अर्नब के बाद अब एक और तूफान का खतरा! कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, जानें आपके शहर में कैसा रहेगा मौसम

Cyclone Murasu Alert: देश के मौसम पर एक बार फिर चक्रवाती तूफान का खतरा मंडराने लगा है। चक्रवात अर्नब के असर से उबर रहे आंध्र प्रदेश के सामने अब बंगाल की खाड़ी में बने नए तूफानी सिस्टम की चुनौती है। मौसम विभाग ने कई राज्यों में भारी बारिश, तेज हवाओं और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में बना डिप्रेशन तेजी से मजबूत हो रहा है। इसके 1 नवंबर को चक्रवाती तूफान और 2 नवंबर को गंभीर चक्रवाती तूफान में बदलने की संभावना है। ऐसे में अगले कुछ दिन दक्षिण भारत के कई राज्यों के लिए मुश्किल भरे हो सकते हैं।
बंगाल की खाड़ी में तेजी से मजबूत हो रहा तूफानी सिस्टम
IMD के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में बना डिप्रेशन पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। 31 अक्टूबर की रात जारी मौसम बुलेटिन में बताया गया कि यह सिस्टम 1 नवंबर को चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है। इसके बाद 2 नवंबर को पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में इसके गंभीर चक्रवाती तूफान बनने की आशंका है।
भारत की ओर से सुझाए गए नाम के आधार पर इस नए तूफान को मुरासु (Murasu) कहा जाएगा। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, यह सिस्टम 3 नवंबर की सुबह दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट के पास पहुंच सकता है। इसके नेल्लोर से नरसापुर के बीच गंभीर चक्रवाती तूफान के रूप में तट पार करने की संभावना जताई गई है।
IMD के पूर्वानुमान में तूफान के दौरान हवा की रफ्तार 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे और झोंकों की रफ्तार 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है। हालांकि, तूफान की दिशा और तीव्रता पर मौसम विभाग लगातार नजर बनाए हुए है।
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इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
नए चक्रवाती सिस्टम का सबसे ज्यादा असर आंध्र प्रदेश और आसपास के तटीय इलाकों में देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 2 नवंबर को कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश की आशंका जताई है। 3 नवंबर को भी कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।
रायलसीमा में 2 और 3 नवंबर को भारी बारिश की संभावना है। वहीं, ओडिशा में 3 और 4 नवंबर को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है। तेलंगाना में भी 2 और 3 नवंबर को बारिश और गरज-चमक का अनुमान है।
इसके अलावा तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में भी बारिश का दौर जारी रह सकता है। केरल और माहे के कुछ हिस्सों में 1 से 4 नवंबर के बीच भारी बारिश की संभावना जताई गई है। कर्नाटक के तटीय और उत्तरी आंतरिक इलाकों में भी 3 नवंबर को बारिश हो सकती है।
पूर्वोत्तर भारत के अरुणाचल प्रदेश सहित कुछ राज्यों में भी बारिश की संभावना है। हालांकि, हर राज्य में बारिश की तीव्रता एक जैसी नहीं होगी। इसलिए लोगों को अपने जिले के अनुसार IMD का ताजा मौसम अपडेट देखना चाहिए।
बिहार, यूपी और दिल्ली में कैसा रहेगा मौसम?
चक्रवाती तूफान का असर मुख्य रूप से दक्षिण और पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में रहने का अनुमान है। बिहार और उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए फिलहाल आंध्र प्रदेश जैसी गंभीर चक्रवाती चेतावनी सामने नहीं आई है। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है।
वहीं, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और गुजरात के कई हिस्सों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। बिहार में भी इस नए तूफानी सिस्टम के कारण व्यापक भारी बारिश का स्पष्ट संकेत उपलब्ध पूर्वानुमान में नहीं है। हालांकि, मौसम में बदलाव को देखते हुए स्थानीय अपडेट पर नजर रखना जरूरी है।
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चक्रवाती तूफान को लेकर तटीय इलाकों में अलर्ट
तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों और मछुआरों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। समुद्र में खराब मौसम और तेज हवाओं की आशंका के कारण मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियां भी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
ऐसे में अगले 2 से 3 दिन मौसम के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। लोगों को अफवाहों से बचना चाहिए और किसी भी तरह की चेतावनी के लिए भारत मौसम विज्ञान विभाग तथा स्थानीय प्रशासन की आधिकारिक सूचना पर भरोसा करना चाहिए।

