Bank of Baroda के तिमाही नतीजे आए सामने, जानिए किन वजहों से 72% गिरा मुनाफा

Bank of Baroda Q1FY27 Results: सरकारी बैंक बैंक ऑफ बड़ौदा ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1FY27) के नतीजे जारी कर दिए हैं। पहली नजर में आंकड़े चौंकाने वाले हैं क्योंकि बैंक का शुद्ध मुनाफा करीब 72% गिरकर 1,278 करोड़ रुपये रह गया। हालांकि पूरी तस्वीर देखने पर पता चलता है कि बैंक का मुख्य कारोबार अभी भी मजबूत बना हुआ है। लोन ग्रोथ, डिपॉजिट और एसेट क्वालिटी में अच्छी बढ़त देखने को मिली है।
बैंक ऑफ बड़ौदा के मुनाफे में 72% की गिरावट
बैंक ऑफ बड़ौदा का शुद्ध लाभ जून 2026 तिमाही में 1,278 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 4,541 करोड़ रुपये था। वहीं मार्च 2026 तिमाही में बैंक ने 5,616 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया था। बैंक ने बताया कि,
इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह 600 मिलियन डॉलर (करीब 5,680 करोड़ रुपये) का एकमुश्त असाधारण सेटलमेंट रहा। यदि इस एकमुश्त खर्च को अलग कर दिया जाए, तो बैंक का शुद्ध लाभ 5,528 करोड़ रुपये होता।
इसी वजह से कर-पूर्व लाभ (PBT) भी घटकर 1,804 करोड़ रुपये रह गया। वहीं टैक्स प्रावधान 526 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। हालांकि बैंक की मुख्य बैंकिंग गतिविधियों में मजबूती बनी रही। शुद्ध ब्याज आय (NII) सालाना आधार पर 9% बढ़कर 12,524 करोड़ रुपये पहुंच गई।
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कुल ब्याज आय 33,211 करोड़ रुपये रही, जबकि ब्याज खर्च 20,686 करोड़ रुपये रहा। गैर-ब्याज आय 26% घटकर 3,470 करोड़ रुपये रही, जिसमें ट्रेजरी आय, राइट-ऑफ खातों से रिकवरी और पीएसएलसी आय का योगदान शामिल है।
लोन और डिपॉजिट में शानदार बढ़ोतरी
तिमाही के दौरान बैंक का कुल वैश्विक कारोबार 15% बढ़कर 30.50 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। वैश्विक एडवांस 17% बढ़कर 14.16 लाख करोड़ रुपये हो गया। घरेलू एडवांस 16% बढ़कर 11.50 लाख करोड़ रुपये और अंतरराष्ट्रीय एडवांस 23% बढ़कर 2.65 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया।
बैंक की ग्रोथ में सबसे बड़ा योगदान रिटेल, कृषि और MSME से जुड़े लोन का रहा। RAM पोर्टफोलियो 16% बढ़ा और कुल एडवांस में इसकी हिस्सेदारी 62.9% रही। रिटेल लोन 18% बढ़े। ऑटो लोन में 25%, मॉर्गेज लोन में 27%, होम लोन में 15% और एजुकेशन लोन में 11% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
कृषि लोन 19% बढ़कर 1.91 लाख करोड़ रुपये हो गया, जबकि MSME पोर्टफोलियो 20% बढ़कर 1.63 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। कॉरपोरेट एडवांस भी 15% बढ़कर 4.27 लाख करोड़ रुपये रहा।
डिपॉजिट के मोर्चे पर भी बैंक ने मजबूत प्रदर्शन किया। कुल वैश्विक जमा राशि 14% बढ़कर 16.33 लाख करोड़ रुपये पहुंच गई। घरेलू डिपॉजिट 15% और CASA डिपॉजिट 10% बढ़ा।
क्या बैंक की एसेट क्वालिटी मजबूत बनी हुई है?
इस तिमाही में बैंक की एसेट क्वालिटी भी पहले के मुकाबले बेहतर रही। ग्रॉस NPA घटकर 1.99% पर आ गया, जो एक साल पहले 2.28% था। हालांकि मार्च 2026 तिमाही के 1.89% के मुकाबले इसमें हल्की बढ़ोतरी देखने को मिली। नेट NPA भी 0.60% से घटकर 0.50% पर आ गया।
स्लिपेज रेशियो 0.91% और क्रेडिट कॉस्ट 0.29% रही, जो पिछले साल की तुलना में कम है। बैंक का ग्लोबल नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) 2.77% रहा, जबकि घरेलू NIM 2.93% दर्ज किया गया। पूंजी पर्याप्तता अनुपात (Capital Adequacy Ratio) 16.30% और औसत लिक्विडिटी कवरेज रेशियो करीब 127% रहा।
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निवेशकों के लिए इसका क्या मतलब है?
| प्रमुख वित्तीय आंकड़े | Q1FY27 (जून 2026) | बदलाव |
|---|---|---|
| शुद्ध लाभ (Net Profit) | ₹1,278 करोड़ | 71.8% गिरावट |
| एकमुश्त सेटलमेंट (Exceptional Item) | ₹5,680 करोड़ | मुनाफे पर बड़ा असर |
| सेटलमेंट हटाने पर शुद्ध लाभ | ₹5,528 करोड़ | — |
| शुद्ध ब्याज आय (NII) | ₹12,524 करोड़ | 9% बढ़त |
| वैश्विक कारोबार | ₹30.50 लाख करोड़ | 15% बढ़त |
| वैश्विक लोन (Advances) | ₹14.16 लाख करोड़ | 17% बढ़त |
| वैश्विक जमा (Deposits) | ₹16.33 लाख करोड़ | 14% बढ़त |
| ग्रॉस NPA | 1.99% | 2.28% से सुधार |
| नेट NPA | 0.50% | 0.60% से सुधार |
| पूंजी पर्याप्तता अनुपात (CAR) | 16.30% | मजबूत स्थिति |
पहली नजर में 72% मुनाफे की गिरावट चिंता बढ़ा सकती है, लेकिन यह गिरावट मुख्य रूप से एकमुश्त सेटलमेंट की वजह से आई है। बैंक की नियमित बैंकिंग गतिविधियां, लोन ग्रोथ, डिपॉजिट और एसेट क्वालिटी अब भी मजबूत बनी हुई हैं। यही वजह है कि बाजार इन नतीजों का आकलन केवल मुनाफे के आधार पर नहीं, बल्कि बैंक के समग्र प्रदर्शन को देखकर करेगा।




