कैंची धाम में बदल सकती है दर्शन की व्यवस्था, भीड़ रोकने के लिए आ रहा नया नियम

Kainchi Dham New Rules 2026
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Kainchi Dham New Rules 2026: उत्तराखंड के प्रसिद्ध कैंची धाम में बाबा नीम करौली के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। खासकर वीकेंड और लंबे अवकाश के दौरान मंदिर के आसपास भारी भीड़ और ट्रैफिक जाम की स्थिति बन रही है।

2 अक्टूबर के लंबे वीकेंड में यहां 50 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान सामने आया। इसके बाद प्रशासन अब भीड़ को पहले से नियंत्रित करने के लिए प्री-रजिस्ट्रेशन, शटल सेवा और अलग एंट्री-एग्जिट जैसी व्यवस्थाओं पर विचार कर रहा है।

कैंची धाम में क्यों बढ़ा प्रशासन का दबाव?

नैनीताल जिले में स्थित कैंची धाम बाबा नीम करौली से जुड़ा प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है। यहां देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। हाल में फिल्म ‘हनुमान अंश’ के बाद मंदिर में आने वाले लोगों की संख्या में और बढ़ोतरी देखी गई है। वीकेंड पर स्थिति ऐसी हो जाती है कि मंदिर के आसपास काफी भीड़ जमा हो जाती है।

भवाली से कैंची धाम की ओर जाने वाली सड़क पर भी वाहनों का दबाव बढ़ जाता है और लंबा जाम लगने की स्थिति बनती है। 2 अक्टूबर के लंबे वीकेंड में 50 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं के पहुंचने से पार्किंग और यातायात व्यवस्था पर भी दबाव बढ़ गया। प्रशासन के सामने अब चुनौती यह है कि आने वाले दिनों में ऐसी भीड़ के लिए पहले से तैयारी कैसे की जाए।

इसी को देखते हुए कुमाऊं पुलिस कमिश्नर की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की गई। इसमें पार्किंग, ट्रैफिक, श्रद्धालुओं की संख्या, होटल और होमस्टे से शटल सेवा, सेवा व्यवस्था तथा मंदिर परिसर से जुड़े इंतजामों पर चर्चा हुई।

मोबाइल ऐप से हो सकता है प्री-रजिस्ट्रेशन

कैंची धाम में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या पहले से पता लगाने के लिए ऑनलाइन प्री-रजिस्ट्रेशन व्यवस्था शुरू करने पर विचार किया जा रहा है। इसके लिए अलग पोर्टल या मोबाइल ऐप बनाए जाने का प्रस्ताव है। यह व्यवस्था उत्तराखंड की चारधाम यात्रा में इस्तेमाल होने वाले ऑनलाइन पंजीकरण मॉडल की तर्ज पर हो सकती है।

इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि किसी खास दिन कितने श्रद्धालु कैंची धाम पहुंचने वाले हैं। अगर पहले से संख्या का अनुमान मिल जाए तो प्रशासन उसी हिसाब से पुलिस बल, पार्किंग व्यवस्था और अन्य जरूरी इंतजाम कर सकता है। इससे अचानक बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने के बाद व्यवस्था संभालने की परेशानी कम हो सकती है।

हालांकि, अभी अनिवार्य रजिस्ट्रेशन या मोबाइल ऐप की व्यवस्था लागू नहीं हुई है। फिलहाल यह प्रशासन के स्तर पर विचार और प्रस्ताव का विषय है।

अलग एंट्री-एग्जिट और शटल सेवा पर भी विचार

बैठक में केवल रजिस्ट्रेशन की बात नहीं हुई, बल्कि कैंची धाम के लिए स्थायी क्राउड मैनेजमेंट सिस्टम तैयार करने पर भी चर्चा की गई। इसमें पार्किंग और ट्रैफिक के साथ श्रद्धालुओं की आवाजाही को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया। होटल और होमस्टे से मंदिर तक शटल सेवा उपलब्ध कराने का सुझाव भी सामने आया है।

इसका मकसद निजी वाहनों की संख्या को कम करना और संकरी सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव घटाना है। इसके अलावा मंदिर में प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग गेट बनाने पर भी चर्चा हुई है। मौजूदा व्यवस्था में एक ही रास्ते से लोगों के आने-जाने की स्थिति भीड़ प्रबंधन को मुश्किल बना सकती है।

अलग एंट्री और एग्जिट होने से श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित करने में मदद मिल सकती है। कैंची धाम के लिए अनिवार्य रजिस्ट्रेशन लागू करने की सिफारिश जिलाधिकारी और एसएसपी की ओर से सरकार को भेजे जाने का प्रस्ताव है। इसके बाद अंतिम फैसला धामी सरकार को लेना होगा।

इसका मतलब यह है कि फिलहाल श्रद्धालुओं के लिए कोई नया अनिवार्य नियम लागू नहीं हुआ है। ऐप, पोर्टल, रजिस्ट्रेशन और अलग गेट जैसी व्यवस्थाएं अभी प्रस्ताव के स्तर पर हैं। सरकार की मंजूरी के बाद ही इनके बारे में अंतिम नियम और प्रक्रिया सामने आएगी।

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Adarsh Pandey

Founder & Editor, जय जगदम्बा न्यूज
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