अंतरराष्ट्रीय दबाव के बीच भारत पहुंचा ईरानी तेल, संकट के बीच एक हफ्ते में 60 लाख बैरल की डिलीवरी

अंतरराष्ट्रीय दबाव के बीच भारत पहुंचा ईरानी तेल, संकट के बीच एक हफ्ते में 60 लाख बैरल की डिलीवरी

ब्लॉकेड और अंतरराष्ट्रीय दबाव के बीच एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। ईरान का सुपरटैंकर चुपचाप भारत पहुंच गया और एक हफ्ते में तीन बार तेल की बड़ी खेप भी आ गई। बता दें कि करीब 60 लाख बैरल कच्चे तेल की यह सप्लाई कई सवाल खड़े कर रही है। हालांकि, यह घटनाक्रम भारत-ईरान रिश्तों और वैश्विक तेल राजनीति में नए संकेत दे रहा है, जिस पर अब सबकी नजरें टिक गई हैं।

ब्लॉकेड के बावजूद भारत पहुंचा ईरानी सुपरटैंकर

तमाम प्रतिबंधों और ब्लॉकेड की खबरों के बावजूद ईरान का सुपरटैंकर “डोर्ना” भारत के दक्षिणी तट के पास देखा गया है (Supertanker Dorna Reaches India), जिसकी जानकारी हैदराबाद स्थित ईरानी वाणिज्य दूतावास ने खुद सोशल मीडिया पर दी। हालांकि, यह जहाज ऐसे समय में रवाना हुआ था जब रास्ते में रुकावटों की चर्चा तेज थी, लेकिन फिर भी यह भारत तक पहुंच गया।

बताया जा रहा है कि डोर्ना टैंकर में करीब 20 लाख बैरल कच्चा तेल है, जिसे यहां की एक रिफाइनरी में उतारा जाएगा। गौरतलब है कि इस घटनाक्रम से साफ संकेत मिलता है कि वैश्विक दबाव के बावजूद भारत और ईरान के बीच ऊर्जा संबंध पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं।

एक हफ्ते में तीन खेप, 60 लाख बैरल तेल की आपूर्ति

बता दें कि सिर्फ एक हफ्ते के अंदर भारत को ईरान से तीन बड़े तेल शिपमेंट मिले हैं, और हर खेप में करीब 20 लाख बैरल कच्चा तेल शामिल था। यानी कुल मिलाकर लगभग 60 लाख बैरल तेल भारत पहुंच चुका है, जो अपने आप में एक बड़ा आंकड़ा है। पहला शिपमेंट पहले ही अनलोड हो चुका है, दूसरा हाल ही में पहुंचा है, जबकि तीसरा अभी डिलीवरी के रास्ते में बताया जा रहा है।

यह तेजी साफ इशारा करती है कि दोनों देशों के बीच तेल व्यापार अचानक बढ़ा है, हालांकि इस तरह की लगातार आपूर्ति अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों और नियमों को लेकर कई सवाल भी खड़े कर रही है।

7 साल बाद फिर शुरू हुआ बड़ा तेल व्यापार

करीब सात साल के लंबे इंतजार के बाद भारत और ईरान के बीच फिर से बड़े स्तर पर तेल व्यापार शुरू होता दिख रहा है। बता दें कि पिछले हफ्ते एक विशाल वीएलसीसी जहाज करीब 20 लाख बैरल कच्चा तेल लेकर भारत पहुंचा, जिसे सफलतापूर्वक उतार लिया गया।

वहीं, टैंकर ट्रैकिंग कंपनी TankerTrackers ने भी पुष्टि की है कि एक और बड़ा ईरानी जहाज भारत के दक्षिणी तट के पास नजर आया, जो AIS सिस्टम पर ट्रैक हुआ और रिफाइनरी की ओर बढ़ रहा है।

हालांकि, ईरान पर लगे प्रतिबंधों के बीच इस तरह की सप्लाई ने दुनिया भर का ध्यान खींच लिया है। माना जा रहा है कि इसका असर आने वाले समय में भारत की ऊर्जा जरूरतों और अंतरराष्ट्रीय रिश्तों दोनों पर पड़ सकता है।

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