मैच फिक्सिंग में फंसा भारतीय मूल का क्रिकेटर! ICC ने इस खिलाड़ी पर ठोका 8 साल का बैन

ICC Bans Bodugum Akhilesh Reddy: अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भ्रष्टाचार के खिलाफ ICC ने एक बड़ा फैसला लिया है। अमेरिका की राष्ट्रीय टीम के खिलाड़ी बोडुगुम अखिलेश रेड्डी पर मैच फिक्सिंग और जांच में बाधा डालने के आरोप साबित होने के बाद 8 साल का प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह फैसला 2025 के अबू धाबी टी10 टूर्नामेंट से जुड़े मामले में आया है। अब यह खिलाड़ी 21 नवंबर 2033 तक किसी भी स्तर पर क्रिकेट से जुड़ी गतिविधियों में हिस्सा नहीं ले सकेगा।
ICC ने किन आरोपों में सुनाई 8 साल की सजा?
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने अमेरिका के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर बोडुगुम अखिलेश रेड्डी को भ्रष्टाचार निरोधक संहिता (Anti-Corruption Code) के तीन अलग-अलग नियमों का उल्लंघन करने का दोषी पाया है। इसके बाद उन पर 8 साल का प्रतिबंध लगाया गया।
26 वर्षीय रेड्डी पर आरोप है कि उन्होंने 2025 में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में खेले गए अबू धाबी टी10 टूर्नामेंट के दौरान मैच के नतीजे और खेल की दिशा को गलत तरीके से प्रभावित करने की कोशिश की। इसके अलावा उन्होंने एक अन्य खिलाड़ी को भी मैच फिक्सिंग में शामिल होने के लिए प्रेरित करने का प्रयास किया।
ICC के अनुसार,
रेड्डी ने जांच के दौरान अपने मोबाइल फोन से ऐसे व्हाट्सएप संदेश और कॉल रिकॉर्ड भी हटा दिए, जो जांच में महत्वपूर्ण सबूत साबित हो सकते थे। इसे जांच में बाधा डालने की कोशिश माना गया।
प्रतिबंध की अवधि 21 नवंबर 2025 से लागू मानी गई है, क्योंकि उसी दिन उन्हें अस्थायी रूप से निलंबित किया गया था। अब वह 21 नवंबर 2033 तक किसी भी क्रिकेट गतिविधि का हिस्सा नहीं बन सकेंगे।
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ट्रिब्यूनल की जांच में क्या सामने आया?
ICC की एंटी करप्शन ट्रिब्यूनल की रिपोर्ट के अनुसार, कथित घटना 19 नवंबर 2025 की सुबह टीम होटल में हुई थी। यह घटना अबू धाबी टी10 में एस्पिन स्टैलियंस के पहले मुकाबले से कुछ घंटे पहले की बताई गई। रिपोर्ट में एक गुमनाम खिलाड़ी, जिसे “प्लेयर ए” कहा गया है, की गवाही को स्वीकार किया गया।
खिलाड़ी ने बताया कि, रेड्डी ने उससे गेंदबाजी के दौरान जानबूझकर रन देने के लिए कहा था। कथित तौर पर रेड्डी ने यह भी दावा किया कि यह निर्देश टीम के नेतृत्व से आया है। हालांकि, खिलाड़ी ने इस प्रस्ताव को तुरंत ठुकरा दिया। उसने अपने एजेंट को इसकी जानकारी दी और करीब 30 मिनट के भीतर ICC की एंटी करप्शन यूनिट को पूरे मामले की शिकायत भी कर दी।
ट्रिब्यूनल ने यह भी नोट किया कि जिस खिलाड़ी का नाम पहले मैच की अंतिम टीम में था, उसे कुछ ही देर बाद बाहर कर दिया गया। रिपोर्ट में कहा गया कि यह घटनाक्रम रेड्डी द्वारा टीम प्रबंधन को खिलाड़ी के सहयोग न करने की जानकारी देने के अनुरूप था। हालांकि ट्रिब्यूनल ने इस मामले में किसी अन्य व्यक्ति के खिलाफ कोई निष्कर्ष नहीं निकाला।
बोडुगुम अखिलेश रेड्डी कौन हैं?
वॉशिंगटन फ्रीडम फ्रेंचाइजी के अनुसार, बोडुगुम अखिलेश रेड्डी का पालन-पोषण भारत के हैदराबाद में हुआ था। वह विजय हजारे ट्रॉफी के लिए एक टीम का हिस्सा रह चुके हैं और इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की फ्रेंचाइजी सनराइजर्स हैदराबाद के लिए नेट गेंदबाज के रूप में भी काम कर चुके हैं।
दाएं हाथ के बल्लेबाज और ऑफ स्पिन गेंदबाज रेड्डी ने अमेरिका की ओर से चार अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले हैं, जिनमें उन्होंने एक विकेट हासिल किया। उनका आखिरी टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच 2025 में कनाडा के खिलाफ खेला गया था।
ICC ट्रिब्यूनल ने यह भी माना कि रेड्डी ने अपना मोबाइल जमा कराने से पहले व्हाट्सएप चैट और कॉल लॉग खुद हटाए थे। रेड्डी ने इसे नियमित “डेटा हाइजीन” बताया, लेकिन ट्रिब्यूनल ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया। उसके अनुसार, सबूत मिटाने का उद्देश्य जांच को प्रभावित करना और संभावित साक्ष्यों को खत्म करना था। इसी आधार पर उन्हें जांच में बाधा डालने का भी दोषी ठहराया गया।




