बक्सर में एथेनाल प्लांट पर बड़ा संकट, 5 दिन से बंद है प्लांट, 300 कामगारों की गई नौकरी

बक्सर में एथेनाल प्लांट पर बड़ा संकट, 5 दिन से बंद है प्लांट, 300 कामगारों की गई नौकरी

Buxar Ethanol Plant Shutdown: बिहार के बक्सर से एक बड़ी औद्योगिक खबर सामने आई है, जिसने सैकड़ों परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। सरकारी नीति में हुए बदलाव के बाद एथेनाल सप्लाई ऑर्डर में भारी कटौती की गई, जिसका सीधा असर भारत प्लस एथेनाल लिमिटेड के प्लांट पर पड़ा है। हालाकी यह प्लांट 2024 में ही शुरू हुआ था, लेकिन अब हालात ऐसे बन गए हैं कि ताला लगाना पड़ा है।

बक्सर में एथेनाल प्लांट बंद, 300 कामगारों की गई नौकरी

बता दें की बिहार राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकार (BIADA) के स्थानीय परिसर में स्थित भारत प्लस एथेनाल लिमिटेड का एथेनाल प्लांट पिछले पांच दिनों से पूरी तरह बंद पड़ा है। कंपनी प्रबंधन के अनुसार, सरकारी नीति के तहत एथेनाल सप्लाई ऑर्डर में 50 प्रतिशत कटौती किए जाने के बाद 24 दिसंबर से उत्पादन रोकना पड़ा।

गौरतलब है कि इस फैसले के चलते कंपनी से जुड़े करीब 300 कामगारों का रोजगार छिन गया है, जिससे उनके सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। कंपनी के सीएमडी अजय कुमार सिंह ने बताया कि,

प्लांट की उत्पादन क्षमता एक लाख लीटर प्रतिदिन, यानी लगभग 30 लाख लीटर प्रतिमाह की है। लेकिन नई नीति लागू होने के बाद अब कंपनी को सिर्फ 14 लाख लीटर प्रतिमाह एथेनाल उत्पादन का ही ऑर्डर मिल रहा है।

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उन्होंने आगे कहा कि,

50 प्रतिशत कटौती के साथ प्लांट को नियमित रूप से चलाना संभव नहीं है। इससे कंपनी को हर महीने करीब दो करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। अगर यही स्थिति आगे भी बनी रही, तो प्लांट को स्थायी रूप से बंद करने की नौबत आ सकती है।

कब तक बंद रहेगा Buxar Ethanol Plant?

Buxar Ethanol Plant प्रबंधन के मुताबिक, पूरा जनवरी महीना प्लांट बंद रहेगा। अब 1 फरवरी से उत्पादन दोबारा शुरू करने की योजना है। लेकिन यह पूरी तरह इस बात पर निर्भर करेगा कि सरकार की ओर से सप्लाई ऑर्डर में कोई राहत मिलती है या नहीं।

सीएमडी और जीएम अजीत शाही ने बताया कि उत्पादन आधा हो जाने के कारण कंपनी को मजबूरी में छह महीने प्लांट चलाने और छह महीने बंद रखने की रणनीति अपनानी पड़ रही है।

किसानों पर भी पड़ा दोहरा असर

बता दें कि भारत प्लस एथेनाल लिमिटेड मुख्य रूप से अनाज आधारित एथेनाल का उत्पादन करती है। इसके लिए आसपास के किसानों से बड़े पैमाने पर फसल की खरीद होती है। लेकिन अब जब उत्पादन घट गया है, तो किसानों को अपनी फसल बेचने में भारी परेशानी हो रही है।

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कंपनी प्रबंधन का कहना है कि, जब तक सरकार पूरा एथेनाल नहीं खरीदेगी, तब तक 50 प्रतिशत कटौती के साथ प्लांट चलाना बेहद मुश्किल है।

पूरे बिहार में Ethanol Industry पर संकट

गौरतलब है कि यह समस्या सिर्फ बक्सर तक सीमित नहीं है। बिहार में कुल 14 ग्रेन आधारित एथेनाल प्लांट सहित 22 एथेनाल प्लांट इस नई नीति से प्रभावित हुए हैं। आयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) की नीति में बदलाव के बाद पूरे राज्य का Ethanol Industry दबाव में आ गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर जल्द समाधान नहीं निकला, तो निवेश और रोजगार दोनों पर गहरा असर पड़ेगा।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से लगाई गई थी गुहार

बता दें कि 8 दिसंबर को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बक्सर के नवानगर औद्योगिक क्षेत्र के निरीक्षण पर पहुंचे थे। इस दौरान कंपनी के सीएमडी और कामगारों ने एथेनाल उद्योग पर मंडरा रहे संकट को लेकर उन्हें अलग-अलग ज्ञापन सौंपा था।

हालाकी मुख्यमंत्री ने उस समय समाधान का आश्वासन दिया था, लेकिन अब हालात ऐसे बन गए हैं कि Buxar Ethanol Plant बंद करना पड़ा। कंपनी का यह प्लांट वर्ष 2024 में ही उत्पादन में आया था, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार की बड़ी उम्मीद जगी थी।

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