अब सीमा पर घुसपैठ होगी मुश्किल, भारत ने पाकिस्तान बॉर्डर पर लगाई स्मार्ट फेंसिंग और हाईटेक निगरानी
भारत ने पाकिस्तान सीमा पर सुरक्षा मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। पंजाब से लगी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तेजी से स्मार्ट फेंसिंग लगाई जा रही है, जिससे घुसपैठ और आतंकवादी गतिविधियों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। सरकार अब इस सुरक्षा व्यवस्था को और हाईटेक बनाने की तैयारी में है।
पाकिस्तान बॉर्डर पर भारत का हाईटेक सुरक्षा कवच
भारत सरकार पाकिस्तान से लगी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए तेजी से हाईटेक स्मार्ट फेंसिंग (India Pakistan Border Smart Fencing) लगा रही है। यह आधुनिक फेंसिंग करीब 12 फीट ऊंची है, जिसमें एंटी-कट और एंटी-रस्ट बार्ब्ड वायर का इस्तेमाल किया गया है ताकि इसे आसानी से काटा या नुकसान न पहुंचाया जा सके।
इसका मुख्य उद्देश्य सीमा पार से घुसपैठ रोकना और किसी भी संदिग्ध सामान की आवाजाही पर कड़ी नजर रखना है। खास तौर पर पंजाब बॉर्डर पर इस प्रोजेक्ट पर तेज गति से काम हो रहा है, क्योंकि सरकार सीमा सुरक्षा को और मजबूत बनाकर आतंकवादी गतिविधियों पर लगाम कसना चाहती है।
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जल्द लगेगी CCTV और PTZ कैमरों की व्यवस्था
सीमा सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए स्मार्ट फेंसिंग सिस्टम को जल्द हाईटेक निगरानी तकनीक से जोड़ा जाएगा। सीमा सुरक्षा बल के सूत्रों के अनुसार बॉर्डर पर PTZ कैमरे, 24 घंटे चलने वाले CCTV सिस्टम और ग्राउंड सेंसिंग उपकरण लगाए जाएंगे, जिससे हर गतिविधि पर लगातार नजर रखी जा सकेगी।
बता दें कि PTZ कैमरे दूर तक घूमकर निगरानी करने में सक्षम होते हैं, जबकि ग्राउंड सेंसर जमीन के आसपास होने वाली हलचल को भी पकड़ सकते हैं। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इस आधुनिक तकनीक के लगने के बाद सीमा पार से घुसपैठ की कोशिशों को रोकने में बड़ी मदद मिलेगी।
किसानों को राहत, लेकिन मुआवजे पर विवाद बरकरार
सीमा क्षेत्र के किसानों का कहना है कि,
नई बॉर्डर फेंसिंग को करीब 150 गज आगे खिसकाने से उनकी कई पुरानी परेशानियां कम हो गई हैं। अब फसल कटाई के समय मजदूरों के लिए बार-बार गेट पास बनवाने की जरूरत नहीं पड़ती और फेंसिंग के बाहर कम जमीन रहने से जंगली जानवरों का खतरा भी घटा है। इससे किसानों का काम पहले से आसान हुआ है।
जबकि दूसरी ओर कई किसानों ने आरोप लगाया है कि फेंसिंग के लिए उनकी जमीन लिए जाने के बावजूद अब तक उन्हें मुआवजा नहीं मिला है। गांव रोज के सरपंच प्रभशरण सिंह रोज ने दावा किया कि उनकी जमीन दो बार अधिग्रहित की गई, लेकिन एक भी रुपये का भुगतान नहीं हुआ। किसानों ने इस मामले में अदालत का रुख किया है और सरकार से जल्द उचित मुआवजा देने की मांग की है।
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आतंकी खतरे के बाद भारत ने सीमा सुरक्षा की तेज की तैयारी
हाल ही में पाकिस्तानी जासूसी नेटवर्क के खुलासे के बाद भारतीय सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई हैं। जांच में यह संकेत मिले हैं कि आतंकी अटारी बॉर्डर के रास्ते भारत में दाखिल होकर पंजाब और हरियाणा होते हुए दिल्ली तक पहुंचने की योजना बना रहे थे। इसी इनपुट के बाद केंद्र सरकार ने सीमा सुरक्षा को और मजबूत करने का फैसला लिया है।
अधिकारियों का मानना है कि स्मार्ट फेंसिंग, आधुनिक निगरानी सिस्टम और हाईटेक बॉर्डर इंफ्रास्ट्रक्चर भविष्य में ऐसी घुसपैठ की कोशिशों को रोकने में अहम साबित होंगे। गौरतलब है कि अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने मई में ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान स्थित आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई की थी, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने सीमा पर निगरानी और भी कड़ी कर दी है।
