EMI भरने वालों को झटका! RBI के फैसले के बाद इन बैंकों ने बढ़ा दी लोन की ब्याज दर

Loan Interest Rate Hike: अगर आपका होम लोन, कार लोन या कोई दूसरा फ्लोटिंग रेट लोन चल रहा है, तो यह खबर आपके लिए महत्वपूर्ण है। RBI की रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी के बाद कई बैंकों ने अपनी लोन से जुड़ी ब्याज दरें बढ़ा दी हैं। नई दरों का असर 8 अक्टूबर 2026 से दिखाई देगा।
इस बदलाव के बाद फ्लोटिंग रेट पर लोन लेने वाले ग्राहकों की EMI बढ़ सकती है। वहीं, जो लोग आने वाले समय में नया लोन लेने की तैयारी कर रहे हैं, उन्हें भी पहले के मुकाबले ज्यादा ब्याज चुकाना पड़ सकता है।
RBI के रेपो रेट बढ़ाने के बाद बैंकों ने क्या किया?
RBI की ओर से रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी के बाद कई बैंकों ने अपने रेपो लिंक्ड लेंडिंग रेट में भी 25 बेसिस प्वाइंट का इजाफा किया है। इनमें इंडियन बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन ओवरसीज बैंक और तमिलनाडु मर्केंटाइल बैंक शामिल हैं। पंजाब नेशनल बैंक ने भी अपनी लेंडिंग रेट में बढ़ोतरी का फैसला लिया है।
लोन की ब्याज दर बढ़ने का असर सबसे पहले उन ग्राहकों पर पड़ सकता है, जिनका लोन फ्लोटिंग ब्याज दर से जुड़ा हुआ है। ऐसे लोन में ब्याज दर बाजार और बैंक की तय दरों के अनुसार बदल सकती है।
वहीं, नए ग्राहक अगर इन बैंकों से होम लोन, कार लोन या अन्य फ्लोटिंग रेट लोन लेते हैं, तो उन्हें भी नई ब्याज दरों को ध्यान में रखकर अपनी EMI की गणना करनी होगी।
किन बैंकों ने बढ़ाया ब्याज दर?
इंडियन बैंक ने रेपो रेट के फैसले के बाद अपने रेपो लिंक्ड बेंचमार्क लेंडिंग रेट में 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी की है। बैंक की दर 7.95 प्रतिशत से बढ़कर 8.20 प्रतिशत हो गई है। नई दर 8 अक्टूबर 2026 से लागू होगी।
बैंक ऑफ बड़ौदा ने भी अपनी लोन दर में 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी की है। बैंक की दर अब 7.90 प्रतिशत से बढ़कर 8.15 प्रतिशत हो गई है। इसका असर फ्लोटिंग रेट वाले मौजूदा और नए ग्राहकों पर पड़ सकता है।
बैंक ऑफ इंडिया की RBLR भी 25 बेसिस प्वाइंट बढ़ी है। यह दर अब 8.10 प्रतिशत से बढ़कर 8.35 प्रतिशत हो गई है। यह बदलाव भी 8 अक्टूबर से लागू होगा।
इंडियन ओवरसीज बैंक ने अपनी रेपो आधारित लेंडिंग दर में 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी की है। इसके बाद ब्याज दर 8.10 प्रतिशत से बढ़कर 8.35 प्रतिशत हो गई है।
तमिलनाडु मर्केंटाइल बैंक ने रेपो लिंक्ड रेट को 8.25 प्रतिशत से बढ़ाकर 8.50 प्रतिशत कर दिया है। इसकी नई दर भी 8 अक्टूबर 2026 से लागू मानी जाएगी।
पंजाब नेशनल बैंक ने भी RBI के फैसले के बाद अपनी लेंडिंग रेट में 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी का फैसला लिया है। हालांकि, बैंक की नई लोन दर कितनी होगी, इस बारे में अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है।
| बैंक | पुरानी दर | नई दर | बढ़ोतरी |
|---|---|---|---|
| इंडियन बैंक | 7.95% | 8.20% | 0.25% |
| बैंक ऑफ बड़ौदा | 7.90% | 8.15% | 0.25% |
| बैंक ऑफ इंडिया | 8.10% | 8.35% | 0.25% |
| इंडियन ओवरसीज बैंक | 8.10% | 8.35% | 0.25% |
| तमिलनाडु मर्केंटाइल बैंक | 8.25% | 8.50% | 0.25% |
| पंजाब नेशनल बैंक | उपलब्ध नहीं | उपलब्ध नहीं | 0.25% |
नोट: पंजाब नेशनल बैंक की नई लोन दर की जानकारी दिए गए डेटा में स्पष्ट नहीं है।
क्या आपकी EMI भी बढ़ जाएगी?
लेंडिंग रेट बढ़ने का मतलब यह नहीं है कि हर ग्राहक की EMI तुरंत बढ़ जाएगी। इसका सीधा असर मुख्य रूप से उन ग्राहकों पर होगा, जिन्होंने फ्लोटिंग रेट पर लोन लिया है। नए लोन लेने वाले ग्राहकों के लिए भी बढ़ी हुई ब्याज दर महत्वपूर्ण होगी।
हालांकि, केवल RBI की रेपो रेट बढ़ने को ही हर लोन की EMI बढ़ने की एकमात्र वजह नहीं माना जा सकता। बैंक अपनी ब्याज दरें अलग-अलग परिस्थितियों और कई कारकों को ध्यान में रखकर तय करते हैं। इसलिए हर ग्राहक पर इसका असर एक जैसा नहीं होगा।
गौरतलब है कि दूसरे बैंक भी अब अपनी लोन ब्याज दरों की समीक्षा कर सकते हैं। ऐसे में SBI, HDFC, ICICI या किसी अन्य बैंक के फ्लोटिंग रेट लोन वाले ग्राहकों को अपनी मौजूदा ब्याज दर और EMI से जुड़ी जानकारी बैंक से जांच लेनी चाहिए। वहीं, नया लोन लेने वालों के लिए भी आवेदन करने से पहले नई ब्याज दर के आधार पर EMI की गणना करना जरूरी होगा।

