Asian Games 2026: प्रणवी उर्स ने रचा इतिहास, गोल्फ में गोल्ड जीतने वाली बनीं पहली भारतीय महिला

Asian Games 2026
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Asian Games 2026: एशियन गेम्स 2026 के गोल्फ में भारत का खाता प्रणवी उर्स ने खोला है। मैसूर की 23 वर्षीय गोल्फर ने महिलाओं के व्यक्तिगत इवेंट में गोल्ड जीतकर इतिहास रच दिया। इस पदक के साथ वे व्यक्तिगत इवेंट में स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय महिला गोल्फर बन गई हैं। उनका प्रदर्शन टीम इवेंट में भी काम आया और भारतीय महिला टीम सिल्वर तक पहुंची।

चार राउंड का मुकाबला प्रणवी ने 15 अंडर पार पर पूरा किया। आखिरी होल पर उन्होंने पार बनाया। सिंगापुर की शैनन टैन और चीन की यिन रूओनिंग 14 अंडर पार पर रहीं और संयुक्त रूप से सिल्वर पर पहुंचीं। एक स्ट्रोक की बढ़त आखिरी दौर तक बनी रही, उसी अंतर पर स्वर्ण तय हुआ।

Asian Games 2026: प्रणवी ने आखिरी दौर कैसे संभाला?

तीसरे होल पर ट्रिपल बोगी के बाद भी प्रणवी पीछे नहीं हटीं। उन्होंने तीन बर्डी लगाए और आखिरी दौर इवन पार 70 पर पूरा किया। चार दिनों का कुल स्कोर 15 अंडर 265 रहा। शुरू के झटके के बाद वापसी ने फाइनल की तस्वीर उनके पक्ष में रखी।

यह स्कोर इसलिए अहम है क्योंकि प्रतिद्वंद्वी सिर्फ एक स्ट्रोक पीछे थीं। आखिरी होल पर पार बनाना जोखिम भरा पल था, फिर भी बढ़त नहीं छूटी। व्यक्तिगत गोल्ड के साथ टीम स्कोर में भी उनका योगदान जुड़ा रहा।

टीम इवेंट में भारत को कौन सा पदक मिला?

व्यक्तिगत स्वर्ण के साथ प्रणवी ने टीम इवेंट में भी भूमिका निभाई। प्रणवी, अदिति अशोक और दीक्षा डागर की टीम सिल्वर पर रही। अदिति अशोक ने आखिरी दौर 67 का खेला, जबकि दीक्षा डागर का आखिरी दौर 77 रहा। भारत का टीम स्कोर 14 अंडर 546 रहा।

चीन ने 22 अंडर 538 के साथ टीम गोल्ड जीता। व्यक्तिगत मुकाबले में चीन की यिन रूओनिंग सिल्वर पर रहीं, लेकिन टीम इवेंट में चीन स्पष्ट अंतर से आगे निकला। भारत के लिए यह सिल्वर इसलिए मायने रखता है क्योंकि व्यक्तिगत इतिहास और टीम पदक एक साथ आए।

भारत के लिए यह पदक क्यों खास है?

पुरुष गोल्फ में भारत का एशियन गेम्स गोल्ड पहले शिव कपूर के नाम रहा है। उन्होंने 2002 के बुसान खेलों में यह पदक जीता था। महिलाओं के व्यक्तिगत इवेंट में स्वर्ण अब तक नहीं खुला था। प्रणवी की जीत इस खाते को पहली बार भरती है।

भारत के लिए एशियन गेम्स 2026 में यह 18वां गोल्ड है। गोल्फ में महिलाओं का यह प्रदर्शन पदक तालिका में एक और इवेंट खोलता है, जहां पहले व्यक्तिगत स्वर्ण नहीं था।

Asian Games 2026: प्रणवी का सफर और पिछला एशियन गेम्स

प्रणवी उर्स ने छह साल की उम्र में गोल्फ शुरू किया था। प्रेरणा पिता और भाई से मिली। 2023 के एशियन गेम्स में भी वे भारतीय महिला गोल्फ टीम का हिस्सा थीं। उस बार टीम इवेंट में भारत चौथे स्थान पर रहा और पदक कम अंतर से छूट गया था।

इस बार व्यक्तिगत मुकाबला और टीम सिल्वर दोनों उनके नाम जुड़े। 2023 की चूक के बाद 2026 का स्वर्ण उसी खिलाड़ी की वापसी दिखाता है, जो पिछली बार टीम के चौथे स्थान का हिस्सा रही थीं। उम्र अभी 23 वर्ष है, इसलिए यह पदक उनके करियर की शुरुआती बड़ी निशानी है।

आखिरी दौर की एक स्ट्रोक की बढ़त, ट्रिपल बोगी के बाद तीन बर्डी और 15 अंडर 265 का कुल स्कोर इस जीत की साफ तस्वीर देते हैं। सिंगापुर और चीन की संयुक्त सिल्वर से यह भी साफ है कि मुकाबला आखिर तक कड़ा रहा। टीम में अदिति अशोक के 67 और दीक्षा डागर के 77 ने भारत को 14 अंडर 546 तक पहुंचाया, जबकि चीन 22 अंडर पर गोल्ड ले गया।

एशियन गेम्स 2026 में प्रणवी उर्स का नाम अब भारतीय गोल्फ की पहली महिला व्यक्तिगत स्वर्ण विजेता के रूप में दर्ज है। शिव कपूर के 2002 के पुरुष गोल्ड के बाद महिलाओं का यह खाता अलग से खुला है।

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Adarsh Pandey

Founder & Editor, जय जगदम्बा न्यूज
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