चंद्रशेखरन के एक फैसले से टाटा ग्रुप को बड़ा झटका, एक दिन में ₹46,000 करोड़ डूबे

टाटा ग्रुप के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन के दोबारा Tata Sons के चेयरमैन पद पर नियुक्ति नहीं लेने के फैसले का असर बुधवार को शेयर बाजार में साफ दिखाई दिया। टाटा ग्रुप की कंपनियों के शेयरों में गिरावट के चलते समूह की कुल मार्केट वैल्यू करीब ₹46,000 करोड़ कम हो गई। सबसे ज्यादा दबाव Tata Consultancy Services (TCS), Tata Motors और Tejas Networks के शेयरों पर देखने को मिला।
चंद्रशेखरन ने क्यों लिया चेयरमैन पद छोड़ने का फैसला?
एन चंद्रशेखरन का Tata Sons के चेयरमैन के रूप में मौजूदा कार्यकाल 20 फरवरी 2027 को पूरा होना है। उनके मुताबिक, Sir Dorabji Tata Trust और Sir Ratan Tata Trust ने उनके कार्यकाल को अगले पांच साल के लिए बढ़ाने की सिफारिश की थी। इस प्रस्ताव को Tata Sons की Nomination and Remuneration Committee और बोर्ड के सामने भी रखा गया था।
हालांकि, बोर्ड के एक सदस्य की ओर से समर्थन नहीं मिलने के कारण इस प्रस्ताव पर अंतिम सहमति नहीं बन पाई। चंद्रशेखरन ने कहा कि,
वह ऐसे फैसले को आगे नहीं बढ़ाना चाहते थे, जिस पर बोर्ड में पूरी सहमति न हो। इस मुद्दे पर हुई बोर्ड बैठक को करीब छह महीने बीत चुके हैं, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकल सका।
इसके बाद चंद्रशेखरन ने फैसला किया कि मौजूदा कार्यकाल पूरा होने के बाद वह Tata Sons के चेयरमैन पद पर दोबारा नियुक्ति के लिए अपना नाम पेश नहीं करेंगे।
टाटा के किन शेयरों में आई बड़ी गिरावट?
एन चंद्रशेखरन के Tata Sons के चेयरमैन पद पर दोबारा नियुक्ति नहीं लेने के फैसले के बाद बुधवार को टाटा ग्रुप की कई कंपनियों के शेयरों में गिरावट (Tata Group Stocks Fall) देखने को मिली। सबसे ज्यादा दबाव TCS के शेयर पर रहा, जो 4.12 फीसदी टूट गया।
इसके अलावा Tata Motors के शेयर में 2.47 फीसदी और Tejas Networks में 2.34 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। Tata Consumer Products 1.81 फीसदी, Tata Communications 1.63 फीसदी और Tata Steel 1.55 फीसदी नीचे रहे।
Tata Teleservices (Maharashtra) के शेयर में 1.24 फीसदी की गिरावट आई, जबकि Tata Power और Tata Elxsi दोनों 1.20 फीसदी नीचे बंद हुए। वहीं Indian Hotels Company में 1.07 फीसदी, Voltas में 0.88 फीसदी, Tata Investments में 0.69 फीसदी और Trent में 0.25 फीसदी की गिरावट रही।
इन शेयरों में आई गिरावट का असर टाटा ग्रुप की कुल बाजार वैल्यू पर भी पड़ा। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, बुधवार को समूह की कंपनियों का कुल मार्केट वैल्यू करीब ₹46,000 करोड़ कम हो गया।
हालांकि, सभी टाटा शेयरों में बिकवाली नहीं दिखी। Tata Chemicals का शेयर 1.53 फीसदी चढ़ा। अलग सूचीबद्धता में Tata Motors 0.99 फीसदी और Tata Capital 0.27 फीसदी की बढ़त के साथ नजर आए। इससे साफ है कि चंद्रशेखरन के फैसले के बाद जहां कई टाटा शेयर दबाव में रहे, वहीं कुछ कंपनियों के शेयरों ने बाजार की कमजोरी के बीच मजबूती भी दिखाई।
Tata Sons के अगले चेयरमैन को लेकर अब क्या होगा?
एन चंद्रशेखरन ने बुधवार को Tata Sons के बोर्ड को अपने फैसले की जानकारी दे दी है। उन्होंने बोर्ड से नए चेयरमैन के उत्तराधिकारी को लेकर जल्द फैसला करने की अपील की है, ताकि नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया समय पर शुरू की जा सके।
Tata Sons इस समय कई महत्वपूर्ण रणनीतिक परियोजनाओं पर काम कर रही है और इनमें से कुछ अहम चरण में हैं। ऐसे में कंपनी के अगले नेतृत्व को लेकर स्पष्टता कर्मचारियों, निवेशकों, कारोबारी साझेदारों और अन्य हितधारकों के लिए काफी महत्वपूर्ण है।
चंद्रशेखरन का मौजूदा कार्यकाल 20 फरवरी 2027 को खत्म होगा। ऐसे में अब बाजार की नजर Tata Sons के अगले चेयरमैन के चयन पर रहेगी। समय रहते उत्तराधिकारी तय होने से जिम्मेदारियों का हस्तांतरण व्यवस्थित तरीके से किया जा सकेगा और कंपनी की महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर नेतृत्व को लेकर किसी तरह की अनिश्चितता नहीं रहेगी।

