बिहार की सियासत में बड़ा उलटफेर! राज्यसभा सांसद बने नीतीश कुमार, अब कौन होगा नया मुख्यमंत्री?

बिहार की सियासत में बड़ा उलटफेर! राज्यसभा सांसद बने नीतीश कुमार, अब कौन होगा नया मुख्यमंत्री?

बिहार की राजनीति में अचानक बड़ा मोड़ आ गया है। नीतीश कुमार ने राज्यसभा की शपथ लेकर साफ संकेत दे दिया है कि अब सत्ता में बदलाव तय है। हालांकि, उन्होंने खुद कहा है कि वह जल्द ही मुख्यमंत्री पद छोड़ देंगे, जिससे सियासी हलचल और तेज हो गई है। गौरतलब है कि अब सबकी नजर 14 अप्रैल पर टिकी है, जब नए मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान हो सकता है। आखिर बिहार की कमान अब किसके हाथ में जाएगी?

राज्यसभा सदस्य बने नीतीश कुमार, जल्द छोड़ेंगे मुख्यमंत्री पद

नीतीश कुमार ने शुक्रवार को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ (Nitish Kumar Rajya Sabha Oath) ले ली है। यह शपथ उन्हें राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने अपने कक्ष में दिलाई। यह एक संक्षिप्त लेकिन अहम समारोह था, जिसमें कई बड़े नेता मौजूद रहे।

इस मौके पर बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा और सम्राट चौधरी के साथ-साथ बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल भी शामिल हुए। इसके अलावा जेडीयू नेता संजय कुमार झा, कांग्रेस नेता जयराम रमेश और बीजेपी सांसद राजीव प्रताप रूडी भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।

हालांकि, इस शपथ के साथ ही यह साफ संकेत मिल गया है कि नीतीश कुमार अब बिहार की सत्ता से जल्द ही बाहर हो सकते हैं।

दिल्ली में नई जिम्मेदारी, खुद नीतीश कुमार ने दिया संकेत

शपथ लेने से एक दिन पहले ही नीतीश कुमार दिल्ली पहुंचे थे। यहां उन्होंने मीडिया से बातचीत में साफ कहा कि अब वह बिहार की जिम्मेदारी छोड़कर दिल्ली में काम करना चाहते हैं। नीतीश कुमार ने कहा,

मैंने बिहार में बहुत काम किया है। अब मुझे यहां रहकर काम करना चाहिए। मैं जल्द ही वहां से हट जाऊंगा और नए लोग मुख्यमंत्री और मंत्री बनेंगे।

नीतीश कुमार के अनुसार उन्होंने बिहार में काफी काम कर लिया है और अब उन्हें लगता है कि उन्हें केंद्र की राजनीति में सक्रिय रहना चाहिए। लिहाजा अगले तीन से चार दिनों में वे मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे देंगे।

14 अप्रैल को हो सकता है नए मुख्यमंत्री का ऐलान

नीतीश कुमार के इस फैसले के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। सूत्रों के अनुसार, एनडीए गठबंधन 14 अप्रैल को अपने नए नेता का चयन कर सकता है। हालांकि अभी तक किसी नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन राजनीतिक हलकों में इसको लेकर चर्चा तेज है।

माना जा रहा है कि बीजेपी और जेडीयू के बीच सहमति से नया चेहरा सामने लाया जाएगा। नीतीश कुमार बिहार के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने वाले नेताओं में शामिल हैं। उन्होंने 1985 में अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत विधायक के रूप में की थी और बाद में अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में केंद्रीय मंत्री भी रहे।

साल 2005 में पहली बार वह बिहार के मुख्यमंत्री बने और उसके बाद कई बार इस पद पर रहे। अब उनके दिल्ली जाने के फैसले के बाद बिहार की राजनीति एक नए दौर में प्रवेश करने जा रही है।

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