अयोध्या में वर्ल्ड क्लास म्यूजियम से लेकर राज्य में 5 लाख करोड़ का निवेश, योगी कैबिनेट में कई फैसलों पर मंजूरी

अयोध्या में वर्ल्ड क्लास म्यूजियम से लेकर राज्य में 5 लाख करोड़ का निवेश, योगी कैबिनेट में कई फैसलों पर मंजूरी

UP Cabinet Decisions 2025: सीएम योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में लोकभवन में हुई ताज़ा कैबिनेट बैठक यूपी के लिए कई ऐतिहासिक फैसले लेकर आई है। खास बात है कि इस बैठक में रखे गए 21 प्रस्तावों में से 20 को मंजूरी दी गई, जिनमें अयोध्या, वाराणसी, कानपुर और बरेली जैसे बड़े शहरों से जुड़े बड़े निर्णय शामिल हैं। इन फैसलों का सीधा असर धार्मिक पर्यटन, खेल इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वास्थ्य सुविधाओं और दिव्यांगजन कल्याण पर पड़ेगा।

UP Cabinet Decisions 2025: अयोध्या में बनेगा विश्वस्तरीय मंदिर संग्रहालय

हालाकि इस कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले शामिल थे, लेकिन सबसे बड़ा फैसला अयोध्या से जुड़ा रहा। सरकार ने विश्वस्तरीय मंदिर संग्रहालय (Temple Museum) के निर्माण के लिए जमीन हस्तांतरण को मंजूरी दे दी है। बता दें कि पहले टाटा एंड संस को 25 एकड़ जमीन दी गई थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर कुल 52.102 एकड़ नजूल भूमि कर दिया गया है।

गौरतलब है कि अयोध्या में बनने वाला यह संग्रहालय दुनिया में अपनी तरह का अनोखा होगा। इसमें मंदिर वास्तुकला, धार्मिक इतिहास और सांस्कृतिक धरोहर को आधुनिक तकनीक के साथ प्रदर्शित किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे अयोध्या वैश्विक धार्मिक पर्यटन का केंद्र बन जाएगी।

वाराणसी के सिगरा स्टेडियम को हाई-टेक बनाने की तैयारी

UP Cabinet Decisions 2025 में वाराणसी के डॉ. संपूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम, सिगरा को पूरी तरह हाई-टेक बनाने की मंजूरी मिल चुकी है और बता दें कि इस फैसले के बाद यहां खेल सुविधाओं में जबरदस्त बदलाव देखने को मिलेंगे। नए समझौते के बाद स्टेडियम में आधुनिक खेल ढांचा तैयार होगा, जिसमें एथलेटिक्स और इंडोर गेम्स के लिए बेहतर सुविधा, नया जिम, आधुनिक रनिंग ट्रैक और बड़े इवेंट आयोजित करने की क्षमता शामिल होगी।

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गौरतलब है कि इन अपग्रेड्स के बाद युवा खिलाड़ियों को इंटरनेशनल स्तर का प्रशिक्षण और माहौल मिलेगा, जिससे वाराणसी खेल प्रतिभाओं का एक बड़ा केंद्र बनकर उभरेगा।

कानपुर में मल्टी-स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के लिए जमीन मंजूर

कानपुर में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। UP Cabinet Decisions 2025 में कानपुर विकास प्राधिकरण को 45,000 वर्ग मीटर नजूल भूमि हस्तांतरित करने का प्रस्ताव पास किया गया है। खास बात है कि इस हाई-टेक अस्पताल के बनने से लोगों को सुपर-स्पेशियलिटी इलाज, आधुनिक मेडिकल टेक्नोलॉजी और बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।

इसके साथ ही आसपास के जिलों के मरीजों को भी बड़ा फायदा होगा, क्योंकि यह अस्पताल गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए एक प्रमुख उपचार केंद्र बनने जा रहा है।

पेयजल और औद्योगिक प्रोत्साहन पर भी बड़े निर्णय

कहने लायक बात है कि योगी सरकार ने इस बार पेयजल और उद्योग से जुड़े फैसलों पर भी खास जोर दिया है। कैबिनेट ने कानपुर और बरेली की महत्वपूर्ण पेयजल योजनाओं को वित्तीय हरी झंडी दे दी है। बता दें कि कानपुर में अमृत पेयजल योजना के दूसरे चरण को मंजूरी मिली है, जबकि बरेली में अमृत 2.0 योजना के तहत नई पेयजल परियोजना को स्वीकृति दी गई है।

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इससे दोनों शहरों के लाखों लोगों को साफ और निरंतर पानी उपलब्ध कराने में बड़ी मदद मिलेगी। इसी के साथ शाहजहांपुर की केडिया पल्प एंड पेपर्स और मथुरा की वृंदावन एग्रो जैसी प्रमुख औद्योगिक इकाइयों को भी योगी सरकार ने 2017 की औद्योगिक प्रोत्साहन नीति के तहत प्रोत्साहन राशि देने का फैसला किया है, जिससे दोनों क्षेत्रों में उद्योगों को नई ताकत और रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।

सड़क और पुल विकास को मिली हरी झंडी

योगी सरकार की कैबिनेट बैठक में सड़क और पुलों से जुड़ी अहम मंजूरियाँ दी गईं। बता दें कि गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर बने घाघरा पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से की अब स्थायी मरम्मत की जाएगी, जिससे लोगों की आवाजाही और भी सुरक्षित और सुगम हो जाएगी।

उत्तर प्रदेश सरकार ने पुरानी, निष्क्रिय हो चुकी टाउनशिप परियोजनाओं को खत्म करने और सिर्फ सक्रिय योजनाओं को समय पर पूरा कराने के लिए नई नीति भी मंजूर कर दी है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश अधीनस्थ पर्यटन सेवा नियमावली 2025 को भी हरी झंडी मिल गई है, जिससे पर्यटन विभाग में कार्यप्रणाली और भी बेहतर और पारदर्शी होने की उम्मीद है।

दिव्यांगजन के लिए बड़ा ऐतिहासिक फैसला

योगी सरकार ने दिव्यांगजन की सुविधा और सशक्तिकरण के लिए एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है। बता दें कि अब प्रदेश के हर मंडल मुख्यालय पर दिव्यांगजन पुनर्वास केंद्र खोले जाएंगे, और खास बात यह है कि इन केंद्रों का संचालन पूरी तरह राज्य सरकार अपने संसाधनों से करेगी।

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इन केंद्रों में फिजियोथेरेपी, स्पीच थेरेपी, मनोवैज्ञानिक परामर्श, व्यावसायिक प्रशिक्षण जैसी जरूरी सेवाएं उपलब्ध होंगी, साथ ही ज़रूरतमंद दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण भी दिए जाएंगे। गौरतलब है कि यह निर्णय न सिर्फ दिव्यांग व्यक्तियों को आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेगा बल्कि उनके जीवन की गुणवत्ता को भी काफी बेहतर करेगा।

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