल बाजार और वैश्विक व्यापार पर कितना पड़ेगा असर?

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि स्ट्रेट ऑफ हॉरमुज़ में तनाव और बढ़ता है तो इसका असर सिर्फ खाड़ी देशों तक सीमित नहीं रहेगा। दुनिया भर में कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित हो सकती है, जिससे ऊर्जा बाजार और कई देशों की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ सकता है।

ये भी पढ़ें: भारत के 12 परमाणु हथियार पहली बार तैनात, SIPRI रिपोर्ट में सामने आया बड़ा खुलासा

अमेरिका और ईरान ने एक-दूसरे पर लगाए समझौता तोड़ने के आरोप

अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी सेंटकॉम का कहना है कि,

उसने ईरान के सैन्य निगरानी तंत्र, संचार व्यवस्था, हवाई रक्षा ठिकानों, ड्रोन भंडारण केंद्रों और बारूदी सुरंग बिछाने की क्षमता को निशाना बनाया है और यह कार्रवाई समुद्र में एक तेल टैंकर पर हुए हमले के जवाब में की गई।

बताया जा रहा है कि पनामा के झंडे वाले तेल टैंकर किकू पर उस वक्त हमला हुआ जब वह कतर के लिए कच्चा तेल लेकर जा रहा था। अमेरिका का आरोप है कि ईरान के पास युद्धविराम समझौते का पालन करने का मौका था, लेकिन इसके बावजूद हमले जारी रहे।

दूसरी तरफ, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा कि,

ईरान ने युद्धविराम तोड़ा है और अगर ऐसी घटनाएं नहीं रुकीं तो अमेरिका और सख्त सैन्य कदम उठा सकता है।

वहीं ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने दावा किया कि उसने अल असद एयर बेस को निशाना बनाया और साफ कहा कि,

अगर विरोधी पक्ष ने युद्धविराम का उल्लंघन जारी रखा तो बातचीत की सारी प्रक्रिया रोक दी जाएगी।

ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता यह टकराव अब बहरीन और कुवैत जैसे खाड़ी देशों तक असर दिखाने लगा है, जबकि स्ट्रेट ऑफ हॉरमुज़ को लेकर बढ़ते विवाद ने पूरे इलाके की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अगर जल्द तनाव कम नहीं हुआ तो इसका असर दुनिया की तेल सप्लाई, समुद्री व्यापार और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर भी पड़ सकता है।

Jai Jagdamba News Whatsapp