बिहार में निजी स्कूलों पर बड़ा एक्शन, फीस और नियमों को लेकर सरकार सख्त, नियम तोड़ने पर होगी सख्त कार्रवाई

Bihar Private School Fee Regulation 2026
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बिहार में प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर अब सरकार ने बड़ा कदम उठा लिया है, जिससे लाखों अभिभावकों को राहत मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने साफ कर दिया है कि शिक्षा व्यवस्था में अब पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी होगी। नए नियमों के तहत फीस से लेकर यूनिफॉर्म तक हर चीज पर निगरानी होगी। हालांकि लंबे समय से उठ रही शिकायतों के बाद यह फैसला लिया गया है, जो सीधे तौर पर छात्रों और अभिभावकों के हित में माना जा रहा है।

निजी स्कूलों पर सरकार का कड़ा कदम

बिहार में शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार ने अब निजी स्कूलों पर पूरी तरह नजर रखने का फैसला किया है, खासकर फीस और एडमिशन जैसे मामलों में किसी भी तरह की गड़बड़ी या मनमानी को रोकने के लिए नई योजना लागू की जा रही है।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साफ कहा है कि,

अब निजी स्कूलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी और कोई भी स्कूल अपनी मनमानी नहीं कर सकेगा।

सरकार का मकसद है कि बच्चों और अभिभावकों के हित सुरक्षित रहें और शिक्षा व्यवस्था ज्यादा संतुलित और आसान बने, क्योंकि लंबे समय से अभिभावक लगातार बढ़ती फीस और अलग-अलग तरह के अतिरिक्त शुल्क को लेकर परेशान और शिकायत करते आ रहे थे।

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अभिभावकों के लिए बड़ी राहत, फीस से जुड़े नए नियम लागू

बिहार सरकार के नए आदेश (Bihar Private School Fee Regulation 2026) के बाद अब सभी निजी स्कूलों को अपनी फीस की पूरी जानकारी सार्वजनिक करनी होगी और इसे अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर साफ-साफ दिखाना जरूरी होगा, साथ ही पिछले साल और इस साल की फीस में कितना अंतर है यह भी स्पष्ट रूप से बताना होगा ताकि अभिभावक आसानी से समझ सकें कि फीस में कितनी बढ़ोतरी हुई है और किस-किस मद में पैसा लिया जा रहा है।

गौरतलब है कि अब स्कूल किसी एक दुकान से किताबें या यूनिफॉर्म खरीदने का दबाव नहीं बना सकेंगे और अभिभावकों को पूरी आजादी होगी कि वे जहां से चाहें वहां से सामान खरीदें, इसके अलावा सरकार ने यह भी साफ कर दिया है कि अगर किसी छात्र की फीस बाकी है तो भी उसे परीक्षा देने या रिजल्ट से रोका नहीं जाएगा, ताकि किसी भी बच्चे का भविष्य फीस की वजह से प्रभावित न हो।

नियम तोड़ने पर होगी कड़ी कार्रवाई

सरकार ने साफ कर दिया है कि जो भी निजी स्कूल नियमों का उल्लंघन करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अगर कोई स्कूल बार-बार आदेशों की अनदेखी करता है तो शिक्षा विभाग उस पर कड़ा कदम उठाएगा और जरूरी कार्रवाई करेगा।

अभिभावकों से भी अपील की गई है कि अगर कहीं भी अतिरिक्त फीस वसूली या किसी तरह की अनियमितता दिखाई दे तो वे बिना देर किए अपने जिले के शिक्षा अधिकारी से शिकायत करें।

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इस फैसले का मकसद सिर्फ नियंत्रण करना नहीं है, बल्कि पूरी शिक्षा व्यवस्था में भरोसा और पारदर्शिता लाना भी है, ताकि माता-पिता पर आर्थिक बोझ कम हो और बच्चों को बेहतर, निष्पक्ष और सही तरीके से शिक्षा मिल सके।

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