क्या तीसरे विश्व युद्ध की ओर बढ़ रही दुनिया? ईरान के परमाणु ठिकाने पर अमेरिका-इजरायल ने बरसाए बम
मिडिल ईस्ट में चल रही जंग अब और गंभीर होती जा रही है। ताजा घटनाओं ने साफ कर दिया है कि हालात काबू में नहीं हैं और इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ सकता है। बता दें कि ईरान के एक अहम परमाणु केंद्र पर हमला हुआ है, जिसके बाद तनाव कम होने के बजाय और बढ़ गया है। अमेरिका और इजरायल की कार्रवाई, ईरान की धमकियां और बढ़ती तेल कीमतों ने साफ कर दिया है कि यह संकट अब सिर्फ एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहा।
ईरान के नतांज परमाणु केंद्र पर हमला
ईरान की सरकारी एजेंसी के मुताबिक शनिवार को नतांज यूरेनियम संवर्धन केंद्र पर हवाई हमला (Iran Natanz Nuclear Strike) किया गया। यह ईरान का सबसे अहम परमाणु केंद्र माना जाता है। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस हमले के बाद किसी तरह का रेडिएशन लीक नहीं हुआ।
गौरतलब है कि यह वही केंद्र है जिस पर पहले भी हमले हो चुके हैं। सैटेलाइट तस्वीरों में पहले ही कई इमारतों को नुकसान दिख चुका है। संयुक्त राष्ट्र के परमाणु निगरानी संगठन ने भी पहले कहा था कि ऐसे हमलों से रेडिएशन का बड़ा खतरा नहीं है। दूसरी ओर, ईरान की राजधानी तेहरान में भी रातभर जोरदार हवाई हमले हुए, जिससे वहां के लोगों में डर का माहौल बना हुआ है।
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इजरायल-इराक तक पहुंचा जंग का असर, अमेरिका के कदम से बढ़ी चिंता
मिडिल ईस्ट की यह जंग अब तेजी से फैलती नजर आ रही है और इसका असर कई देशों तक पहुंच चुका है। बता दें कि इजरायल में ईरान की तरफ से दागी गई मिसाइल के टुकड़े एक खाली बच्चों के स्कूल पर गिरे, हालांकि वहां कोई मौजूद नहीं था इसलिए किसी की जान नहीं गई।
वहीं इराक की राजधानी बगदाद में बिना चालक वाले विमान से हमला हुआ, जिसमें खुफिया विभाग के एक अधिकारी की मौत हो गई, लेकिन अब तक किसी ने इसकी जिम्मेदारी नहीं ली है। गौरतलब है कि इजरायल लगातार लेबनान में हिज्बुल्लाह के ठिकानों पर हमले कर रहा है, जिनमें हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और लाखों लोग बेघर हो गए हैं।
इस बीच अमेरिका के रुख ने भी सबको चौंकाया है, क्योंकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक तरफ जंग खत्म करने की बात कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ अमेरिका ने अपनी सैन्य ताकत बढ़ाते हुए तीन नए युद्धपोत और करीब ढाई हजार मरीन सैनिक इस इलाके में भेज दिए हैं। पहले से ही यहां पचास हजार से ज्यादा अमेरिकी सैनिक तैनात हैं, ऐसे में हालात और तनावपूर्ण होते जा रहे हैं।
ईरान की चेतावनी से बढ़ा डर
ईरान की सेना के एक बड़े अधिकारी ने साफ चेतावनी दी है कि,
दुनिया भर के पार्क, घूमने-फिरने की जगहें और सार्वजनिक स्थान उनके दुश्मनों के लिए सुरक्षित नहीं रहेंगे।
इस बयान के बाद पूरी दुनिया में डर और चिंता का माहौल बन गया है। इसका असर अब सिर्फ सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि आम लोगों की जेब पर भी साफ दिखने लगा है।
बता दें कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत करीब 106 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है, जो पहले करीब 70 डॉलर थी। कीमत बढ़ने से पेट्रोल-डीजल और रोजमर्रा की चीजें महंगी होने का खतरा बढ़ गया है। वहीं, अमेरिका ने तेल की बढ़ती कीमतों को काबू में रखने के लिए ईरान के तेल पर लगे कुछ प्रतिबंधों में अस्थायी ढील दी है, जो 19 अप्रैल तक लागू रहेगी।
गौरतलब है कि इस जंग में अब तक ईरान में 1300 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि इजरायल में भी कई लोग मारे गए हैं और अमेरिकी सेना के 13 जवान भी अपनी जान गंवा चुके हैं।
