बक्सर: दशहरे से पहले में नगर में बड़ी कार्रवाई! अवैध बूचड़खानों पर छापा, पूरे इलाके में हड़कंप

Buxar News: धार्मिक नगरी बक्सर में दशहरे से पहले प्रशासन ने बड़ा एक्शन लिया है। खलासी मोहल्ले में अवैध बूचड़खानों और प्रतिबंधित मांस की बिक्री पर छापेमारी की गई है। इस कार्रवाई के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और लोग इस फैसले का इंतजार कर रहे थे। बक्सर में शारदीय नवरात्रि और दशहरा को लेकर पुलिस और नगर प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है। इसी बीच विश्वामित्र सेना की मांग के बाद प्रशासन ने खुले में मांस और मछली की बिक्री पर रोक को लेकर सख्त कदम उठाया है।
खलासी मोहल्ले में क्यों पहुंची प्रशासन की टीम?
बक्सर के खलासी मोहल्ले को लेकर लंबे समय से शिकायत मिल रही थी कि यहां अवैध रूप से बूचड़खाने चल रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना था कि यहां नियमों को ताक पर रखकर मांस की बिक्री की जा रही है। दशहरा और नवरात्रि जैसे पवित्र त्योहारों से पहले ऐसी गतिविधियों से धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचती है। इसी शिकायत के आधार पर प्रशासन ने दशहरे से ठीक पहले बड़ी कार्रवाई की योजना बनाई।
पुलिस और नगर परिषद की टीम ने संयुक्त रूप से खलासी मोहल्ले में छापा मारा। बताया जा रहा है कि इस इलाके में कई दुकानें बिना किसी लाइसेंस के चल रही थीं। इन दुकानों पर प्रतिबंधित मांस की बिक्री की बात भी सामने आ रही थी। प्रशासन ने मौके पर जाकर दुकानों की जांच की और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई शुरू की।
इस तरह की कार्रवाई बक्सर में पहली बार नहीं हुई है। इससे पहले भी शहर के बीचों-बीच अवैध बूचड़खाने का खुलासा हुआ था जहां नगर परिषद की नाक के नीचे सालों से यह धंधा चल रहा था। उस समय 75 गायों को मुक्त कराया गया था और कई लोगों को हिरासत में लिया गया था। उस कार्रवाई के बाद डुमरांव के भोजपुर में चल रहे अवैध बूचड़खाने में भी ताले लग गए थे। अब एक बार फिर दशहरे से पहले उसी तरह की सख्ती दिखाई जा रही है।
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विश्वामित्र सेना ने प्रशासन से की थी कार्रवाई की मांग
इस पूरी कार्रवाई (Buxar Illegal Slaughterhouse Raid) के पीछे विश्वामित्र सेना की बड़ी भूमिका मानी जा रही है। विश्वामित्र सेना ने कुछ दिन पहले ही अनुमंडल पदाधिकारी को एक लिखित आवेदन दिया था। इस आवेदन में उन्होंने मांग की थी कि बक्सर धार्मिक और ऐतिहासिक नगरी है। यहां नवरात्रि और दशहरे के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा पाठ में शामिल होते हैं। ऐसे में खुले में मांस और मछली की बिक्री से धार्मिक भावनाओं और सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचता है।
संगठन का कहना था कि,
बिहार सरकार ने पहले भी इस तरह के आदेश जारी किए हैं लेकिन बक्सर नगर में उनका सही से पालन नहीं हो रहा है। इसलिए प्रशासन को तुरंत एक सख्त आदेश जारी करना चाहिए और जो लोग इसका उल्लंघन करें उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए।
विश्वामित्र सेना ने साफ कहा था कि यह सिर्फ धार्मिक आस्था का मामला नहीं है बल्कि यह सार्वजनिक स्वच्छता और सांस्कृतिक मर्यादा से भी जुड़ा हुआ मुद्दा है। विश्वामित्र सेना के राष्ट्रीय संयोजक राजकुमार चौबे लंबे समय से इस मुद्दे को उठा रहे हैं। उन्होंने कहा था कि अगर प्रशासन ने जल्द संज्ञान नहीं लिया तो संगठन सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगा।
रामनवमी के मौके पर भी बक्सर में कई जगहों पर मांस बिक्री पर अस्थायी रोक लगाई गई थी जिसे संगठन ने अपनी पहल का नतीजा बताया था अब दशहरे से पहले हुई इस छापेमारी को जनभावना की जीत के रूप में देखा जा रहा है।
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि नवरात्रि और हिंदू पर्वों के दौरान खुले में मांस और मछली की बिक्री पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगी। मुख्यालय से मिले निर्देशों के बाद अब थानों को भी कहा गया है कि वे अपने क्षेत्र में इस पर विशेष नजर रखें। बक्सर नगर क्षेत्र में अब बिना वैध कागजात और लाइसेंस के कोई भी मीट की दुकान नहीं चल सकेगी।
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पुलिस ने चेतावनी दी है कि अगर कोई दुकानदार बिना लाइसेंस के मांस बेचते हुए पकड़ा गया तो उसे हिरासत में लेकर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। खाद्य सुरक्षा विभाग और नगर पालिका द्वारा जारी मीट सेल लाइसेंस दिखाना जरूरी होगा। अगर कोई दुकानदार कागजात नहीं दिखा पाया तो उसकी दुकान को सील भी किया जा सकता है।
प्रशासन का कहना है कि,
प्रतिबंध का आदेश जारी होने के बाद सबसे जरूरी है उसका पालन करवाना। इसलिए अब प्रभावी निगरानी की जाएगी। पुलिस की टीमें गलियों और बाजारों में जाकर औचक जांच करेंगी। त्योहारों के दौरान यह निगरानी और भी बढ़ा दी जाएगी ताकि धार्मिक माहौल बना रहे और लोगों की आस्था को ठेस न पहुंचे।
इस कार्रवाई के बाद बक्सर में अवैध रूप से मांस बेचने वालों में हड़कंप मचा हुआ है।

