अचानक निरिक्षण करने पहुंचे जिला अधिकारी, बक्सर सदर अस्पताल के कमियों कि खुल गई पोल

Buxar Sadar hospital inspection by DM anshul Agarwal
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Buxar Sadar Hospital: बीते दिन यानी बुधवार दिनांक 20 नवम्बर 2024 को जिला पदाधिकारी बक्सर, श्री अंशुल अग्रवाल के द्वारा सदर अस्पताल बक्सर का पूर्वाहन 10:15 बजे औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान जिला पदाधिकारी द्वारा निबंधन काउंटर से लेकर दवा वितरण, लैब और OPD समेत तमाम तरह के व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया गया। जिस दौरान बक्सर के सदर अस्पताल के कमियों कि पोल खुल गई। जांच में पाया गया कि बक्सर के सदर अस्पताल में बहुत से ऐसे डिपार्ट हैं जिनमें लापरवाही बरती जा रही है। जिनके विवरण आपको आगे हम बताते हैं।

बंद पाया गया काउंटर संख्या 01 और काउंटर संख्या 02

वहीं निरीक्षण के दौरान पाया गया कि Buxar Sadar Hospital के काउंटर संख्या 01 और काउंटर संख्या 02 बंद है। तत्पश्चात अन्य काउंटरों पर अत्यधिक भीड़ देखने को मिला। इसके साथ ही काउंटर संख्या 01 एवं 02 के सामने अवस्थित शेड में काफी भीड़ पाया गया। जिस दौरान लोगों से पूछताछ में पाया गया कि यहां पंजीकरण से पहले ऐप में निबंधन किया जाता है, उसके उपरांत पंजीकरण कराते हुए चिकित्सक से परामर्श एवं दवा आदि लेने का व्यवस्था है।

निबंधन हेतु अतिरिक्त कर्मियों की व्यवस्था

भारी भीड़ को देखते हुए जिलाधिकारी द्वारा सिविल सर्जन बक्सर को निर्देश दिया गया की वह ऐप से नए मरीजों के निबंधन हेतु नियमानुसार अतिरिक्त कर्मियों की व्यवस्था कराना सुनिश्चित करें, ताकि कम समय में अधिक मरीजों का निबंधन किया जा सके। इसके अलावा जांच में यह भी पाया गया कि उपाधीक्षक सदर अस्पताल बक्सर के द्वारा उपयुक्त स्थिति एवं सुरक्षा कर्मियों को नहीं रखा गया।

दवाओं की कमी

जिलाधिकारी के मौजूदगी में अस्पताल (Buxar Sadar Hospital) में दवाओं की उपलब्धता का आकलन किया गया। सिविल सर्जन ने बताया कि वर्तमान में इन-पेशेंट डिपार्टमेंट (IPD) में 121 दवाएं उपलब्ध हैं, जो पिछली संख्या 171 से कम है। आउट-पेशेंट डिपार्टमेंट (OPD) में 285 दवाओं से कम केवल 216 दवाएं उपलब्ध हैं। बक्सर के सिविल सर्जन को अनुपलब्ध दवाओं की कमी को तुरंत दूर करने का निर्देश दिया गया है।

प्रयोगशाला का निरीक्षण

इसके बाद जिला अधिकारी ने प्रयोगशाला (LAB) का भी निरीक्षण किया। इस दौरे के दौरान, यह पाया गया कि लैब में जांच में उपयोग होने वाली शीशी उपलब्ध नहीं थी, जिससे इन वस्तुओं को बाहरी स्रोतों से खरीदना पड़ता है। जिसपर उपाधीक्षक ने संकेत दिया कि इस समस्या को ठीक करने के लिए आदेश दिया गया है।

आवश्यक सामग्रियों को समय पर खरीदने के निर्देश

तत्पश्चात आवश्यक सामग्रियों की समय पर खरीद सुनिश्चित करने के लिए निर्देश जारी किए गए हैं, उनकी समाप्ति से पहले उनका आकलन और पुन: व्यवस्थित करने का आदेश दिया गया है। हालांकि, यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि सदर अस्पताल (Buxar Sadar Hospital) में वर्तमान में जांच में उपयोग होने वाले शीशियों की कमी है।

लिक्विड प्रोफाइल जांच की व्यवस्था

इसके अलावा निरीक्षण के दौरान अस्पताल में लिक्विड प्रोफाइल जांच की व्यवस्था न होने की शिकायत सामने आई, जिसके चलते मरीजों को इन जांचों के लिए बाहर के लैब में रेफर किया जा रहा है। सदर अस्पताल की यह स्थिति काफी चिंताजनक है।

सिविल सर्जन को कार्रवाई कर रिपोर्ट देने का निर्देश

सिविल सर्जन को इस समस्या के कारणों की जांच कर उचित कार्रवाई कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है। साथ ही प्रतिदिन रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है, जिसमें बताया जाएगा कि कौन-कौन सी जांच की जा रही है और उनकी कितनी संख्या है।

Buxar Sadar Hospital के लिफ्ट का निर्माण कार्य अधूरा

निरीक्षण में यह भी पाया गया कि Buxar Sadar Hospital के लिफ्ट का निर्माण कार्य अभी भी अधूरा है, जबकि उम्मीद थी कि इसे करीब एक साल पहले ही पूरा कर लिया जाना चाहिए था। बक्सर के अपर समाहर्ता एवं जिला लोक शिकायत पदाधिकारी, जो स्वास्थ्य विभाग के नोडल पदाधिकारी भी हैं, को नियमित निरीक्षण कर लिफ्ट का शीघ्र निर्माण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।

साफ-सफाई की स्थिति काफी असंतोषजनक

Buxar Sadar Hospital की साफ-सफाई की जांच की गई, जिसमें स्थिति काफी असंतोषजनक पाई गई। जांच में पाया गया कि जीविका ने सुपरवाइजर की नियुक्ति नहीं की है। इसके बाद बक्सर के सिविल सर्जन को जीविका द्वारा अपने दायित्वों में की गई लापरवाही के संबंध में कटौती करने तथा आगे की कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। साथ ही, सफाई निरीक्षण की देखरेख के लिए सुपरवाइजर की नियुक्ति करने का निर्देश दिया गया।

कार्टन में रखे पाए गए दवाइयां समेत अन्य सामग्री

डायलिसिस कक्ष तथा अन्य क्षेत्रों की जांच की गई तथा चल रहे कार्यों को देखा गया। हालांकि, कई स्थानों पर दवाइयां समेत अन्य सामग्री कार्टन में रखे हुए पाए गए, जिससे अस्पताल की प्रतिष्ठा धूमिल हो रही है तथा मरीजों और आगंतुकों को असुविधा हो रही है। बक्सर के सिविल सर्जन को इन सामग्रियों को निर्दिष्ट स्टोर रूम में स्थानांतरित करने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने का निर्देश दिया गया।

आयुष्मान कार्ड जारी करने के संबंध में समीक्षा

70 वर्ष या उससे अधिक आयु के व्यक्तियों के लिए आयुष्मान कार्ड जारी करने के संबंध में समीक्षा की गई। बताया गया कि आज से सदर अस्पताल में शिविर का आयोजन किया गया है।  शिविर के निरीक्षण के दौरान यह पुष्टि हुई कि नवानगर निवासी 72 वर्षीय श्री पारसनाथ दुबे को आयुष्मान कार्ड जारी किया गया है। बक्सर के सिविल सर्जन को 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के व्यक्तियों के लिए आयुष्मान कार्ड जारी करने की प्रक्रिया की निरंतर निगरानी सुनिश्चित करने का काम सौंपा गया।

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Veer Rai

Founder & Editor, जय जगदम्बा न्यूज

Veer Rai is the Founder and Editor-in-Chief of Jai Jagdamba News, a digital news platform covering Bihar and key developments across India. He oversees the publication’s editorial direction, content strategy, and digital growth, with a focus on accurate reporting, local issues, and reader-focused journalism. Committed to maintaining editorial standards and delivering clear, reliable, and relevant news to readers.

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