AK-47 की 29 गोलियाँ झेलकर भी कसाब को ज़िंदा पकड़ने वाला भारत का असली शेर, पढिए 26/11 की रूह कंपा देने वाली कहानी

Tukaram Omble Mumbai Attack Hero: 26/11 की रात कैसे ओंबले ने कसाब को ज़िंदा पकड़ा?
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Tukaram Omble Mumbai Attack Hero: 26/11 मुंबई हमले की बरसी आते ही देश एक बार फिर उस शख्स को याद करता है जिसकी बहादुरी ने करोड़ों भारतीयों को सच जानने का मौका दिया। बता दें की एएसआई तुकाराम गोपाल ओंबले ने गिरगांव चौपाटी पर सिर्फ एक लाठी के सहारे AK-47 से लैस आतंकी कसाब को ज़िंदा पकड़ा था। उनकी इस शहादत ने 26/11 की पूरी साजिश को दुनिया के सामने ला दिया। गोलियों से छलनी होने के बावजूद उनका साहस आज भी भारतीय पुलिस इतिहास की सबसे बड़ी मिसाल माना जाता है।

Tukaram Omble Mumbai Attack Hero: 26/11 की बरसी पर भारत कर रहा है याद

1954 में महाराष्ट्र में जन्मे असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर तुकाराम गोपाल ओंबले भारतीय सेना के सिग्नल कोर में नायक के रूप में अपनी सेवा देकर 1991 में मुंबई पुलिस में शामिल हुए, जहां उन्हें उनके शांत स्वभाव, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा के लिए जाना जाता था। बता दें की उनके साथ काम करने वाले अधिकारी अक्सर कहते थे कि ओंबले हमेशा जोखिम से पहले जनता की सुरक्षा को प्राथमिकता देते थे।

इस बात का किसी को अंदाज़ा नहीं था कि 26 नवंबर 2008 की रात यही कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी अपनी बहादुरी से देश को दुनिया की सबसे बड़ी आतंकी साजिश का सच बताने वाला सबसे अहम हीरो बन जाएगा।

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गिरगांव चौपाटी की वो रात जब हालात अचानक बदल गए

26 नवंबर की रात गिरगांव चौपाटी पर तैनात तुकाराम ओंबले और उनकी टीम के लिए सब कुछ सामान्य लग रहा था, लेकिन करीब 10 बजे एक स्कोडा कार तेज़ लाइट और चलते वाइपर के साथ रोडब्लॉक पर आकर रुकी, जिसे देखकर पुलिस को तुरंत कुछ गड़बड़ का एहसास हुआ।

बता दें कि कार का ड्राइवर अबू इस्माइल पुलिस को देखते ही भागने की कोशिश करने लगा, जिस पर जवाबी कार्रवाई में वह मौके पर ही ढेर हो गया, जबकि दूसरा आतंकी कसाब पीछे सीट पर घायल होने का नाटक कर पड़ा रहा। इस बीच एएसआई ओंबले बिना किसी हथियार के सिर्फ एक लाठी लेकर कार के पास यह जांचने पहुंचे कि दूसरा आतंकी जिंदा है या नहीं और जैसे ही उन्होंने दरवाज़ा खोला, कसाब ने अचानक AK-47 से गोलियां चला दीं।

हालाकी गोलियां लगने से उनका शरीर छलनी हो गया, लेकिन गौरतलब है कि ओंबले ने पीछे हटने के बजाय आगे बढ़कर कसाब की राइफल की बैरल को इतनी मजबूती से पकड़ा कि वह हिल भी नहीं सका और यहीं से भारतीय इतिहास की दिशा हमेशा के लिए बदल गई।

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ओंबले की पकड़ से ही कसाब को ज़िंदा पकड़ा जा सका

गिरगांव चौपाटी पर एएसआई तुकाराम ओंबले की लोहे जैसी पकड़ ने ही आतंकी कसाब को ज़िंदा पकड़े जाने का मौका दिया। बता दें कि ओंबले ने गोलियों की बौछार झेलते हुए कसाब की राइफल को इतनी मजबूती से थाम रखा था कि वह हथियार तक नहीं हिला सका और इसी दौरान बाकी पुलिसकर्मियों ने उसे जिंदा दबोच लिया।

हालाकी ओंबले मौके पर ही शहीद हो गए, लेकिन उनका यह बलिदान (Tukaram Omble Mumbai Attack Hero) भारत को 26/11 हमला का अकेला जिंदा गवाह दे गया। गौरतलब है कि कसाब के जीवित पकड़े जाने से हमले की प्लानिंग, ट्रेनिंग और पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स का पूरा अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क दुनिया के सामने आया, जो 26/11 जांच का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ।

अशोक चक्र से सम्मानित हुवे एएसआई तुकाराम ओंबले

26 जनवरी 2009 को भारत सरकार ने एएसआई तुकाराम ओंबले को मरणोपरांत अशोक चक्र से सम्मानित किया, और बता दें की यह सम्मान उनकी उस अदम्य बहादुरी का प्रमाण है जिसने पूरी दुनिया को भारत की हिम्मत दिखा दी। गिरगांव चौपाटी पर आज भी लोग उस जगह को नमन करते हैं जहां ओंबले ने देश की रक्षा करते हुए अपनी आखिरी सांस तक लड़ाई लड़ी थी।

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गौरतलब है कि Tukaram Omble Mumbai Attack Hero का बलिदान अब सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि भारतीय पुलिस इतिहास में सर्वोच्च साहस, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा की अमर मिसाल बन चुका है।

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Veer Rai

Founder & Editor, जय जगदम्बा न्यूज

Veer Rai is the Founder and Editor-in-Chief of Jai Jagdamba News, a digital news platform covering Bihar and key developments across India. He oversees the publication’s editorial direction, content strategy, and digital growth, with a focus on accurate reporting, local issues, and reader-focused journalism. Committed to maintaining editorial standards and delivering clear, reliable, and relevant news to readers.

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