बिहार में आधी रात बड़ा रेल हादसा, नदी में गिरे मालगाड़ी के डब्बे, दिल्ली-हावड़ा रूट ठप
Jamui Train Accident: बिहार में एक बार फिर रेल यात्रियों के लिए परेशानी भरी खबर सामने आई है। दिल्ली-हावड़ा मेन लाइन पर हुए जमुई रेल हादसे ने पूरे रेल नेटवर्क को हिला कर रख दिया है। बता दें कि जसीडीह-झाझा रेलखंड पर मालगाड़ी के डिरेल होते ही अप और डाउन दोनों लाइनें पूरी तरह ठप हो गईं, जिससे करीब 30 से अधिक ट्रेनें प्रभावित हुई हैं। कई ट्रेनों को डायवर्ट किया गया है, जबकि 4 ट्रेनों को रद्द करना पड़ा है।
जमुई रेल हादसा: रात के सन्नाटे में डिरेल हुई मालगाड़ी, दिल्ली-हावड़ा रेल मार्ग ठप
गौरतलब है कि बिहार के जमुई जिले में 28 दिसंबर 2025 की तड़के एक बड़ा रेल हादसा उस वक्त हुआ, जब सिमुलतला के टेलवा बाजार होटल के पास बडुआ नदी पुल संख्या 676 के समीप जसीडीह-झाझा रेलखंड पर सीमेंट से लदी मालगाड़ी अचानक पटरी से उतर गई।
शनिवार और रविवार की दरमियानी रात करीब साढ़े ग्यारह बजे हुए इस हादसे में मालगाड़ी के कई डिब्बे सीधे नदी में जा गिरे, जिससे अप और डाउन दोनों लाइनें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। राहत की बात यह रही कि किसी तरह की जानमाल की क्षति की सूचना नहीं है, लेकिन ट्रैक टूटने से दिल्ली-हावड़ा मुख्य रेल मार्ग पूरी तरह प्रभावित हो गया।
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हालात ऐसे बने कि दिल्ली, पटना और हावड़ा रूट की सैकड़ों ट्रेनें या तो रास्ते में रोक दी गईं या फिर दूसरे मार्गों से मोड़नी पड़ीं। कई मेल, एक्सप्रेस और यात्री ट्रेनें घंटों तक स्टेशनों पर खड़ी रहीं, जिससे बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों समेत हजारों यात्री बीच सफर में ही फंस गए।
Jamui Train Accident से प्रभावित ट्रेन
जमुई रेल हादसे (Jamui Train Accident) के बाद रेलवे का संचालन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। डिरेलमेंट की वजह से कई अहम ट्रेनों के मार्ग बदल दिए गए हैं, जिनमें NLS-हावड़ा एक्सप्रेस, PNB-हावड़ा एक्सप्रेस, रांची-हावड़ा एक्सप्रेस, राजेंद्र नगर-हावड़ा एक्सप्रेस, देहरादून-हावड़ा एक्सप्रेस
इसके अलावा आरा-दुर्ग एक्सप्रेस, भुवनेश्वर-बरौनी एक्सप्रेस, जिगिना-टाटा एक्सप्रेस, हैदराबाद-रक्सौल एक्सप्रेस और राउरकेला-जयनगर एक्सप्रेस शामिल हैं।
बता दें कि इन सभी ट्रेनों को अब गया, धनबाद, आसनसोल, पाकुड़ और क्यूल जैसे वैकल्पिक मार्गों से चलाया जा रहा है, जिससे यात्रा का समय काफी बढ़ गया है। खास बात यह है कि रूट बदलने के कारण यात्रियों को लंबा इंतजार, स्टेशन पर भीड़ और तय समय से देर से पहुंचने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, जिससे सफर बेहद परेशानी भरा हो गया है।
4 ट्रेनें पूरी तरह रद्द
जमुई ट्रेन हादसे में डिरेलमेंट की वजह से 28 दिसंबर 2025 को चार ट्रेनें पूरी तरह रद्द कर दी गई हैं, जिनमें मोकामा-जसीडीह, जसीडीह-झाझा, जसीडीह-किऊल और झाझा-धनबाद पैसेंजर शामिल हैं। खास बात है कि यात्रियों को राहत देने के लिए रेलवे ने टिकट रिफंड और वैकल्पिक यात्रा व्यवस्था के निर्देश जारी किए हैं।
Short Terminate और Short Origin ट्रेनें
वहीं, कुछ ट्रेनों को बीच रास्ते में ही समाप्त या वहीं से शुरू किया गया है। जैसे पाटलिपुत्र-जसीडीह और पाटलिपुत्र-धनबाद ट्रेन को झाझा में समाप्त किया गया, जबकि BWN-झाझा ट्रेन को जसीडीह में ही रोक दिया गया। इसके अलावा 28 दिसंबर को चलने वाली भुवनेश्वर-गोरखपुर ट्रेन को किऊल में समाप्त किया गया।
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हालांकि रेलवे लगातार यात्रियों को सूचना दे रहा है, लेकिन इस हादसे के कारण रेल सफर अभी भी पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाया है।
रेलवे ने यात्रियों के लिए जारी की एडवाइजरी
रेलवे ने यात्रियों के लिए जरूरी एडवाइजरी जारी करते हुए बताया है कि हादसे के बाद पूर्व मध्य रेलवे और पूर्वी रेलवे की टीमें मौके पर मौजूद हैं और तेजी से ट्रैक मरम्मत का काम किया जा रहा है। ट्रेनों से जुड़ी हर अपडेट यात्रियों तक पहुंचाने के लिए रेलवे का सूचना प्रबंधन तंत्र, हेल्पलाइन नंबर 139, स्टेशन पर पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम, बल्क संदेश सेवा और यात्री सूचना प्रणाली का लगातार इस्तेमाल किया जा रहा है।
रेलवे ने यात्रियों से साफ तौर पर अपील की है कि सफर पर निकलने से पहले 139 पर कॉल करके या अपने नजदीकी रेलवे स्टेशन से संपर्क कर ट्रेन की ताजा स्थिति की पुष्टि जरूर कर लें, ताकि रास्ते में किसी तरह की परेशानी से बचा जा सके।
