सर्दियों में बर्फ की चादर ओढ़ लेता है उत्तराखंड का ये शांत गांव, दिल्ली से 7 घंटे में पहुंचें

Lohkhandi Travel: Chakrata snowfall winter tour Uttarakhand
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Lohkhandi Travel: अगर सर्दियों में बर्फबारी देखने का प्लान है, लेकिन मसूरी और नैनीताल जैसी जगहों की भीड़ से बचना चाहते हैं, तो लोखंडी आपके लिए बेहतर विकल्प हो सकता है। चकराता से करीब 20 किलोमीटर दूर यह पहाड़ी इलाका देवदार के जंगलों, बर्फीली वादियों और शांत माहौल के लिए जाना जाता है।

सर्दियों में चांदी की तरह चमक जाता है लोखंडी

लोखंडी समुद्र तल से 8,000 फीट से ज्यादा की ऊंचाई पर स्थित है। यही वजह है कि सर्दियों में यहां चकराता के मुख्य बाजार की तुलना में ज्यादा ठंड रहती है। दिसंबर के आखिरी सप्ताह से फरवरी के अंत तक, खासकर पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने पर, यहां अच्छी बर्फबारी देखने को मिल सकती है।

मसूरी और चकराता जैसे कम ऊंचाई वाले इलाकों में कई बार बर्फ कम समय के लिए टिकती है, जबकि लोखंडी और आसपास की ऊंची पहाड़ियों पर बर्फ लंबे समय तक जमी रह सकती है। देवदार, बांज और बुरांश के पेड़ों पर बर्फ की सफेद परत इस जगह की खूबसूरती को और बढ़ा देती है।

यहां का शांत वातावरण उन पर्यटकों को भी पसंद आ सकता है जो शहर की भीड़ से दूर कुछ समय प्रकृति के बीच बिताना चाहते हैं। धुंध, बर्फ से ढकी पहाड़ियां, जंगल और पक्षियों की आवाज इस जगह को एक अलग अनुभव देते हैं।

दिल्ली से लोखंडी कैसे पहुंचें? (Route & Connectivity)

दिल्ली-एनसीआर से लोखंडी की कुल दूरी लगभग 330 से 350 किलोमीटर है। सामान्य मौसम और साफ ट्रैफिक की स्थिति में सड़क मार्ग से यहाँ करीब 6 से 7 घंटे में आसानी से पहुंचा जा सकता है।

सड़क मार्ग (By Road)

रूट मैप: दिल्ली से यात्रा शुरू करके आप सहारनपुर, विकासनगर और कालसी होते हुए पहले चकराता पहुंचेंगे. इसके बाद चकराता से करीब 20 किलोमीटर की खूबसूरत पहाड़ी चढ़ाई पार करके लोखंडी पहुंचा जाता है.

आसान सफर: दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे और सहारनपुर बाईपास बन जाने के कारण अब यह ड्राइविंग रूट पहले के मुकाबले काफी आसान और समय बचाने वाला हो गया है.

बस द्वारा (By Bus)

अगर आप बस से सफर करना चाहते हैं, तो दिल्ली के कश्मीरी गेट या आनंद विहार बस टर्मिनल से देहरादून या विकासनगर के लिए उत्तराखंड रोडवेज की सीधी बसें मिल जाती हैं. वहां से चकराता और लोखंडी के लिए लोकल बसें, शेयरिंग जीप या प्राइवेट टैक्सियां आसानी से उपलब्ध रहती हैं.

ट्रेन द्वारा (By Train)

ट्रेन से यात्रा करने वाले पर्यटकों के लिए देहरादून रेलवे स्टेशन (Dehradun Railway Station) सबसे प्रमुख और नजदीकी विकल्प है. देहरादून स्टेशन पर उतरने के बाद आप सीधे चकराता या लोखंडी के लिए प्राइवेट कैब या स्थानीय वाहनों की मदद ले सकते हैं.

देओबन और टाइगर फॉल्स समेत ये जगहें भी देखें

लोखंडी की खासियत सिर्फ बर्फबारी तक सीमित नहीं है। यहाँ के ट्रिप प्लान में आप चकराता के इन 3 प्रमुख आकर्षणों को आसानी से शामिल कर सकते हैं:

देओबन और व्यास शिखर: देओबन के घने देवदार के जंगल प्रकृति प्रेमियों को खूब आकर्षित करते हैं. इसके उच्चतम बिंदु व्यास शिखर से साफ मौसम में हिमालय की 50 से ज्यादा बर्फ से ढकी ऊंची चोटियां साफ दिखाई देती हैं, जिनमें त्रिशूल, नंदा देवी और चौखंभा जैसी प्रतिष्ठित पर्वत श्रृंखलाएं शामिल हैं.

टाइगर फॉल्स (Tiger Falls): चकराता का यह वॉटरफॉल सैलानियों के बीच बेहद लोकप्रिय है. करीब 312 फीट की ऊंचाई से गिरता यह झरना ट्रेकिंग, पिकनिक और वाटर फोटोग्राफी पसंद करने वालों के लिए एक मुख्य आकर्षण है.

सेब के बाग और घास के मैदान: लोखंडी से आगे की ओर बढ़ने पर आपको पहाड़ों की ढलानों पर लदे सेब के खूबसूरत बाग और शांत मखमली पहाड़ी बुग्याल (घास के मैदान) देखने को मिलते हैं.

विंटर ट्रिप पर जाने से पहले इन जरूरी बातों का रखें ध्यान

सर्दियों के मौसम में लोखंडी की यात्रा का प्लान बेहद रोमांचक होता है, लेकिन सुरक्षा और आराम के लिहाज से कुछ जरूरी तैयारियां पहले से कर लेनी चाहिए:

माइनस में तापमान: सर्दियों के दौरान यहां का तापमान -2°C से -5°C तक लुढ़क जाता है. इसलिए अपनी पैकिंग में अच्छे थर्मल इनरवेयर, विंडप्रूफ जैकेट, ऊनी दस्ताने और वॉटरप्रूफ ट्रेकिंग शूज जरूर रखें.

ब्लैक आइस का खतरा: भारी बर्फबारी के ठीक बाद सड़कों पर पाला जमने से ‘ब्लैक आइस’ (सड़क पर बर्फ की अदृश्य फिसलन भरी परत) बनने का खतरा रहता है. पहाड़ी रास्तों पर गाड़ी चलाते समय अतिरिक्त सावधानी बरतें और निकलने से पहले स्थानीय प्रशासन की वेदर गाइडलाइन जरूर चेक करें.

लोकल होमस्टे का अनुभव: लोखंडी में बड़े कमर्शियल या लग्जरी होटल बेहद सीमित हैं. यहाँ आपको खूबसूरत ईको-लॉज और स्थानीय होमस्टे ज्यादा मिलेंगे. यहाँ ठहरकर आप जौनसारी संस्कृति, पारंपरिक पहाड़ी भोजन और शांत ग्रामीण जीवन का एक बेहद अनोखा व शुद्ध अनुभव ले सकते हैं.

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Founder & Editor, जय जगदम्बा न्यूज
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