बिहार में शुरू हुई 330 करोड़ की बड़ी योजना, किसानों और बाढ़ प्रभावित इलाकों को मिल सकती है बड़ी राहत

Belwa Minapur Link Channel: शिवहर में 330 करोड़ की परियोजनाएं, बेलवा-मीनापुर लिंक चैनल का उद्घाटन
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Belwa Minapur Link Channel: बिहार के लोगों के लिए रविवार बड़ी सौगात लेकर आया। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शिवहर जिले में 330 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की शुरुआत की है। सरकार का दावा है कि यह परियोजना सिर्फ बाढ़ का खतरा कम करने में ही मदद नहीं करेगी, बल्कि सिंचाई बढ़ाकर खेती, किसानों की आय और रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी। आखिर यह परियोजना बिहार के लिए कितनी महत्वपूर्ण है, आइए जानते हैं।

शिवहर में 330 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शुभारंभ

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शिवहर जिले में 330 करोड़ रुपये से अधिक की विकास योजनाओं की शुरुआत की। इनमें 130.88 करोड़ रुपये की लागत से तैयार 68.80 किलोमीटर लंबा बेलवा-मीनापुर लिंक चैनल (बेलवाधार) शामिल है। यह परियोजना बागमती-बूढ़ी गंडक नदी इंटरलिंकिंग परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के अनुसार, मुख्यमंत्री ने जिले में 22 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन भी किया। इसके साथ ही 18 नई परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई। इन सभी योजनाओं की कुल लागत लगभग 200 करोड़ रुपये है। ये परियोजनाएं ग्रामीण कार्य, जल संसाधन, शिक्षा और ग्रामीण विकास विभागों से जुड़ी हैं।

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बेलवा-मीनापुर लिंक चैनल क्या है और इसका उद्देश्य क्या है?

बेलवा-मीनापुर लिंक चैनल बागमती-बूढ़ी गंडक नदी इंटरलिंकिंग परियोजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह 68.80 किलोमीटर लंबा चैनल शिवहर जिले के पिपराही प्रखंड स्थित बेलवा गांव को मुजफ्फरपुर जिले के मीनापुर क्षेत्र से जोड़ता है। इस परियोजना पर 130.88 करोड़ रुपये की लागत आई है।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के अनुसार, इस लिंक चैनल का मुख्य उद्देश्य बागमती नदी के अतिरिक्त पानी को बूढ़ी गंडक नदी तक पहुंचाना है। इससे बरसात के दौरान अतिरिक्त पानी का बेहतर प्रबंधन किया जा सकेगा और बाढ़ की गंभीरता को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

सरकार का कहना है कि यह परियोजना केवल बाढ़ नियंत्रण तक सीमित नहीं है। इसके जरिए सिंचाई क्षमता बढ़ेगी, जिससे खेती को लाभ मिलेगा और कृषि उत्पादन में वृद्धि होने की संभावना है। साथ ही किसानों की आय बढ़ाने, मत्स्य पालन को प्रोत्साहन देने, भूजल स्तर सुधारने, हरित क्षेत्र का विस्तार करने और पर्यावरण संरक्षण में भी यह परियोजना अहम भूमिका निभा सकती है।

बेलवा-मीनापुर लिंक चैनल से बिहार को क्या फायदा होगा?

मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, बेलवा-मीनापुर लिंक चैनल केवल एक जल परियोजना नहीं है, बल्कि यह बिहार में जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सरकार का कहना है कि,

इस योजना से बाढ़ नियंत्रण को मजबूती मिलेगी, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार होगा और किसानों को खेती के लिए अधिक पानी उपलब्ध हो सकेगा।

सरकार के मुताबिक, बागमती-बूढ़ी गंडक नदी इंटरलिंकिंग परियोजना की परिकल्पना पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने की थी। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इस योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है।

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मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि,

इस तरह की नदी इंटरलिंकिंग परियोजनाएं विकसित बिहार के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएंगी। उनके अनुसार, बेलवा-मीनापुर लिंक चैनल से कृषि उत्पादन बढ़ने, नए रोजगार के अवसर बनने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

सरकार का यह भी मानना है कि परियोजना से भूजल संरक्षण, पर्यावरण संतुलन और जल संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा। आने वाले वर्षों में इसका लाभ किसानों के साथ-साथ पूरे क्षेत्र के आर्थिक विकास में भी देखने को मिल सकता है।

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