मध्य-पूर्व जंग के बीच बड़ी राहत! अमेरिका से LPG लेकर भारत पहुंचा जहाज, क्या अब खत्म होगा गैस संकट?
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और देश में एलपीजी की कमी के बीच एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। अमेरिका से LPG और रूस से कच्चा तेल लेकर दो जहाज भारत पहुंच चुके हैं। अब सवाल यह है कि क्या इससे देश का गैस और तेल संकट कम होगा और आम लोगों को कितना राहत मिलेगी?
16,714 टन LPG लेकर अमेरिका से भारत आया Pyxis Pioneer
न्यू मंगोलोर पोर्ट अथॉरिटी के अनुसार, सिंगापुर ध्वज वाला यह टैंकर रविवार सुबह लगभग 6 बजे बर्थ नंबर 13 पर डॉक किया गया। जहाज की कुल टनाज 47,236 टन है और यह 14 फरवरी को टेक्सास के पोर्ट ऑफ नेदरलैंड से रवाना हुआ था।
पिक्सिस पायोनियर (Pyxis Pioneer India Arrival) से 16,714 टन LPG एजिस लॉजिस्टिक्स लिमिटेड (Aegis Logistics Ltd.) के लिए उतारा जाएगा। यह जहाज सोमवार सुबह वापसी के लिए रवाना होगा। Aegis Logistics Ltd. भारत की प्रमुख तेल, गैस और रसायन लॉजिस्टिक्स कंपनी है। कंपनी के शेयर ने हाल ही में NSE पर 0.72% बढ़त के साथ 611.70 रुपये पर बंद हुआ।
#WATCH | कर्नाटक: US के टेक्सास के नीदरलैंड से LPG ले जा रहा कार्गो शिप पाइक्सिस पायनियर, मंगलुरु के न्यू मंगलौर पोर्ट पर पहुंचा।
वीडियो आज सुबह पोर्ट से शूट किया गया है। pic.twitter.com/y7IEsTHxLn
— ANI_HindiNews (@AHindinews) March 22, 2026
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LPG संकट के बीच सरकार की तैयारी तेज
देश में रसोई गैस की कमी को देखते हुए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। बता दें कि वाणिज्यिक एलपीजी का राज्यों को आवंटन 20 प्रतिशत बढ़ा दिया गया है, जिससे कुल हिस्सा अब 50 प्रतिशत तक पहुंच गया है। हालांकि, घरेलू मांग लगातार बढ़ रही है, ऐसे में अमेरिका से आने वाली गैस की खेप से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
इससे पहले रूस से कच्चा तेल लेकर आने वाला एक्वा टाइटन जहाज मंगलुरु पोर्ट से करीब 18 समुद्री मील दूर समुद्र में खड़ा रहा, क्योंकि उसकी क्षमता बहुत ज्यादा थी और उसे पोर्ट पर सीधे नहीं लगाया जा सका। जानकारी के मुताबिक यह जहाज पहले चीन जा रहा था, लेकिन बाद में रास्ता बदलकर भारत की ओर आ गया।
अब यह जहाज समुद्र में लंगर डाले हुए है और पाइपलाइन के जरिए कच्चा तेल रिफाइनरी तक पहुंचाया जा रहा है, जिससे देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने की कोशिश की जा रही है।
मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने के कारण भारत जैसी बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में ऊर्जा आपूर्ति पर चिंता है। ऐसे समय में अमेरिका से LPG की आयातित खेप देश में वाणिज्यिक और घरेलू मांग को संतुलित करने में मदद कर सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि,
Pyxis Pioneer की डिलीवरी और सरकारी आवंटन बढ़ाने के कदम बाजार में कीमतों को स्थिर रखने में सहायक हो सकते हैं। हालांकि, यदि वैश्विक संकट बढ़ता है तो गैस की कीमतों में फिर से उछाल की संभावना बनी रहेगी।
