बक्सर: 17 साल इंतजार, 26 करोड़ खर्च और कुछ ही दिनों में दरार! इटाढ़ी रेल ओवर ब्रिज ने खोली बड़ी पोल

Buxar Itarhi ROB Collapse Heavy Vehicles ban
1 min read

बक्सर सहर और इटाढ़ी को जोड़ने वाले रेल ओवर ब्रिज की अचानक बिगड़ी हालत ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। पुल पर बड़ी दरारें और सड़क धंसने जैसी तस्वीरें सामने आने के बाद प्रशासन को तत्काल भारी वाहनों की आवाजाही रोकनी पड़ी। राहत की बात यह रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ, लेकिन इस घटना ने पुल निर्माण की गुणवत्ता और रखरखाव को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर इटाढ़ी ROB में ऐसा क्या हुआ? जानिए पूरी कहानी।

इटाढ़ी रेल ओवर ब्रिज में दरारें, प्रशासन ने संभाला मोर्चा

बक्सर जिले के इटाढ़ी रेलवे गुमटी पर करीब 26 करोड़ 40 लाख रुपये की लागत से बने रोड ओवर ब्रिज (ROB) में उद्घाटन के महज चार दिन बाद ही गंभीर क्षति सामने आने से लोगों में चिंता बढ़ गई है। बताया जा रहा है कि पुल के पाया संख्या-5 का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया, जिसके बाद पुल की सड़क पर दरारें और टूट-फूट दिखाई देने लगी।

यह रेल ओवर ब्रिज बक्सर शहर को आसपास के कई गांवों से जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण मार्ग है। रोजाना बड़ी संख्या में लोग और वाहन इस रास्ते का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में पुल के एक हिस्से में आई खराबी और सड़क धंसने जैसी स्थिति ने स्थानीय लोगों को चिंता में डाल दिया है।

स्थानीय लोगों के अनुसार पुल की सतह पर कई जगह गड्ढे और दरारें दिखाई देने लगी हैं। कुछ स्थानों पर सरिया भी नजर आने की बात कही जा रही है। हालांकि घटना के दौरान कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ, लेकिन पुल की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल एहतियाती कदम उठाए।

ये भी पढ़ें: बक्सर: 17 साल बाद चालू हुआ ओवरब्रिज, शुरू होते ही धंसने लगी सड़क, प्रशासन में मचा हड़कंप

पुल की खराब स्थिति से यातायात और परिवहन पर असर

इटाढ़ी रेल ओवर ब्रिज में आई क्षति (Buxar Itarhi ROB Collapse) का असर अब स्थानीय यातायात और रोजमर्रा के आवागमन पर भी दिखने लगा है। शुरुआती जांच के बाद प्रशासन ने एहतियातन ट्रक, बस और अन्य भारी वाहनों की आवाजाही बंद कर दी है, जिससे माल ढुलाई करने वाले वाहनों को वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ रहा है।

इसका असर कृषि उपज, खाद्यान्न और जरूरी सामानों की ढुलाई पर पड़ सकता है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुल के दोनों ओर बैरिकेडिंग की गई है और क्षतिग्रस्त हिस्से को लोहे की प्लेटों से ढक दिया गया है। फिलहाल तकनीकी टीम पुल की स्थिति का आकलन कर रही है।

यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि लंबे इंतजार और कई बार शिलान्यास के बाद बने इस आरओबी में उद्घाटन के कुछ ही समय बाद ऐसी समस्या सामने आई है। आरओबी के केयरटेकर मुन्ना कुमार का कहना है कि एक ओवरलोड ट्रक के गुजरने से नुकसान हुआ, जबकि स्थानीय लोग पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

स्थानीय लोगों ने उठाए कई सवाल

घटना के बाद स्थानीय निवासियों में नाराजगी भी देखने को मिल रही है। कई लोगों का कहना है कि,

पुल की स्थिति पिछले कुछ समय से खराब होती जा रही थी और इसकी मरम्मत को लेकर शिकायतें भी की गई थीं। अगर समय रहते जरूरी कदम उठाए जाते तो शायद यह स्थिति नहीं बनती।

गौरतलब है इस पूल पर कुछ महीनों पहले ही आवागमन चालू किया गया था। ऐसे में कम समय में संरचनात्मक समस्याएं सामने आना लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। स्थानीय नागरिकों ने मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।

ये भी पढ़ें: ये है भारत का सबसे लंबा और खुशबूदार चावल, खाड़ी देशों से लेकर यूरोप तक फैली है इसकी लोकप्रियता

तकनीकी टीम करेगी विस्तृत जांच

प्रशासन ने पुल की वास्तविक स्थिति का आकलन करने के लिए तकनीकी विशेषज्ञों की टीम को बुलाया है। यह टीम जांच करेगी कि पुल की मरम्मत संभव है या फिर किसी बड़े सुधार कार्य की आवश्यकता होगी। जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती और पुल को सुरक्षित घोषित नहीं किया जाता, तब तक भारी वाहनों पर लगी रोक जारी रह सकती है। प्रशासन वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था पर भी काम कर रहा है ताकि आम लोगों को कम से कम परेशानी हो।

Jai Jagdamba News Whatsapp