PM E-Drive Yojna: देशभर में खुलेंगे 72,300 EV चार्जिंग स्टेशन, मिलेगा 80% सब्सिडी,जानें पूरी गाइडलाइन
PM E-Drive Yojna: केंद्र सरकार ने पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत देशभर में ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को नया आयाम देने की तैयारी शुरू कर दी है। खास बात है की, इस योजना के तहत लगभग 72,300 पब्लिक ईवी चार्जिंग स्टेशन (EV Charging Station) खोलने के लिए दिशानिर्देश जारी किए गए हैं।
बता दें की इससे न सिर्फ शहरों और राजमार्गों में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए कवरेज बढ़ेगी, बल्कि देश की क्लीन मोबिलिटी को भी मजबूती मिलेगी। आइए जानते हैं कि कौन खोल सकता है ये स्टेशन, किसे मिलेगी सब्सिडी और क्या हैं सरकार की नई गाइडलाइन।
PM E-Drive Yojna: कौन खोल सकता है ईवी चार्जिंग स्टेशन?
PM E-Drive Yojna के तहत EV Charging Station खोलने की प्रक्रिया बेहद सरल और पारदर्शी बनाई गई है। मंत्रालय, केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम (CPSU), राज्य सरकारें, केंद्र शासित प्रदेश और उनके सार्वजनिक उपक्रम इस योजना के तहत चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए आवेदन कर सकते हैं। इन संस्थाओं द्वारा नियुक्त नोडल एजेंसी डिमांड का आकलन करेगी और सबसे उपयुक्त स्थानों की पहचान करेगी।
संस्थाएं चाहें तो खुद चार्जिंग स्टेशन स्थापित और संचालित कर सकती हैं या इसके लिए चार्ज पॉइंट ऑपरेटर (CPO) को भी नियुक्त कर सकती हैं। खास बात है की, योजना में 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहर, स्मार्ट शहर, राज्य/केंद्र शासित प्रदेश की राजधानियां, महानगरों के उपनगर और राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के अंतर्गत आने वाले शहरों को प्राथमिकता दी गई है।
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इसके अलावा, PM E-Drive Yojna में उच्च वाहन घनत्व वाले औद्योगिक केंद्र, बंदरगाह और इंटर-सिटी तथा इंटर-स्टेट राजमार्गों पर EV Charging Station खोलने की भी सिफारिश की गई है। गौरतलब है की, इससे न सिर्फ शहरों में ईवी अवसंरचना बढ़ेगी बल्कि लंबी दूरी की यात्रा करने वाले इलेक्ट्रिक वाहन चालक भी सुरक्षित और सुविधाजनक चार्जिंग का लाभ उठा सकेंगे।
सब्सिडी, प्राथमिक क्षेत्र और सरकारी समर्थन की पूरी जानकारी
बता दें की, पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के लिए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। खास बात है की, सरकारी कार्यालय, आवासीय परिसर, अस्पताल और शैक्षणिक संस्थानों में जहां आम लोग अपने ईवी चार्ज कर सकें, वहां बुनियादी ढांचे और उपकरणों पर 100% सब्सिडी दी जाएगी।
हालाकी, सिर्फ सरकारी परिसरों तक ही सीमित नहीं, बल्कि हवाई अड्डे, रेलवे स्टेशन, बस डिपो, मेट्रो स्टेशन और सार्वजनिक तेल आउटलेट जैसे परिवहन केंद्रों को बुनियादी ढांचे की लागत का 80% और उपकरणों की लागत का 70% सब्सिडी मिलेगी। इसके अलावा, शॉपिंग मॉल, बाजार और शहर की सड़कों के लिए भी 80% सहायता प्रदान की जाएगी।
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बैटरी स्वैपिंग और चार्जिंग स्टेशनों को भी समान समर्थन मिलेगा। गौरतलब है की, इस योजना का उद्देश्य न केवल सार्वजनिक परिवहन को स्वच्छ और टिकाऊ बनाना है, बल्कि शहरों और राजमार्गों पर इलेक्ट्रिक वाहनों की पहुंच बढ़ाकर देश को हरित और सतत मोबिलिटी की दिशा में अग्रसर करना भी है।
PM ई-ड्राइव योजना की विशेष बातें
| विशेष बातें | विवरण |
|---|---|
| कुल चार्जिंग स्टेशन | लगभग 72,300 |
| योजना का बजट | ₹10,900 करोड़ |
| चार्जिंग स्टेशन के लिए आवंटित राशि | ₹2,000 करोड़ |
| प्रोजेक्ट इम्प्लीमेंटेशन एजेंसी (PIA) | भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) |
| सब्सिडी वितरण | दो चरणों में वितरित होगी |
| उद्देश्य | चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाना और देश में इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को तेजी से बढ़ावा देना |
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