308 पहियों वाला ‘महाट्रक’ पहुंचा वाराणसी, रोज खा रहा 200 लीटर डीजल; अब सामने आई नई चुनौती

308 Wheel Mega Truck: बेल्जियम से समुद्री रास्ते होते हुए ओडिशा के पारादीप बंदरगाह पहुंचा 200 टन से ज्यादा वजनी वैक्यूम बॉयलर अब उत्तर प्रदेश के बलरामपुर की ओर बढ़ रहा है। 308 पहियों वाला यह विशाल ट्रेलर सोमवार को वाराणसी पहुंच गया, लेकिन आगे बढ़ने के लिए कई जगह सड़क और रास्ते तैयार किए जा रहे हैं।
क्यों बदलना पड़ रहा रास्ता?
करीब 100 फीट लंबे और लगभग सात मीटर चौड़े इस ट्रेलर को सामान्य सड़क से निकालना आसान नहीं है। रास्ते में कई जगह सड़क की चौड़ाई कम होने के कारण पहले से तैयारी करनी पड़ रही है। वाराणसी में डाफी टोल प्लाजा के पास सड़क के बाईं ओर का हिस्सा तोड़कर रास्ता चौड़ा किया गया है।
मोहनसराय के पास ट्रेलर की ऊंचाई और चौड़ाई के कारण फुट ओवरब्रिज भी रास्ते में बाधा बन रहा था। इसे हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। रिंग रोड पर हरहुआ से संदहा के बीच मौजूद दो फुट ओवरब्रिज को हटाने का काम भी शुरू हुआ है।
इसके अलावा बिजली के तार और खंभे, स्ट्रीट लाइट तथा साइनेज बोर्ड भी रास्ते में चिह्नित किए जा रहे हैं। जरूरत के अनुसार इन्हें हटाया जा रहा है। ट्रेलर के गुजरने के बाद इन निर्माणों को दोबारा तैयार किया जाएगा।
रोजाना 200 लीटर डीजल हो रहा खर्च
इस विशाल ट्रेलर की रफ्तार सामान्य ट्रकों जैसी नहीं है। रास्ता पूरी तरह साफ नहीं होने पर यह एक दिन में करीब 10 से 12 किलोमीटर ही आगे बढ़ पा रहा है। जब पूरा रास्ता साफ मिलता है तो इसकी गति करीब 20 किलोमीटर प्रतिदिन तक पहुंच जाती है। ट्रक चालक सुरेश चंद्रा के अनुसार,
ट्रेलर को चलाने में रोज करीब 200 लीटर डीजल खर्च हो रहा है। अब तक डीजल पर दो करोड़ रुपये से अधिक खर्च होने की बात बताई गई है।
इस मेगा ट्रेलर के साथ 14 अन्य वाहन भी चल रहे हैं। इनमें एक वाहन ऊंचाई पर ट्रक को खींचने के लिए है। इसके अलावा दो जेसीबी, दो हाइड्रा, दो ट्रेलर, एक क्रेन और सिविल, मैकेनिकल तथा टेक्निकल टीम से जुड़े पांच वाहन शामिल हैं। टीम को उम्मीद है कि रास्ता साफ रहा और कोई बड़ी बाधा नहीं आई तो यह विशाल ट्रेलर नवरात्र से पहले बलरामपुर चीनी मिल पहुंच सकता है।
308 पहियों वाला ‘बाहुबली’ पहुंचा बनारस, बेल्जियम से लखीमपुर तक 200 टन की मशीन के साथ तय कर रहा सफर pic.twitter.com/Lk1gMXlHWz
— Royal Bulletin (@RoyalBulletin) September 29, 2026
ओडिशा से बिहार होते हुए वाराणसी पहुंचा मेगा ट्रक
200 टन से अधिक वजन वाला वैक्यूम बॉयलर ओडिशा के पारादीप बंदरगाह से सड़क मार्ग के जरिए रवाना हुआ था। झारखंड में यह रांची के पास नगड़ी टोल प्लाजा और पिस्का रेलवे क्रासिंग से होकर गुजरा। इसके बाद ट्रेलर बिहार में दाखिल हुआ।
बिहार में औरंगाबाद, रोहतास और कैमूर से गुजरने के बाद यह चंदौली के नौबतपुर के रास्ते उत्तर प्रदेश पहुंचा। कैमूर में भी पुल, बिजली की लाइन और सड़क से जुड़ी कई चुनौतियां सामने आई थीं। कुछ जगहों पर पुल के हिस्से में बदलाव की जरूरत पड़ी थी।
जहां सड़क संकरी मिली, वहां पहले तकनीकी टीम पहुंची और रास्ता तैयार किया गया। इसके बाद ही ट्रेलर को आगे बढ़ाया गया।
वाराणसी में बदला जाएगा ट्रक का रूट
वाराणसी में इसका रूट भी सामान्य नहीं रहेगा। डाफी टोल प्लाजा से मोहनसराय तक ट्रेलर अपने निर्धारित रूट पर चलेगा। इसके बाद विपरीत दिशा से रखौना तक जाएगा और सर्विस रोड के जरिए रिंग रोड पर चढ़कर गंजारी की ओर बढ़ेगा।
आगे हरहुआ चौराहे से बाईं ओर हनुमान मंदिर तक विपरीत दिशा में जाने के बाद यह शिवपुर-हरहुआ मार्ग की विपरीत सर्विस रोड से रिंग रोड होते हुए संदहा और फिर गाजीपुर की तरफ जाएगा। इसके बाद आजमगढ़ और आगे के जिलों से गुजरते हुए बलरामपुर चीनी मिल तक पहुंचने का रास्ता है।
एसीपी ट्रैफिक प्रवीण सिंह के अनुसार, तकनीकी टीम के साथ सड़क का निरीक्षण किया जा रहा है। फुट ओवरब्रिज, बिजली के खंभे और तार, स्ट्रीट लाइट तथा साइनेज बोर्ड जैसी बाधाओं को हटाने का काम किया जा रहा है। चौबेपुर में स्वर्वेद मंदिर के पास मौजूद फुट ओवरब्रिज का कुछ हिस्सा भी हटाया जाएगा।

