देश में गैस की कमी से बढ़ा संकट, दो दिन में बंद हो सकते हैं कई होटल और रेस्टोरेंट
LPG Crisis India: देश में एलपीजी गैस की कमी का असर अब साफ दिखाई देने लगा है। खासकर होटल और रेस्टोरेंट उद्योग पर इसका दबाव तेजी से बढ़ रहा है। उद्योग से जुड़े संगठनों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो कई शहरों में रेस्टोरेंट बंद करने की नौबत आ सकती है।
गौरतलब है कि कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई में देरी और कीमतों में बढ़ोतरी से हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। हालांकि सरकार का कहना है कि घरेलू गैस की जरूरतों को प्राथमिकता दी जा रही है।
मुंबई में रेस्टोरेंट बंद होने की आशंका
होटल और रेस्टोरेंट इंडस्ट्री से जुड़े संगठनों ने गैस की कमी को लेकर गंभीर चिंता जताई है। इंडिया होटल्स एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन (AHAR) के अध्यक्ष विजय शेट्टी ने कहा है कि,
यदि एलपीजी की सप्लाई जल्द सामान्य नहीं हुई तो अगले दो दिनों में मुंबई के कई रेस्टोरेंट बंद हो सकते हैं।
बता दें कि फिलहाल एसोसिएशन से जुड़े लगभग 10 से 20 प्रतिशत रेस्टोरेंट गैस की कमी का सामना कर रहे हैं। हालांकि स्थिति तेजी से बिगड़ रही है और मंगलवार तक यह संकट करीब 60 प्रतिशत रेस्टोरेंट तक पहुंच सकता है। विजय शेट्टी का कहना है कि,
यदि हालात ऐसे ही बने रहे तो अगले दिन तक लगभग सभी रेस्टोरेंट प्रभावित हो सकते हैं। इस मुद्दे को लेकर पेट्रोलियम मंत्री को पत्र लिखा गया है और महाराष्ट्र के सिविल सप्लाई मंत्री छगन भुजबल से भी संपर्क किया गया है।
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कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी
कमर्शियल सिलेंडर की कमी के साथ-साथ इसकी कीमत भी बढ़ने लगी है। मुंबई के मुलुंड इलाके में होटल सागर चलाने वाली अन्नू शेट्टी ने बताया कि,
कई जगहों पर सिलेंडर की सप्लाई पूरी तरह रुक गई है। जहां सिलेंडर मिल भी रहे हैं, वहां कीमत पहले से ज्यादा ली जा रही है। जो कमर्शियल सिलेंडर पहले करीब 1750 रुपये में मिलता था, अब उसकी कीमत लगभग 1950 रुपये तक पहुंच गई है।
लिहाजा सप्लाई कम होने और कीमत बढ़ने के कारण होटल और रेस्टोरेंट संचालकों के सामने बड़ी परेशानी खड़ी हो गई है।
सरकार ने घरेलू गैस सप्लाई को दी प्राथमिकता
एलपीजी संकट को देखते हुए पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने भी बयान जारी किया है। मंत्रालय के अनुसार वैश्विक स्तर पर पैदा हुई जियोपॉलिटिकल परिस्थितियों और सप्लाई चेन में आई रुकावटों के कारण गैस की उपलब्धता प्रभावित हुई है।
हालांकि सरकार ने तेल रिफाइनरियों को उत्पादन बढ़ाने का निर्देश दिया है ताकि घरेलू जरूरतों को पूरा किया जा सके। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि फिलहाल घरेलू एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई को प्राथमिकता दी जा रही है।
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जमाखोरी और ब्लैक मार्केटिंग रोकने के लिए 25 दिन का इंटर-बुकिंग पीरियड लागू किया गया है। इसका मतलब यह है कि एक सिलेंडर बुक करने के बाद अगली बुकिंग के बीच कम से कम 25 दिन का अंतर रखना होगा।
इसके अलावा इम्पोर्टेड एलपीजी से होने वाली नॉन-डोमेस्टिक सप्लाई फिलहाल अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों जैसे जरूरी सेक्टर को प्राथमिकता के आधार पर दी जा रही है।
अन्य शहरों में भी बढ़ी चिंता
यह संकट केवल मुंबई तक सीमित नहीं है। बैंगलोर और चेन्नई के होटल संगठनों ने भी एलपीजी सप्लाई को लेकर चिंता जताई है। चेन्नई होटल्स एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कमर्शियल गैस की नियमित सप्लाई सुनिश्चित करने की मांग की है। 9 मार्च 2026 को लिखे गए इस पत्र में कहा गया है कि,
यदि गैस सप्लाई बाधित होती रही तो फूड और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर पर गंभीर असर पड़ सकता है।
एसोसिएशन के अनुसार,
फूड इंडस्ट्री 24 घंटे काम करती है और यह कई महत्वपूर्ण जगहों पर भोजन उपलब्ध कराती है। इसमें अस्पताल, आईटी पार्क, कॉलेज हॉस्टल, ट्रेन यात्रियों और बिजनेस ट्रैवलर्स को भोजन उपलब्ध कराना शामिल है।
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चेन्नई होटल्स एसोसिएशन के अध्यक्ष एम रवि ने बताया कि,
उनके पास फिलहाल सिर्फ दो दिन की गैस सप्लाई बची है। हालांकि सरकार इस समस्या को हल करने के लिए कदम उठा रही है।
घरेलू उपभोक्ताओं पर भी दिखने लगा असर
गैस की कमी का असर अब आम लोगों तक भी पहुंचने लगा है। जिन घरों में दो सिलेंडर की सुविधा है, वहां लोग पहले से ही रिफिल बुक कराने लगे हैं। इसके कारण गैस एजेंसियों पर भीड़ बढ़ गई है। हालांकि घरेलू 14.2 किलोग्राम के सिलेंडर अभी उपलब्ध हैं, लेकिन उनकी डिलीवरी में देरी हो रही है। कई जगहों पर लोगों को गैस मिलने में 2 से 8 दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है।
कुछ लोगों द्वारा घरेलू सिलेंडर का इस्तेमाल रेस्टोरेंट में करने की संभावना भी जताई जा रही है, लेकिन गैस डीलरों का कहना है कि यह पूरी तरह गैरकानूनी है।
सूत्रों के मुताबिक सरकार ने इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को घरेलू जरूरतों को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही सरकार अल्जीरिया, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और नॉर्वे जैसे देशों से अतिरिक्त एलपीजी सप्लाई के विकल्प तलाश रही है।
