बक्सर: करोड़ों के फर्जीवाड़े में अनमोल गिरफ्तार, बैंक खाते में मिले 1,37,70,955 रुपये

Anmol Tiwari cyber fraud Buxar
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Buxar News: बिहार के बक्सर से एक चौंकाने वाला साइबर ठगी मामला सामने आया है। जहां अनमोल तिवारी नाम के युवक को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उसने दूसरे व्यक्ति के नाम पर ₹1.37 करोड़ से अधिक की फर्जी जमा और निकासी की है। यह पूरा खेल बैंक खाते के ज़रिये बेहद शातिर तरीके से किया गया, जिसकी अब गहन जांच शुरू हो चुकी है और पुलिस इस पूरे नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी है।

क्या है अनमोल के साइबर ठगी का पूरा खेल?

बक्सर जिले से सामने आया यह मामला एक चौंकाने वाली साइबर ठगी की कहानी है, जहां पुलिस ने सोमवार को अनमोल तिवारी नामक युवक को गिरफ्तार (Anmol Tiwari Cyber Fraud) कर जेल भेज दिया। आरोप है कि अनमोल ने किसी दूसरे व्यक्ति के नाम पर बैंक खाता खुलवाया और उसमें करोड़ों रुपये फर्जी तरीके से जमा और निकासी की।

यह रकम कहां से आई और किस मकसद से डाली गई, इसका खुलासा अभी तक नहीं हो सका है। यह पूरा मामला इटाढ़ी थाना क्षेत्र के बैरी गांव से जुड़ा है, जहां से शिकायत साइबर थाने में दर्ज कराई गई थी।

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शिकायतकर्ता संजीत कुमार कुशवाहा ने बताया कि,

उनके भोले स्वभाव वाले भाई हेमंत कुमार को लोन दिलाने का झांसा देकर दो बैंक खाते खुलवाए गए, मोबाइल नंबर उनके नाम पर लिया गया और फिर बैंक कागजात, एटीएम कार्ड सब अपने पास रखकर उनके खातों से फर्जी लेन-देन किया जाने लगा।

शक होने पर जब परिवार ने जांच कराई तो करोड़ों की हेराफेरी सामने आई, जिसके बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपी को धर दबोचा।

बैंक में कितनी रकम मिली?

जब पुलिस ने मौके पर पहुंचकर महाराष्ट्र बैंक के खातों की गहराई से जांच की तो वहां ₹1,37,70,955 जमा पाए गए। गौरतलब है की ये राशि खातेधारक के व्यक्तिगत लेनदेन से जुड़ी नहीं लग रही थी। कुछ समय बाद यह रकम निकाल भी ली गई थी, जिससे पुलिस की जांच और तेज़ हो गई।

वहीं दूसरे खाते में मात्र ₹817 शेष मिले, जो जस के तस थे। शुरुआती जांच में पुलिस को पूरा मामला साइबर ठगी से जुड़ा प्रतीत हो रहा है और फिलहाल हर लेनदेन की बारीकी से जांच जारी है।

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अनमोल तिवारी की गिरफ्तारी से खुलने लगे साइबर ठगी के राज

बता दें कि इटाढ़ी थाना पुलिस की साइबर सेल ने तेज़ कार्रवाई करते हुए आरोपी अनमोल तिवारी को महज़ एक दिन के भीतर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि खाते में आई संदिग्ध लेन-देन की रकम आखिर कहां से आई और इसके पीछे क्या मकसद था। फिलहाल पुलिस ने यह साफ नहीं किया है कि यह पैसा किसी खास ठगी से जुड़ा था या किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा है।

पूछताछ लगातार जारी है और जैसे ही नए तथ्य सामने आएंगे, उन्हें सार्वजनिक किया जाएगा। पुलिस ने प्रेस विज्ञप्ति के ज़रिये यह भी कहा है कि,

साइबर ठगी और झूठे खातों के ज़रिये होने वाले लेन-देन पर कड़ी नज़र रखी जा रही है और ऐसे मामलों में आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। एसपी कार्यालय के अनुसार, मामले में अन्य लोगों की भूमिका से भी इनकार नहीं किया जा सकता।

साइबर ठगी से जुड़ी सावधानियाँ

बता दें की आजकल साइबर ठगी के मामलों में अक्सर लोगों के दस्तावेज़, मोबाइल नंबर और बैंक से जुड़ी जानकारियों का गलत इस्तेमाल बिना उनकी जानकारी के कर लिया जाता है। ऐसे में जरूरी है कि आप अपने आधार, पैन या बैंक कागज़ात किसी को भी न दें, मोबाइल और बैंक से जुड़े ओटीपी हमेशा गोपनीय रखें और किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर किसी भी कागज़ पर हस्ताक्षर न करें।

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कई बार लोग आकर्षक लुभावने ऑफर के चक्कर में ई-मेल या मोबाइल संदेश में आए लिंक पर क्लिक कर देते हैं, जो सीधे ठगी का रास्ता खोल देता है। गौरतलब है की साइबर अपराध के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, इसलिए अगर थोड़ी सी सतर्कता रखी जाए तो बड़ी आर्थिक ठगी से आसानी से बचा जा सकता है।

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