4000 KM दूर तक ईरान का हमला! डिएगो गार्सिया पर मिसाइल से दुनिया में हड़कंप, क्या अब मिडिल ईस्ट से बाहर फैलेगी जंग?

4000 KM दूर तक ईरान का हमला! डिएगो गार्सिया पर मिसाइल से दुनिया में हड़कंप, क्या अब मिडिल ईस्ट से बाहर फैलेगी जंग?

मिडिल ईस्ट में चल रहा तनाव अब एक नए और खतरनाक मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है। ताजा घटनाओं ने यह संकेत दे दिया है कि युद्ध अब सीमाओं में बंधा नहीं रह गया है। 4000 किलोमीटर दूर डिएगो गार्सिया पर मिसाइल हमला और दुबई में धमाकों की खबर ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है। आखिर Iran क्या बड़ा संकेत दे रहा है और क्या यह संघर्ष अब ग्लोबल स्तर पर फैलने वाला है?

हिंद महासागर तक पहुंचा संघर्ष, डिएगो गार्सिया बना निशाना

ईरान ने शनिवार को हिंद महासागर में स्थित अमेरिका और ब्रिटेन के अहम सैन्य अड्डे डिएगो गार्सिया को निशाना (Diego Garcia Missile Attack) बनाते हुए दो मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि,

दोनों मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया गया, जिसमें एक रास्ते में ही विफल हो गई, जबकि दूसरी को अमेरिकी युद्धपोत से छोड़े गए इंटरसेप्टर मिसाइल ने मार गिराया

बता दें कि करीब 4000 किलोमीटर दूर स्थित इस ठिकाने पर हमला करने की कोशिश इसलिए भी चौंकाने वाली मानी जा रही है क्योंकि अब तक ईरान की मिसाइल क्षमता सीमित दूरी तक ही मानी जाती थी। ऐसे में इस घटना को बड़ा संकेत माना जा रहा है, क्योंकि यही सैन्य अड्डा पहले अफगानिस्तान और इराक में अमेरिका के सैन्य अभियानों का अहम केंद्र रह चुका है।

पुराने हमले से भड़की आग, अब जंग ने लिया खतरनाक मोड़

पूरे तनाव की शुरुआत 4 मार्च को हुई थी, जब एक अमेरिकी पनडुब्बी ने ईरान के युद्धपोत ‘आईरिस देना’ को समुद्र में डुबो दिया था, जिसमें 85 से ज्यादा लोगों की जान चली गई। उस वक्त इसे एक सीमित घटना माना गया, लेकिन अब ईरान की जवाबी कार्रवाई ने हालात पूरी तरह बदल दिए हैं।

ये भी पढ़ें: ये हैं धरती के वो 5 सुपरपावर देश जिनके पास है पूरी दुनिया में हमला करने की ताकत, जाने भारत कहाँ खड़ा है इस दौड़ में

विशेषज्ञों का कहना है कि,

अगर ईरान इतनी लंबी दूरी तक हमला करने की क्षमता दिखा रहा है, तो आने वाले समय में यूरोप के कुछ हिस्से भी उसकी पहुंच में हो सकते हैं।

हालांकि, अमेरिकी रक्षा मुख्यालय की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन गौरतलब है कि रणनीतिक जानकार इसे जंग के “नए भूगोल” की शुरुआत मान रहे हैं, जहां संघर्ष अब पहले से कहीं ज्यादा बड़े इलाके में फैल सकता है।

दुबई में भी हलचल, नेताओं की चेतावनी से बढ़ी चिंता

इस बीच, संयुक्त अरब अमीरात के शहर दुबई में भी तनाव का माहौल देखने को मिला। कई इलाकों में जोरदार धमाकों की आवाज सुनी गई, जिसके बाद एयर डिफेंस सिस्टम को सक्रिय किया गया। अधिकारियों ने साफ किया कि,

एक संभावित हवाई खतरे को समय रहते नाकाम कर दिया गया। लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें।

हालांकि, इन घटनाओं ने खाड़ी देशों में डर का माहौल जरूर बना दिया है, खासकर पर्यटन और सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। उधर, भारत के पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी ने इस पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि,

अगर ईरान ने वास्तव में इतना दूर हमला करने की कोशिश की है, तो यह युद्ध के दायरे को काफी बढ़ा देता है।

ये भी पढ़ें: ईरान से बढ़ते युद्ध के बीच इजराइल का बड़ा फैसला, 827 मिलियन डॉलर का आपात रक्षा बजट मंजूर

वहीं, ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने ब्रिटेन की आलोचना करते हुए कहा है कि,

ब्रिटिश सरकार अपने ही नागरिकों के खिलाफ फैसले ले रही है। अगर ब्रिटेन ने अपने सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ किया, तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।

अराघची ने यह भी कहा कि ईरान अपने आत्मरक्षा के अधिकार का इस्तेमाल करने से पीछे नहीं हटेगा। हालांकि हालात अभी नियंत्रण में बताए जा रहे हैं, लेकिन जिस तरह से यह संघर्ष मिडिल ईस्ट से निकलकर हिंद महासागर और खाड़ी देशों तक पहुंच रहा है, उससे आने वाले दिनों में और बड़े घटनाक्रम की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

Jai Jagdamba News Whatsapp