पेट्रोल-डीजल की कीमतों में फिर लगी आग, एक महीने में तीसरी बार बढ़े दाम

Third Fuel Price Hike in May 2026
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पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की टेंशन फिर बढ़ा दी है। मई महीने में तीसरी बार ईंधन के दाम बढ़ने से दिल्ली में पेट्रोल फिर ₹100 प्रति लीटर के करीब पहुंच गया है। गौरतलब है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल का असर अब सीधे लोगों की जेब पर दिखाई देने लगा है। आखिर आपके शहर में पेट्रोल-डीजल कितना महंगा हुआ, जानिए पूरी डिटेल।

मई में तीसरी बार बढ़े पेट्रोल और डीजल के दाम

देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों ने एक बार फिर लोगों की चिंता बढ़ा दी है। सरकारी तेल कंपनियों ने शनिवार को नए रेट जारी किए, जिसके बाद दिल्ली में पेट्रोल ₹99.51 प्रति लीटर और डीजल ₹92.49 प्रति लीटर पहुंच गया है। वहीं मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे बड़े शहरों में भी ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिली है।

मई महीने में यह तीसरी बार है जब पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाए (Third Fuel Price Hike in May 2026) गए हैं। इससे पहले भी तेल कंपनियां करीब ₹3 प्रति लीटर तक कीमतें बढ़ा चुकी हैं। लगातार बढ़ती कीमतों का असर अब सीधे आम लोगों की जेब पर पड़ रहा है, क्योंकि ईंधन महंगा होने से ट्रांसपोर्ट और रोजमर्रा की चीजों की कीमतें भी बढ़ सकती हैं।

  • दिल्ली में पेट्रोल: ₹99.51 प्रति लीटर
  • मुंबई में पेट्रोल: ₹108.49 प्रति लीटर
  • कोलकाता में पेट्रोल: ₹110.64 प्रति लीटर
  • चेन्नई में पेट्रोल: ₹105.31 प्रति लीटर

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और पश्चिम एशिया में तनाव को इस बढ़ोतरी की बड़ी वजह माना जा रहा है।

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पश्चिम एशिया तनाव का भारत पर असर

बताया जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी की वजह से भारत में पेट्रोल और डीजल महंगे हो रहे हैं। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और ईरान से जुड़े हालात के कारण वैश्विक तेल बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है।

खासतौर पर होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर चिंता बढ़ी हुई है। यह दुनिया के सबसे अहम तेल सप्लाई मार्गों में से एक माना जाता है। अगर यहां किसी तरह की रुकावट आती है तो दुनियाभर में तेल की सप्लाई प्रभावित हो सकती है।

भारत अपनी जरूरत का लगभग 90 प्रतिशत कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा होने का सीधा असर देश के ईंधन दामों पर पड़ता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत का क्रूड ऑयल बास्केट फरवरी में करीब 69 डॉलर प्रति बैरल था, जो अब बढ़कर लगभग 113-114 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है। यही वजह है कि तेल कंपनियों पर लागत का दबाव बढ़ रहा है।

पेट्रोल-डीजल महंगा होने से बढ़ेगी हर घर की परेशानी

पेट्रोल और डीजल के बढ़ते दाम अब सिर्फ गाड़ी चलाने वालों की चिंता नहीं रहे, बल्कि इसका असर हर आम आदमी की जेब पर पड़ने लगा है। ईंधन महंगा होते ही ट्रांसपोर्ट का खर्च बढ़ जाता है, जिसके बाद सब्जियां, दूध, राशन और रोज इस्तेमाल होने वाली कई चीजें भी धीरे-धीरे महंगी होने लगती हैं।

दिल्ली समेत कई शहरों में पेट्रोल की कीमत फिर ₹100 प्रति लीटर के करीब पहुंच गई है, जिससे मध्यम वर्ग और रोजाना सफर करने वाले लोग सबसे ज्यादा परेशान नजर आ रहे हैं। खासकर नौकरीपेशा लोगों का मासिक बजट बिगड़ सकता है।

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पिछले कुछ समय तक पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर थे, लेकिन अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत बढ़ने और पश्चिम एशिया में तनाव के कारण हालात बदलते दिख रहे हैं। अगर आने वाले दिनों में कच्चा तेल और महंगा हुआ, तो पेट्रोल-डीजल के रेट में फिर बढ़ोतरी हो सकती है।

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Veer Rai

Founder & Editor, जय जगदम्बा न्यूज

Veer Rai जय जगदम्बा न्यूज के Founder और Editor हैं। उन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया क्षेत्र में कई वर्षों का अनुभव है। वे बिहार और देश-दुनिया से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों के साथ करियर, शिक्षा, नौकरी, राजनीति, धर्म, बिजनेस, टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जैसे विषयों पर गहन और शोध-आधारित लेख प्रकाशित करते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक सरल, स्पष्ट और विश्वसनीय भाषा में उपयोगी, तथ्यपरक और प्रमाणित जानकारी पहुंचाना है, जिससे लोग सही और जागरूक निर्णय ले सकें।

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