30 लाख की ड्रग्स के साथ बक्सर का युवक गिरफ्तार, लंबे समय से कर रहा था तस्करी
Buxar Drug Smuggler Arrest: मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ चल रही कार्रवाई में सुरक्षा एजेंसियों को एक और बड़ी कामयाबी मिली है। खास बात है कि यह मामला सीधे बिहार के बक्सर जिले से जुड़ा हुआ है। असम के एक रेलवे स्टेशन पर की गई इस कार्रवाई ने अंतरराज्यीय ड्रग्स नेटवर्क की परतें खोल दी हैं, जिससे जांच एजेंसियां भी सतर्क हो गई हैं।
बक्सर से असम तक फैला ड्रग्स तस्करी का जाल
गौरतलब है कि बक्सर जिले से जुड़ा यह चौंकाने वाला मामला असम के मोरियानी रेलवे स्टेशन पर सामने आया है, जहां असम रेल पुलिस नियमित जांच अभियान चला रही थी। इसी दौरान विवेक एक्सप्रेस ट्रेन की तलाशी के वक्त एक यात्री की हरकतें संदिग्ध नजर आईं, जिसके बाद पुलिस ने उसे रोककर पूछताछ की।
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तलाशी लेने पर उसके पास से भारी मात्रा में मादक पदार्थ बरामद किया गया, जिससे पुलिस भी हैरान रह गई। जांच में सामने आया है कि बरामद नशीले पदार्थों की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में 30 लाख रुपये से ज्यादा बताई जा रही है, जिससे बक्सर से असम तक फैले ड्रग्स तस्करी के बड़े नेटवर्क की आशंका और गहरी हो गई है।
कौन है गिरफ्तार आरोपी
बता दें कि मौके से पकड़े गए युवक (Buxar Drug Smuggler Arrest) की पहचान राजू कुमार राम के रूप में हुई है, जो बिहार के बक्सर जिले के सिमरी थाना क्षेत्र के बलिहार गांव का रहने वाला है, जबकि उसके पिता का नाम स्वर्गीय रामनाथ राम बताया गया है। हालाकी पुलिस ने उसे दो दिन पहले ही गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन इस कार्रवाई की जानकारी सोमवार को सामने आई।
यह खुलासा असम के मोरियानी रेलवे स्टेशन पर उस वक्त हुआ, जब असम रेल पुलिस ट्रेनों की नियमित जांच कर रही थी। इसी दौरान विवेक एक्सप्रेस से सफर कर रहे राजू की गतिविधियां संदिग्ध लगीं, जिसके बाद पूछताछ और तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान उसके सामान से भारी मात्रा में मादक पदार्थ बरामद हुआ।
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार यह खेप होजाई से तिनसुकिया की ओर ले जाई जा रही थी, जहां से इसे ऊपरी असम के अलग-अलग इलाकों में सप्लाई करने की तैयारी थी, जिससे पूरे मामले की गंभीरता और बढ़ गई।
दो साल से चल रहा था तस्करी का खेल, अब हो सकते हैं बड़े खुलासे
शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी राजू कुमार राम बीते करीब दो वर्षों से मादक पदार्थ तस्करी के नेटवर्क से जुड़ा हुआ था और इसी अवैध धंधे के जरिए उसने अच्छी-खासी संपत्ति भी बना ली थी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक वह अकेले यह काम नहीं कर रहा था, बल्कि इसके पीछे एक संगठित गिरोह सक्रिय था, जिसकी कड़ियां बिहार, असम और अन्य राज्यों तक फैली हो सकती हैं।
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बता दें कि फिलहाल आरोपी से असम पुलिस और दूसरी सुरक्षा एजेंसियां लगातार पूछताछ कर रही हैं, जिसमें सप्लाई करने वालों, पैसों के लेन-देन और माल पहुंचाने के रास्तों को लेकर अहम सुराग जुटाए जा रहे हैं। एजेंसियों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में कई और चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं और अन्य लोगों की गिरफ्तारी भी संभव है।
