इजरायल के हमले से हिला ईरान, IRGC प्रवक्ता समेत दो बड़े अधिकारियों की मौत ने बढ़ाया तनाव
मिडिल ईस्ट में तनाव अब खतरनाक मोड़ लेता दिख रहा है। इजरायल के ताजा हमलों में ईरान के दो बड़े सैन्य अधिकारियों की मौत ने हालात को और गंभीर बना दिया है। सवाल ये है कि क्या अब यह टकराव एक बड़े युद्ध में बदलने जा रहा है?
इजरायली हमले में IRGC प्रवक्ता अली मोहम्मद नैनी की मौत
ईरान ने पुष्टि की है कि इजरायली हवाई हमले में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल अली मोहम्मद नैनी मारे गए (IRGC spokesperson Ali Mohammad Naeini killed) हैं। हालांकि, यह हमला ऐसे समय हुआ जब दोनों देशों के बीच पहले से ही तनाव चरम पर था।
गौरतलब है कि अली मोहम्मद नैनी IRGC में जनसंपर्क के उप-प्रमुख भी थे और अक्सर ईरान की सैन्य ताकत को लेकर बयान देते रहते थे। उन्हें जुलाई 2024 में IRGC प्रमुख हुसैन सलामी ने इस अहम पद पर नियुक्त किया था।
1957 में जन्मे नैनी ईरान-इराक युद्ध के अनुभवी सैनिक थे। उन्होंने लगभग 8 साल तक इस युद्ध में अलग-अलग भूमिकाओं में काम किया और इस दौरान घायल भी हुए थे। युद्ध के शुरुआती दौर में उन्होंने क़द्र बटालियन में जनसंपर्क प्रमुख के रूप में काम किया, जबकि बाद में कई अहम जिम्मेदारियां संभालीं।
हाल ही में उन्होंने दावा किया था कि ईरान कम से कम छह महीने तक चलने वाले हाई इंटेंसिटी युद्ध के लिए तैयार है और उसके पास नई पीढ़ी की मिसाइल और ड्रोन क्षमता मौजूद है।
बासिज फोर्स के खुफिया प्रमुख जनरल इस्माइल अहमदी भी मारे गए
इसी हमले के दौरान ईरान को दूसरा बड़ा झटका तब लगा जब बासिज फोर्स के खुफिया प्रमुख जनरल इस्माइल अहमदी की भी मौत हो गई। हालांकि, इस हमले की पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है, लेकिन ईरान ने इसे गंभीर नुकसान बताया है। बता दें कि बासिज फोर्स ईरान की एक अहम अर्धसैनिक इकाई है, जो आंतरिक सुरक्षा और खुफिया गतिविधियों में बड़ी भूमिका निभाती है।
ऐसे में उसके खुफिया प्रमुख की मौत को ईरान के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन दोनों अधिकारियों की मौत से ईरान की सैन्य रणनीति और खुफिया तंत्र पर असर पड़ सकता है, खासकर ऐसे समय में जब क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ रहा है।
130 से ज्यादा ठिकानों पर हमला, पहले भी हो चुकी है बड़ी कार्रवाई
इजरायल ने दावा किया है कि उसने ईरान से जुड़े 130 से ज्यादा इंफ्रास्ट्रक्चर ठिकानों को निशाना बनाया है। इन हमलों में पश्चिमी और मध्य ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल साइट, ड्रोन बेस और डिफेंस सिस्टम शामिल हैं। इजरायली वायु सेना का कहना है कि,
वह लगातार हमले कर रही है ताकि ईरान से होने वाली संभावित गोलाबारी के दायरे को कम किया जा सके और अपनी हवाई बढ़त मजबूत की जा सके।
इससे पहले 17 मार्च 2026 को भी एक बड़ा हमला हुआ था, जिसमें ईरान के शीर्ष नेता माने जा रहे अली लारिजानी की मौत हो गई थी। यह हमला रात के समय हुआ था, जब वह अपनी बेटी के घर पर मौजूद थे। इस हमले में उनके बेटे, सुरक्षाकर्मी और अन्य लोग भी मारे गए थे।
गौरतलब है कि अली लारिजानी को देश के सर्वोच्च नेता के बाद अहम भूमिका में देखा जा रहा था। उनकी मौत ने ईरान के नेतृत्व ढांचे में बड़ा खालीपन पैदा कर दिया है। अब लगातार हो रहे इन हमलों के बाद सवाल उठ रहा है कि क्या यह टकराव एक बड़े युद्ध में बदल सकता है। फिलहाल दोनों देशों के बीच हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं।
