गिरफ्तारी के बाद बिगड़ी पूर्णिया सांसद पप्पू यादव की तबीयत, PMCH रेफर
Pappu Yadav Health Issue: बिहार की राजनीति में एक बार फिर बड़ा भूचाल आया है। पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव की अचानक हुई गिरफ्तारी ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। गिरफ्तारी के तुरंत बाद उनकी तबीयत बिगड़ने की खबर सामने आई, जिसके चलते पुलिस उन्हें सीधे थाने ले जाने के बजाय मेडिकल जांच के लिए अस्पताल लेकर पहुंची।
बता दें कि पटना में पुलिस टीम ने मंदिरी स्थित पप्पू यादव के आवास से कई घंटे की मशक्कत के बाद उन्हें हिरासत में लिया। इस पूरे घटनाक्रम के बाद पप्पू यादव की सेहत और गिरफ्तारी को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं और मामला राज्य की राजनीति में बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है।
1995 का पुराना मामला, कोर्ट की सख्ती के बाद हुई गिरफ्तारी
पुलिस विभाग के अनुसार,
यह मामला वर्ष 1995 में गर्दनीबाग थाने में दर्ज किया गया था, जिसमें शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि उनका मकान धोखे से किराए पर लिया गया और बाद में उसे सांसद कार्यालय के रूप में इस्तेमाल किया गया, जबकि किराया लेते समय मकान मालिक को यह जानकारी नहीं दी गई थी कि वहां राजनीतिक कार्यालय चलेगा।
इस मामले में अदालत में लगातार पेश न होने के कारण पहले पप्पू यादव के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया, फिर इश्तेहार चस्पा करने का आदेश दिया गया और इसके बावजूद भी पेशी नहीं होने पर कोर्ट ने संपत्ति कुर्क करने का अंतिम आदेश दे दिया, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज करते हुए आखिरकार गिरफ्तारी को अंजाम दिया।
गिरफ्तारी पर पप्पू यादव का बड़ा आरोप
गिरफ्तारी के दौरान पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि,
उन्हें इस बात की आशंका थी कि पुलिस उन्हें नुकसान पहुंचा सकती है। वे सीधे अदालत जाएंगे, न कि थाने, क्योंकि उन्हें पुलिस पर भरोसा नहीं था।
पप्पू यादव ने यह भी दावा किया कि पुलिस सिविल कपड़ों में उनके आवास पर पहुंची थी और उनके साथ ऐसा व्यवहार किया गया, जैसे वे कोई अपराधी हों।
गिरफ्तारी के बाद बिगड़ी पप्पू यादव की तबीयत
गिरफ्तारी के बाद पप्पू यादव को पटना के इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (IGIMS) लाया गया। यहां से उनकी सेहत को लेकर जो तस्वीर सामने आई, उसने कई सवाल खड़े कर दिए। बता दें कि अस्पताल में उन्हें काफी देर तक स्ट्रेचर पर ही रखा गया और तुरंत बेड नहीं मिल पाया, जिसको लेकर कई तरह के सवाल उठने लगे।
हालाकी इस पूरे मामले पर अस्पताल प्रशासन की ओर से कोई साफ बयान नहीं आया। हालत को देखते हुए बाद में उन्हें आगे की जांच और इलाज के लिए पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल भेजा गया। इस घटनाक्रम के बाद पप्पू यादव की सेहत से जुड़ा मामला सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक चर्चा का विषय बन गया और लोग पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं।
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फिलहाल पुलिस उन्हें कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई के लिए ले गई है। करीब तीन दशक पुराने इस मामले में हुई ताजा कार्रवाई को बिहार की राजनीति में अहम घटनाक्रम माना जा रहा है। गौरतलब है कि पप्पू यादव एक मुखर नेता रहे हैं और ऐसे में उनकी गिरफ्तारी और और बिगड़ती तबीयत आने वाले दिनों में सियासी बहस को और तेज कर सकता है।
