बक्सर: पिंटू सिंह की दुकान पर छापेमारी, अंदर मिला ऐसा सामान कि हैरान रह गए लोग; दुकानदार समेत 3 लोग हिरासत में

बक्सर में नशे के कारोबार के खिलाफ चल रहे अभियान के बीच पुलिस की एक कार्रवाई ने लोगों को हैरान कर दिया। मुफस्सिल थाना क्षेत्र के बोक्सा गांव में पुलिस ने एक किराना दुकान पर छापेमारी की। तलाशी के दौरान दुकान से एक किलो गांजा बरामद होने की बात सामने आई है।
पुलिस ने इस मामले में दुकानदार अमरनाथ प्रसाद उर्फ पिंटू सिंह को हिरासत में लिया है। इसके अलावा, जिस घर में गांजा छिपाकर रखा गया था, वहां से दो महिलाओं को भी हिरासत में लिया गया। पुलिस अब इस मामले में आगे की जांच कर रही है।
किराना दुकान में छिपाकर रखा गया था गांजा
बिहार में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत बक्सर जिले में भी पुलिस की कार्रवाई जारी है। शनिवार को मुफस्सिल थाना पुलिस बोक्सा गांव पहुंची और एक किराना दुकान में छापेमारी की। पुलिस की इस कार्रवाई को देखकर आसपास के लोग कुछ देर के लिए हैरान रह गए।
वजह यह थी कि जिस दुकान में पुलिस तलाशी ले रही थी, वह कोई अलग से दिखाई देने वाला नशे का ठिकाना नहीं, बल्कि एक किराना दुकान थी। स्थानीय लोगों के बीच इस बात को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई कि आखिर एक सामान्य किराना दुकान में पुलिस की छापेमारी क्यों हो रही है।
पुलिस के अनुसार,
दुकान की आड़ में गांजा बेचने का काम किए जाने की जानकारी मिली थी। इसी सूचना के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई की।
तलाशी के दौरान गांजा बरामद होने की बात सामने आई। हालांकि, पुलिस की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच अभी जारी है। मामले में आरोपितों की भूमिका और कथित कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है।
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काली पॉलीथिन में मिला एक किलो गांजा
पुलिस की तलाशी के दौरान गांजा काले रंग की पॉलीथिन में छिपाकर रखा गया था। बरामद गांजे को जब थाने लाकर तौला गया, तो उसका वजन एक किलोग्राम पाया गया। इस मामले में दुकानदार अमरनाथ प्रसाद उर्फ पिंटू सिंह को हिरासत में लिया गया है।
पुलिस ने उस घर में भी तलाशी ली, जहां गांजा छिपाकर रखे जाने की बात सामने आई थी। वहां से दो महिलाओं को भी हिरासत में लिया गया। फिलहाल, उपलब्ध जानकारी में दोनों महिलाओं के नाम और इस मामले में उनकी कथित भूमिका का स्पष्ट विवरण नहीं दिया गया है।
ऐसे में यह कहना सही नहीं होगा कि वे गांजे की खरीद-बिक्री में शामिल थीं या उन्हें किस आधार पर हिरासत में लिया गया। पुलिस ने आरोपितों से पूछताछ की है। जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि गांजा कहां से लाया गया था और इसे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था।
इसके साथ ही पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस कथित कारोबार में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं। जांच पूरी होने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर सामने आ सकेगी।
बिहार सरकार ने राज्य में नशीले पदार्थों के सेवन और अवैध कारोबार के खिलाफ एक महीने का विशेष अभियान शुरू किया है। बिहार सरकार की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, यह अभियान 27 अक्टूबर से 26 नवंबर 2026 तक चलाया जा रहा है।
इस अभियान का उद्देश्य लोगों को नशे के नुकसान के प्रति जागरूक करना और नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार पर रोक लगाने की दिशा में कार्रवाई करना है। सरकार की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, अभियान के तहत जागरूकता वाहनों के जरिए लोगों तक नशे के दुष्परिणामों का संदेश पहुंचाया जा रहा है।
ग्रामीण इलाकों में पंचायतों और चौपालों के माध्यम से भी लोगों को जागरूक करने की योजना है।
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बक्सर में नशे के कारोबार पर पुलिस की नजर
बक्सर में किराना दुकान से गांजा बरामद होने का मामला इसी व्यापक अभियान के बीच सामने आया है। पुलिस का कहना है कि नशे के अवैध कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई की जाएगी।
ऐसे में आने वाले दिनों में जिले में नशीले पदार्थों की खरीद-बिक्री पर रोक लगाने के लिए पुलिस की सक्रियता बढ़ने की उम्मीद है। बोक्सा गांव के इस मामले में जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कथित कारोबार का दायरा कितना बड़ा था और इसमें अन्य लोगों की क्या भूमिका थी। फिलहाल इस मामले में पुलिस की जांच जारी है।

