55 KM दूर से दुश्मन जहाज खत्म! भारत की नई एंटी-शिप मिसाइल ने पास किया बड़ा टेस्ट
India NASM-SR Missile Test: भारत ने समुद्र में अपनी ताकत का ऐसा प्रदर्शन किया है, जिसे देखकर दुनिया की नजरें टिक गई हैं। पहली बार एक साथ दो मिसाइलें दागकर भारत ने नई सैन्य क्षमता दिखा दी है। यह सिर्फ एक परीक्षण नहीं, बल्कि भविष्य के युद्ध की रणनीति का संकेत माना जा रहा है।
पहली बार सल्वो लॉन्च, कुछ सेकंड में दागीं गईं दो मिसाइलें
बता दें कि बुधवार को भारत ने अपनी स्वदेशी नेवल एंटी-शिप मिसाइल शॉर्ट रेंज यानी NASM-SR का सफल परीक्षण किया। यह मिशन रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन और भारतीय नौसेना ने मिलकर पूरा किया।
ओडिशा तट के पास बंगाल की खाड़ी में Sea King हेलीकॉप्टर से कुछ ही सेकंड के अंतर पर दो मिसाइलें दागी गईं। इसे सल्वो लॉन्च कहा जाता है, जो असली युद्ध जैसी स्थिति में बेहद अहम भूमिका निभाता है।
गौरतलब है कि यह भारत का पहला सफल प्रयास है, जिसमें स्वदेशी एंटी-शिप मिसाइल को इस तरह एक साथ दागा गया। परीक्षण के दौरान सभी लक्ष्य पूरे हुए और मिसाइल की परफॉर्मेंस को रडार, इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल सिस्टम और टेलीमेट्री से मॉनिटर किया गया।
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पानी की सतह पर वार, दुश्मन जहाज को तुरंत कर सकती है बेअसर
हालांकि इस परीक्षण की सबसे खास बात “वॉटरलाइन हिट” क्षमता रही। इसका मतलब है कि यह मिसाइल जहाज के उस हिस्से पर वार करती है, जो पानी के बिल्कुल करीब होता है। ऐसे हमले से जहाज में तेजी से पानी भर सकता है और वह जल्दी ही काम करने लायक नहीं रहता।
यही वजह है कि इस तकनीक को युद्ध में बेहद प्रभावी माना जाता है। बता दें कि NASM-SR भारत की पहली हेलीकॉप्टर से दागी जाने वाली स्वदेशी एंटी-शिप मिसाइल है। इसे पुराने ब्रिटिश मूल के Sea Eagle मिसाइल की जगह लाने के लिए विकसित किया गया है, जो अब पुराना हो चुका है।
55 किमी तक सटीक निशाना, हवा में ही बदल सकता है टारगेट
गौरतलब है कि NASM-SR मिसाइल आधुनिक तकनीक से लैस है और करीब 55 किलोमीटर तक सटीक वार कर सकती है। इसमें ठोस ईंधन सिस्टम, अलग होने वाला बूस्टर और लंबे समय तक काम करने वाला इंजन दिया गया है।
यह मिसाइल समुद्र की सतह के बेहद करीब उड़ती है, जिससे दुश्मन के रडार से बचना आसान हो जाता है। इसमें इमेजिंग इंफ्रारेड सीकर, फाइबर-ऑप्टिक नेविगेशन सिस्टम, रेडियो अल्टीमीटर और हाई-स्पीड डेटा लिंक जैसे फीचर्स शामिल हैं।
हालांकि इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि लॉन्च के बाद भी इसका निशाना बदला जा सकता है, जिससे यह और ज्यादा खतरनाक बन जाती है।
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नीचे इसकी मुख्य जानकारी एक नजर में:
| फीचर | जानकारी |
|---|---|
| मिसाइल नाम | NASM-SR |
| लॉन्च प्लेटफॉर्म | Sea King हेलीकॉप्टर |
| रेंज | लगभग 55 किमी |
| खास क्षमता | सल्वो लॉन्च, वॉटरलाइन हिट |
| तकनीक | इंफ्रारेड सीकर, डेटा लिंक |
इसे हैदराबाद के Research Centre Imarat ने विकसित किया है। हालांकि भविष्य में इसे MH-60R Seahawk और HAL Dhruv हेलीकॉप्टरों पर भी लगाया जाएगा। इस परियोजना में निजी क्षेत्र की भागीदारी भी रही है, जिसमें Adani Defence and Aerospace मुख्य निर्माण भागीदार है।
इसके अलावा कई MSME और स्टार्टअप्स ने भी योगदान दिया है। यह उपलब्धि भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
