बारामती में सुनैत्रा पवार की रिकॉर्ड जीत, 2.18 लाख वोटों से रचा इतिहास
Baramati Bypoll Result 2026: बारामती उपचुनाव ने इस बार महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा उलटफेर कर दिया है। उपमुख्यमंत्री सुनैत्रा पवार ने ऐसी जीत दर्ज की है, जिसकी चर्चा पूरे देश में हो रही है। 2.18 लाख से ज्यादा वोटों के रिकॉर्ड अंतर ने सभी पुराने आंकड़े पीछे छोड़ दिए हैं। इस नतीजे ने न सिर्फ पवार परिवार की पकड़ को और मजबूत किया है, बल्कि विपक्ष को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है। आखिर क्या वजह रही इतनी बड़ी जीत की, जानिए आगे की पूरी कहानी।
सुनैत्रा पवार की रिकॉर्ड तोड़ जीत, बारामती में बना नया इतिहास
बारामती विधानसभा उपचुनाव में सुनैत्रा पवार ने जबरदस्त जीत हासिल करते हुए 2,18,969 वोट अपने नाम किए और 2,18,034 वोटों के रिकॉर्ड अंतर से विरोधियों को पीछे छोड़ दिया। यह अंतर देश के किसी भी विधानसभा चुनाव में अब तक सबसे बड़ा माना जा रहा है, जिसने सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।
उनके सामने न्यू राष्ट्रीय समाज पार्टी के आर. वाय. घुटुकड़े सिर्फ 935 वोट ही हासिल कर सके, जबकि नोटा को 774 वोट मिले। कुल 2,23,705 मतदाताओं ने मतदान किया, जिससे साफ दिखता है कि बारामती की जनता ने एकतरफा तरीके से सुनैत्रा पवार के पक्ष में भरोसा जताया और उन्हें ऐतिहासिक जीत दिलाई।
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पवार परिवार का दबदबा फिर मजबूत
बारामती सीट को लंबे समय से पवार परिवार का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है और इस बार सुनैत्रा पवार की जीत ने इस पहचान को और पक्का कर दिया है। उन्होंने न सिर्फ अपने परिवार की परंपरा को आगे बढ़ाया बल्कि देश के चुनावी इतिहास में भी नया रिकॉर्ड बना दिया।
इससे पहले उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद की साहिबाबाद सीट पर भाजपा नेता सुनील कुमार शर्मा ने 2.14 लाख वोटों से जीत दर्ज कर रिकॉर्ड बनाया था, जिसे अब सुनैत्रा पवार ने पीछे छोड़ दिया है। हालांकि पवार परिवार के अंदर भी कई बड़े रिकॉर्ड रहे हैं, जिनमें अजित पवार की 2019 की 1.65 लाख वोटों की जीत और शरद पवार का 1990 में करीब 75 प्रतिशत वोट शेयर आज भी ऐतिहासिक माना जाता है।
बारामती उपचुनाव के नतीजों के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। एनसीपी (एसपी) के विधायक रोहित पवार ने इस जीत को जनता का भावनात्मक समर्थन बताते हुए कहा कि यह बारामती के लोगों के प्यार और सम्मान का साफ संकेत है। बता दें कि यह उपचुनाव अजित पवार के निधन के बाद हुआ था, जिसमें सुनैत्रा पवार ने पहली बार इस सीट से चुनाव लड़ा।
इससे पहले 2024 लोकसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन इस बार उन्होंने बड़ी जीत हासिल कर पूरा समीकरण बदल दिया। इस चुनाव में कुल 23 उम्मीदवार मैदान में थे, जिनमें ज्यादातर निर्दलीय या छोटी पार्टियों से जुड़े थे और किसी भी बड़ी पार्टी ने सम्मान के तौर पर उम्मीदवार नहीं उतारा।
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जीत के बाद सुनैत्रा पवार ने इसे जश्न नहीं बल्कि जिम्मेदारी बताया और कहा कि,
वे छत्रपति शिवाजी महाराज, महात्मा फुले, डॉ. आंबेडकर और यशवंतराव चव्हाण के विचारों पर चलकर काम करेंगी।
इस जीत को महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़े बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है, जहां बारामती में पवार परिवार का प्रभाव और भी मजबूत होता दिख रहा है।
