बिक गई दाऊद इब्राहिम की पुश्तैनी जमीन, कई सालों बाद मिला खरीदार, जानिए कितने में हुई डील

Dawood Ibrahim Ratnagiri Property Auction 2026
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कई सालों से नीलामी में अटकी दाऊद इब्राहिम की पुश्तैनी जमीन आखिरकार बिक गई है। बता दें कि इस जमीन को खरीदने के लिए पहले कोई आगे नहीं आ रहा था, लेकिन इस बार एक ही खरीदार ने सभी प्लॉट ले लिए। हालांकि, सबसे दिलचस्प बात यह है कि कुछ प्लॉट पहले कई बार अनसोल्ड रहे थे।

आखिर ऐसा क्या बदला कि अचानक डील फाइनल हो गई? इस खबर में जानिए पूरी कहानी और इसके पीछे की वजह।

रत्नागिरी की जमीन पर मुंबई के खरीदार का कब्जा

रत्नागिरी के खेड तालुका के मुंबाके गांव में स्थित दाऊद इब्राहिम की पुश्तैनी कृषि जमीन आखिरकार बिक गई है। बता दें कि ये चारों प्लॉट पहले उसकी मां अमीना बी के नाम पर दर्ज थे और लंबे समय से नीलामी में अटके हुए थे। 5 मार्च 2026 को हुई नीलामी में मुंबई के एक बोलीदाता ने सभी चार जमीनों को एक साथ खरीद लिया।

इनमें सर्वे नंबर 442, 453, 533 और 617 शामिल हैं, जहां सबसे बड़ा प्लॉट 10 लाख रुपये से ज्यादा में बिका। हालांकि बाकी जमीनें 15 हजार से लेकर 8 लाख रुपये से अधिक कीमत में गईं। अब खरीदार को अप्रैल 2026 की शुरुआत तक पूरी रकम जमा करनी होगी, जिसके बाद सरकार इस पूरी प्रक्रिया को अंतिम रूप दे देगी।

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क्यों बार-बार फेल हो रही थी नीलामी प्रक्रिया?

गौरतलब है कि इन जमीनों को बेचने की कोशिश (Dawood Ibrahim Ratnagiri Property Auction) पिछले कई वर्षों से की जा रही थी। साल 2017, 2020, 2024 और 2025 में भी इनकी नीलामी कराई गई, लेकिन हर बार या तो बहुत कम लोग शामिल हुए या फिर कोई खरीदार सामने नहीं आया।

खासकर सर्वे नंबर 442 और 453 को पहले भी कई बार नीलामी में शामिल किया गया, लेकिन ये बार-बार अनसोल्ड रह गए। छोटे प्लॉट 533 को भी खरीददार नहीं मिल रहा था, जबकि 617 नंबर वाले प्लॉट पर कभी-कभी बोली लगी, लेकिन सौदा पूरा नहीं हो पाया। हालांकि, इस बार सभी प्लॉट एक ही बोलीदाता ने खरीद लिए, जो अपने आप में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।

अधिकारियों का कहना है कि,

इन जमीनों के कागजात साफ हैं और सरकार का पूरा समर्थन भी है, लेकिन दाऊद इब्राहिम के नाम से जुड़ी छवि के कारण पहले लोग निवेश करने से हिचकते थे।

हाई-प्रोफाइल बोली और विवादों की पूरी कहानी

इन नीलामियों में दिल्ली के वकील अजय श्रीवास्तव का नाम भी काफी चर्चा में रहा है। वह पिछले करीब 20 सालों से ऐसी संपत्तियों की नीलामी में हिस्सा लेते रहे हैं। उन्होंने 2001 में नागपाड़ा में दो औद्योगिक यूनिट खरीदी थीं, लेकिन बाद में उन्हें हसीना पारकर के वारिसों के साथ कानूनी विवाद का सामना करना पड़ा, जो अभी भी बॉम्बे हाईकोर्ट में लंबित है।

इसके अलावा, उन्होंने 2020 में मुंबाके गांव में दाऊद इब्राहिम का पुश्तैनी बंगला भी खरीदा था और उसे ट्रस्ट के तहत रखा। साल 2024 में उन्होंने सर्वे नंबर 617 के छोटे प्लॉट के लिए 2.01 करोड़ रुपये की ऊंची बोली लगाई थी, जबकि उसकी रिजर्व कीमत सिर्फ 15,440 रुपये थी। हालांकि, बाद में भुगतान नहीं होने के कारण यह बोली रद्द कर दी गई और फिर से नीलामी करनी पड़ी।

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दाऊद इब्राहिम और उसकी संपत्तियों पर सरकार की कार्रवाई

बता दें कि दाऊद इब्राहिम भारत का मोस्ट वांटेड अपराधी है और 1993 मुंबई बम धमाकों का मुख्य आरोपी है। इन हमलों में 257 लोगों की मौत हुई थी और करीब 700 लोग घायल हुए थे। सरकार ने उसकी संपत्तियों को जब्त करने के लिए SAFEMA कानून के तहत कार्रवाई की है। इसके तहत उसकी कई संपत्तियों को नीलाम किया जा रहा है।

हालांकि, यह भी कहा जाता है कि दाऊद इब्राहिम पाकिस्तान में रह रहा है। 2020 में पाकिस्तान की एक सूची में कराची स्थित उसकी कुछ संपत्तियों का जिक्र भी सामने आया था, लेकिन बाद में वहां की सरकार ने इन जानकारियों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की।

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