Shadowfax IPO: GMP ने बढ़ाया निवेशकों का उत्साह, ₹139 तक हो सकती है लिस्टिंग, निवेश से पहले जान लें हर डिटेल
Shadowfax IPO 2026: भारत के तेजी से बढ़ते लॉजिस्टिक्स सेक्टर में से एक बेंगलुरु की जानी-मानी लास्ट-माइल डिलीवरी कंपनी Shadowfax Technologies अपना IPO अगले हफ्ते लॉन्च करने जा रही है और इससे पहले ही ग्रे मार्केट में जबरदस्त हलचल दिख रही है। अभी से ही GMP करीब 12% के संभावित लिस्टिंग गेन का संकेत दे रहा है, जिससे निवेशकों में काफी उत्साह नजर आ रहा है।
Shadowfax Technologies IPO की अहम तारीखें और प्राइस बैंड
बता दें की Shadowfax Technologies IPO निवेशकों के लिए 20 जनवरी 2026 को खुलेगा और 22 जनवरी 2026 तक बोली लगाई जा सकेगी। कंपनी ने इसका प्राइस बैंड ₹118 से ₹124 प्रति शेयर तय किया है, वहीं शेयरों का अलॉटमेंट 23 जनवरी को होने की संभावना है और 28 जनवरी 2026 को BSE और NSE पर लिस्टिंग हो सकती है।
रिटेल निवेशकों के लिए 120 शेयरों का एक लॉट रखा गया है, यानी अपर प्राइस बैंड पर निवेश करने के लिए कम से कम ₹14,880 की जरूरत होगी, जो आम निवेशकों के लिए इसे काफी एक्सेसिबल बनाता है।
ये भी पढ़ें: Shiprocket ला रही है ₹2,342 करोड़ का IPO, जानिए कंपनी का बिजनेस मॉडल और बाकी डिटेल
Shadowfax IPO GMP
16 जनवरी 2026 तक Shadowfax IPO GMP करीब ₹15 प्रति शेयर चल रहा है, जो निवेशकों के बीच अच्छी-खासी चर्चा में है। अगर कंपनी के ₹124 के अपर प्राइस बैंड को देखें, तो ग्रे मार्केट के हिसाब से शेयर की संभावित लिस्टिंग करीब ₹139 के आसपास मानी जा रही है। इसका सीधा मतलब है कि लिस्टिंग के दिन निवेशकों को लगभग 12% तक का फायदा मिल सकता है।
हालाकी यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि GMP कोई पक्का या आधिकारिक पैमाना नहीं होता, यह बाजार के मूड पर निर्भर करता है और इसमें कभी भी तेजी या गिरावट देखने को मिल सकती है।
Shadowfax IPO का स्ट्रक्चर
बता दें की Shadowfax का IPO दो हिस्सों में पेश किया गया है, जिससे कंपनी और निवेशक दोनों को फायदा मिलने की उम्मीद है। इसमें ₹1,000 करोड़ का फ्रेश इश्यू शामिल है, जिसके तहत 8.06 करोड़ नए शेयर जारी किए जाएंगे, ताकि कंपनी अपने बिजनेस विस्तार और नेटवर्क को मजबूत कर सके।
वहीं दूसरी ओर, ₹907.27 करोड़ का ऑफर फॉर सेल (OFS) भी रखा गया है, जिसमें 7.32 करोड़ शेयर मौजूदा शेयरधारक बेचेंगे। खास बात है की इस स्ट्रक्चर से जहां Shadowfax को ग्रोथ के लिए ताजा पूंजी मिलेगी, वहीं पुराने निवेशकों को आंशिक रूप से बाहर निकलने का मौका भी मिलेगा।
ये भी पढ़ें: 60 साल बाद वॉरेन बफेट ने दिया इस्तीफा, अब कौन संभालेगा दुनिया के सबसे बड़े निवेश कंपनी का कमान
IPO से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल कंपनी कहाँ करेगी?
बता दें की Shadowfax IPO से जुटाई गई रकम को कंपनी अपने बिजनेस को और मजबूत करने में लगाएगी। इसमें से करीब ₹423.43 करोड़ लॉजिस्टिक्स नेटवर्क के विस्तार और जरूरी कैपेक्स पर खर्च होंगे, ताकि डिलीवरी सिस्टम पहले से ज्यादा तेज हो सके। वहीं ₹138.64 करोड़ नए first-mile, last-mile और sortation सेंटर्स के लीज भुगतान में इस्तेमाल किए जाएंगे।
कंपनी ₹88.57 करोड़ ब्रांडिंग, मार्केटिंग और कम्युनिकेशन पर भी खर्च करेगी, जिससे उसकी पहचान और पहुंच दोनों बढ़ेंगी। इसके अलावा बची हुई राशि से कंपनी नए inorganic acquisitions और सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों को पूरा करेगी, जिससे ऑपरेशनल एफिशिएंसी और स्केल दोनों में मजबूती आएगी।
डिलीवरी से मुनाफे तक Shadowfax Technologies का सफर
साल 2015 में शुरू हुई Shadowfax Technologies आज भारत की सबसे भरोसेमंद लॉजिस्टिक्स और last-mile delivery कंपनियों में शामिल हो चुकी है। कंपनी 2,500 से ज्यादा शहरों और 18,000 से अधिक पिन कोड में अपनी सेवाएं देती है और रोजाना 20 लाख से ज्यादा पार्सल डिलीवर करने की क्षमता रखती है।
same-day और next-day डिलीवरी से लेकर doorstep exchange और quick commerce तक, Shadowfax कई शहरों में 30 से 60 मिनट में डिलीवरी कर रही है, वहीं कुछ इलाकों में यह समय सिर्फ 10 मिनट तक सिमट गया है।
ये भी पढ़ें: 13 जनवरी को खुलेगा Amagi Media Labs का ₹1788 करोड़ का इश्यू, जानें IPO और कंपनी की पूरी जानकारी
Shadowfax का वित्तीय प्रदर्शन
इसका फाइनेंशियल प्रदर्शन भी भरोसा बढ़ाता है, जहां FY25 में कंपनी की आय बढ़कर ₹2,515 करोड़ पहुंच गई और EBITDA में 410% की जबरदस्त छलांग के साथ ₹56 करोड़ दर्ज किया गया। कंपनी FY25 में ₹6 करोड़ के मुनाफे में भी आ गई है, जो इसके स्केलेबल बिजनेस मॉडल को दिखाता है।
हालाकी IPO को ICICI Securities, Morgan Stanley India और JM Financial जैसे दिग्गज मैनेज कर रहे हैं और रजिस्ट्रार KFin Technologies है, फिर भी निवेश से पहले बाजार की प्रतिस्पर्धा को समझते हुए फाइनेंशियल सलाह लेना समझदारी होगी।