8 लाख कर्ज लेकर दिल्ली जा रहे संजय समेत 7 लोगों की मौत, झारखंड के चतरा में एयर एंबुलेंस विमान दुर्घटनाग्रस्त

8 लाख कर्ज लेकर दिल्ली जा रहे संजय समेत 7 लोगों की मौत, झारखंड के चतरा में एयर एंबुलेंस विमान दुर्घटनाग्रस्त

Jharkhand Air Ambulance Crash: झारखंड से आई इस खबर ने हर किसी का दिल दहला दिया है। लातेहार जिले के चंदवा के रहने वाले 41 वर्षीय होटल संचालक संजय कुमार कुछ दिन पहले अपने ही होटल में हुए शॉर्ट सर्किट की आग में बुरी तरह झुलस गए थे। उनका शरीर करीब 65 प्रतिशत तक जल चुका था। रांची के देवकमल अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था, लेकिन हालत नाजुक बनी हुई थी।

डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए उन्हें दिल्ली रेफर करने की सलाह दी। बता दें की परिवार आर्थिक रूप से मजबूत नहीं था। इसके बावजूद रिश्तेदारों से उधार लेकर 8 लाख रुपये जुटाए गए। इसी रकम से एयर एंबुलेंस की व्यवस्था की गई ताकि उन्हें दिल्ली के गंगाराम अस्पताल पहुंचाया जा सके।

रांची से उड़ान, आधे घंटे में टूटा संपर्क

एयर एंबुलेंस के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा बीचक्राफ्ट सी 90 विमान शाम 7 बजकर 11 मिनट पर रांची से उड़ा। उड़ान के कुछ ही देर बाद मौसम खराब होने लगा। जानकारी के मुताबिक पायलट ने रास्ता बदलने की अनुमति भी मांगी।

नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) के अनुसार, शाम 7 बजकर 34 मिनट पर कोलकाता से संपर्क और रडार संकेत अचानक टूट गए। यह घटना वाराणसी से लगभग 100 नॉटिकल मील दक्षिण-पूर्व दिशा में हुई। उस समय इलाके में तेज आंधी और गरज के साथ बारिश हो रही थी।

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चतरा के जंगल में मिला मलबा, सात लोगों की मौत

विमान चतरा जिले के सिमरिया क्षेत्र के जंगल में गिरा। रात करीब 10 बजे हादसे की सूचना मिली। दुर्गम इलाका होने के कारण राहत टीम को मौके तक पहुंचने में कठिनाई हुई। जब तक बचाव दल पहुंचा, तब तक सब कुछ खत्म हो चुका था।

इस विमान में कुल सात लोग सवार थे। संजय कुमार, उनकी पत्नी अर्चना, एक रिश्तेदार ध्रुव, दो क्रू मेंबर और अस्पताल का स्टाफ। दुखद बात यह है कि विमान दुर्घटना में सभी की मौत हो गई।

8 लाख का कर्ज, लेकिन नहीं बच सकी जिंदगी

संजय के भाई अजय, जो हरियाणा सरकार में नौकरी करते हैं, ने बताया कि उनका परिवार बेहद साधारण पृष्ठभूमि से आता है। इतने बड़े कर्ज का फैसला उन्होंने सिर्फ इसलिए लिया क्योंकि उन्हें उम्मीद थी कि दिल्ली में बेहतर इलाज से संजय की जान बच जाएगी। हालाकी किस्मत ने साथ नहीं दिया।

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यह हादसा सिर्फ एक विमान दुर्घटना नहीं, बल्कि एक परिवार की आखिरी उम्मीद के टूटने की कहानी है। एक तरफ अस्पताल में जिंदगी बचाने की जंग, दूसरी तरफ खराब मौसम और अचानक हुआ संपर्क टूटना। अब DGCA इस पूरे मामले की जांच कर रहा है। रिपोर्ट आने के बाद ही हादसे की असली वजह साफ होगी।

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