बक्सर में नाबालिग से गैंगरेप के 5 दोषियों को उम्रकैद, पीड़िता को मिलेंगे 15 लाख रुपये

बक्सर में नाबालिग से गैंगरेप के 5 दोषियों को उम्रकैद, पीड़िता को मिलेंगे 15 लाख रुपये

Buxar POCSO Case: बक्सर की स्थानीय व्यवहार न्यायालय स्थित विशेष पॉक्सो अदालत ने मंगलवार को एक बेहद कड़ा और ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। नाबालिग लड़की के अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म के मामले में अदालत ने पांच दोषियों को आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई है।

गौरतलब है कि अदालत ने सिर्फ सजा तक ही खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि पीड़िता के पुनर्वास और भविष्य को सुरक्षित करने के लिए 15 लाख रुपये के मुआवजे का भी आदेश दिया है।

क्या है पूरा मामला?

यह सनसनी खेज मामला (Buxar POCSO Case) दिसंबर 2023 का है। Buxar के इटाढ़ी थाना क्षेत्र की रहने वाली 15 वर्षीय किशोरी 19 दिसंबर को अपने घर से नदी की ओर गई थी। हालांकि, इसके बाद वह घर वापस नहीं लौटी और परिजनों ने उसकी गुमशुदगी की सूचना पुलिस को दी।

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जांच में सामने आया कि एक नाबालिग आरोपी ने किशोरी को शादी का झांसा देकर अपने मामा के गांव ले गया। वहां उसके साथ दुष्कर्म किया गया। हालाकी, यह दरिंदगी यहीं नहीं रुकी।

तीन दिन तक बंधक बनाकर किया सामूहिक दुष्कर्म

इसके बाद पीड़िता को टेलर मास्टर के नाम से चर्चित शिव विलास राम के किराए के कमरे में भेज दिया गया। वहां शिव विलास राम, राहुल कुमार, विनय कुमार उर्फ बिल्लई, गोविंद सिंह उर्फ शंकर और रौशन कुमार सिंह ने मिलकर किशोरी को तीन दिनों तक बंधक बनाकर रखा।

इन सभी आरोपियों ने मिलकर नाबालिग के साथ बार-बार सामूहिक दुष्कर्म किया। जांच और ट्रायल के दौरान अभियोजन पक्ष ने ठोस सबूत और गवाह पेश किए, जिसके आधार पर अदालत ने सभी पांचों को दोषी करार दिया।

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Buxar POCSO Case: कोर्ट का सख्त रुख, उम्रकैद की सजा

अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-6 सह विशेष पॉक्सो जज अमित कुमार शर्मा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए साफ कहा कि दोषियों ने एक नाबालिग की गरिमा, बचपन और जीवन के साथ खिलवाड़ किया है। ऐसे अपराधों में कानून किसी भी तरह की नरमी की इजाजत नहीं देता।

कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि यह अपराध समाज के लिए खतरा है और ऐसे मामलों में कठोर सजा ही न्याय का सही रूप है। इसी आधार पर सभी पांच दोषियों को आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई गई।

पीड़िता को 15 लाख रुपये का मुआवजा

खास बात है कि अदालत ने पीड़िता की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए बिहार पीड़ित मुआवजा योजना-2019 के तहत 15 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का आदेश दिया है।

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यह राशि अगले तीन वर्षों तक बैंक में फिक्स्ड डिपॉजिट के रूप में रखी जाएगी। पीड़िता को हर महीने इसका ब्याज मिलेगा, जिससे वह अपनी जरूरतें पूरी कर सकेगी। जिला विधिक सेवा प्राधिकार को निर्देश दिया गया है कि वह एक महीने के भीतर भुगतान की प्रक्रिया पूरी करे।

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