चीन ने लॉन्च किया पाकिस्तान का नया सैटेलाइट, क्या है इसके पीछे की बड़ी रणनीति?

China launches Pakistani satellite PRSC-EO3
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चीन ने एक बार फिर पाकिस्तान के लिए बड़ा कदम उठाया है। रात के अंधेरे में हुआ यह सैटेलाइट लॉन्च अब वैश्विक चर्चा का विषय बन गया है। सवाल यह है कि क्या यह सिर्फ एक वैज्ञानिक मिशन है या इसके पीछे कोई बड़ी रणनीति छिपी है? बता दें कि PRSC-EO3 सैटेलाइट की सफलता ने चीन-पाकिस्तान रिश्तों को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है, जिससे अंतरिक्ष क्षेत्र में नई हलचल शुरू हो गई है।

चीन ने लॉन्च किया पाकिस्तान का PRSC-EO3 सैटेलाइट

बता दें कि चीन ने शनिवार रात शांक्सी प्रांत के ताइयुआन सैटेलाइट लॉन्च सेंटर से पाकिस्तान के PRSC-EO3 सैटेलाइट (China launches Pakistani satellite) को सफलतापूर्वक अंतरिक्ष में भेज दिया। यह लॉन्च बीजिंग समय के अनुसार रात 8:15 बजे Long March-6 रॉकेट के जरिए किया गया। सैटेलाइट लॉन्च के तुरंत बाद अपनी तय कक्षा में पहुंच गया और मिशन पूरी तरह सफल बताया गया है।

हालांकि इसके इस्तेमाल को लेकर ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन माना जा रहा है कि यह पृथ्वी की निगरानी और जरूरी डेटा जुटाने में काम आ सकता है।

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चीन और पाकिस्तान की अंतरिक्ष साझेदारी क्यों बन रही है इतनी मजबूत?

चीन और पाकिस्तान के बीच अंतरिक्ष क्षेत्र में सहयोग लगातार मजबूत होता जा रहा है। यह पहली बार नहीं है जब चीन ने पाकिस्तान के लिए उपग्रह प्रक्षेपित किया हो, बल्कि पिछले साल से अब तक वह पाकिस्तान के चार उपग्रह अंतरिक्ष में भेज चुका है। सिर्फ पिछले वर्ष ही चीन ने पाकिस्तान के तीन उपग्रह सफलतापूर्वक प्रक्षेपित किए थे, जिससे साफ संकेत मिलता है कि दोनों देशों की साझेदारी तेजी से आगे बढ़ रही है।

हालांकि, यह सहयोग केवल तकनीक तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे रणनीतिक रूप से भी काफी अहम माना जा रहा है। चीन और पाकिस्तान पहले से ही हर मौसम के मजबूत सहयोगी माने जाते हैं और अब उनकी यह दोस्ती अंतरिक्ष तक पहुंच गई है। जानकारों का कहना है कि ऐसे मिशनों से रक्षा, संचार और निगरानी जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों की क्षमता और अधिक मजबूत हो सकती है।

पाकिस्तानी अंतरिक्ष यात्रियों की ट्रेनिंग भी शुरू

बता दें कि पाकिस्तान के दो नागरिक हाल ही में चीन पहुंचे हैं, जहां उन्हें अंतरिक्ष मिशन के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ये दोनों 24 अप्रैल को बीजिंग पहुंचे और चीन के अंतरिक्ष यात्री प्रशिक्षण केंद्र में अपनी ट्रेनिंग शुरू कर चुके हैं, जहां वे चीनी अंतरिक्ष यात्रियों के साथ मिलकर तैयारी कर रहे हैं।

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अगर ये सभी जरूरी परीक्षण और प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा कर लेते हैं, तो इनमें से एक को चीन के अंतरिक्ष मिशन में शामिल किया जा सकता है और वह तियांगोंग अंतरिक्ष स्टेशन पर जाने वाला पहला विदेशी अंतरिक्ष यात्री बन सकता है।

हालांकि, यह पूरी प्रक्रिया उनके प्रदर्शन पर निर्भर करेगी, लेकिन यह कदम साफ दिखाता है कि चीन और पाकिस्तान के रिश्ते अब अंतरिक्ष क्षेत्र में भी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं और दोनों देश मिलकर एक नई साझेदारी की दिशा में बढ़ते नजर आ रहे हैं।

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