समुद्र के बीच मौत का साया! 3 लोगों की गई जान, जानिए कितना खतरनाक है वायरस

Cruise Ship Hantavirus Outbreak causes 3 Deaths
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Cruise Ship Hantavirus Outbreak: क्रूज शिप पर फैली रहस्यमयी बीमारी ने दुनियाभर में चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक 3 लोगों की मौत के बाद Hantavirus पर शक गहराया है, जबकि कई अन्य लोग भी बीमार बताए जा रहे हैं। WHO अब पूरे मामले की जांच में जुटा है। आखिर यह हंतावायरस क्या है, कितना खतरनाक है और कैसे फैलता है? इस घटना ने यात्रियों से लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञों तक सबको सतर्क कर दिया है।

Hantavirus क्या है?

हंतावायरस एक ऐसा वायरस है जो ज्यादातर चूहों और उनसे जुड़े जानवरों के जरिए फैलता है। अगर संक्रमित चूहों का पेशाब, लार या मल किसी जगह पर पड़ा हो और सफाई के दौरान उसके छोटे कण हवा में उड़ जाएं, तो सांस के जरिए यह संक्रमण शरीर में पहुंच सकता है।

बता दें कि बंद कमरे, गोदाम, स्टोर रूम या ऐसी जगहें जहां लंबे समय से सफाई न हुई हो, वहां खतरा ज्यादा माना जाता है। हालांकि, बहुत कम मामलों में इसके कुछ प्रकार इंसान से इंसान में फैलने की आशंका भी जताई गई है, लेकिन ज्यादातर संक्रमण चूहों के संपर्क से ही होता है।

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हंतावायरस के लक्षण क्या हैं?

हंतावायरस की शुरुआत अक्सर साधारण फ्लू या वायरल बुखार जैसी लग सकती है, इसलिए कई लोग इसे सामान्य बीमारी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। शुरुआत में बुखार, ठंड लगना, शरीर टूटना, मांसपेशियों में दर्द और सिरदर्द जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।

हालांकि, अगर संक्रमण बढ़ने लगे तो हालत गंभीर हो सकती है और मरीज को सीने में जकड़न, सांस लेने में दिक्कत और फेफड़ों में पानी भरने जैसी परेशानी हो सकती है। बता दें कि संक्रमित चूहे या कृंतक के संपर्क में आने के बाद इसके लक्षण 1 से 8 सप्ताह के बीच कभी भी सामने आ सकते हैं, इसलिए समय रहते सावधानी और जांच बहुत जरूरी मानी जाती है।

Hantavirus कितना खतरनाक है?

हंतावायरस को हल्के में लेना ठीक नहीं है, क्योंकि CDC के मुताबिक इसका पल्मोनरी सिंड्रोम रूप काफी खतरनाक माना जाता है और कुछ मामलों में मौत का खतरा करीब 35 प्रतिशत तक बताया गया है। वहीं इसके दूसरे रूप, जिसमें किडनी पर असर पड़ता है, उसमें मृत्यु दर 1 से 15 प्रतिशत तक हो सकती है।

चिंता की बात यह है कि इस बीमारी का कोई पक्का इलाज अभी उपलब्ध नहीं है, लेकिन अगर मरीज समय रहते अस्पताल पहुंच जाए और तुरंत इलाज शुरू हो जाए तो बचने की संभावना काफी बढ़ जाती है।

हंतावायरस से बचने का सही तरीका क्या है?

इससे बचाव के लिए सबसे जरूरी है चूहों और उनकी गंदगी से दूरी बनाना। घर, गोदाम, स्टोर रूम या बंद कमरों की सफाई करते समय दस्ताने पहनें और ब्लीच घोल का इस्तेमाल करें। ध्यान रखें कि चूहों की बीट को झाड़ू या वैक्यूम क्लीनर से साफ न करें, क्योंकि इससे वायरस के कण हवा में फैल सकते हैं।

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क्रूज शिप पर हंतावायरस मिलने से क्यों मची हलचल?

ताजा जानकारी के मुताबिक क्रूज शिप पर फैली बीमारी के बीच एक यात्री में हंतावायरस संक्रमण की पुष्टि हुई है, जबकि बाकी मामलों की जांच अभी जारी है। बता दें कि क्रूज जहाजों पर पहले भी बीमारियों के मामले सामने आते रहे हैं, लेकिन ज्यादातर बार नोरोवायरस या सांस से जुड़ी इंफेक्शन ही वजह बनते हैं।

ऐसे में हंतावायरस का इस घटना से जुड़ना विशेषज्ञों को हैरान कर रहा है, क्योंकि यह वायरस आमतौर पर चूहों और उनके मल-मूत्र से फैलता है। इसी कारण 3 मौतों के बाद यह मामला विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी डब्ल्यूएचओ की नजर में बेहद गंभीर बन गया है और पूरी दुनिया के स्वास्थ्य विशेषज्ञ इस पर नजर बनाए हुए हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि,

क्रूज शिप पर फैले इस संक्रमण की गहराई से जांच बेहद जरूरी है, क्योंकि इससे पता चल सकता है कि बीमारी आखिर कैसे फैली और क्या किसी खास वायरस ने लोगों के बीच असर डाला।

फिलहाल जांच जारी है, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर दिखा दिया है कि छोटे दिखने वाले चूहे जैसे जीव भी बड़े स्वास्थ्य खतरे की वजह बन सकते हैं।

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