जिस रास्ते से दुनिया डर रही थी, वहीं से गुजरी $500 मिलियन की रूसी सुपरयॉट Nord
Russian Superyacht Crosses Hormuz: मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच रूस से जुड़ी $500 मिलियन की सुपरयॉट Nord ने ऐसा कदम उठाया है, जिसने दुनिया का ध्यान खींच लिया है। रिपोर्ट के मुताबिक यह आलीशान यॉट Strait of Hormuz जैसे संवेदनशील समुद्री रास्ते से गुजरकर ओमान पहुंच गई।
गौरतलब है कि इसी रास्ते पर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बना हुआ है। ऐसे माहौल में इस यात्रा को लेकर तेल बाजार से लेकर अंतरराष्ट्रीय राजनीति तक चर्चा तेज हो गई है।
क्यों खास है Nord Yacht की यह यात्रा?
रिपोर्ट के अनुसार 142 मीटर लंबी लग्जरी यॉट Nord दुबई से रवाना होकर ओमान की राजधानी मस्कट पहुंच गई। ट्रैकिंग डेटा बताता है कि यह यॉट शुक्रवार रात निकली थी और रविवार सुबह Al Mouj Marina पहुंची।
हाल के महीनों में कई निजी जहाजों ने Strait of Hormuz के रास्ते से दूरी बनाई है, क्योंकि यह इलाका इस समय तनाव का बड़ा केंद्र बना हुआ है। ऐसे माहौल में Nord Yacht का इस मार्ग से सुरक्षित गुजरना इसे खास और चर्चा का विषय बना रहा है।
कितनी आलीशान है सुपरयॉट Nord
रिपोर्ट के मुताबिक Nord सुपरयॉट का संबंध रूस के अरबपति कारोबारी Alexey Mordashov से बताया जा रहा है। हालांकि, आधिकारिक कागजों में उनका नाम मालिक के तौर पर दर्ज नहीं है। 2022 के दस्तावेज बताते हैं कि यह यॉट एक ऐसी कंपनी के नाम रजिस्टर्ड हुई थी, जिसका रिश्ता उनकी पत्नी से जुड़ा बताया गया है।
बता दें कि Mordashov रूस की बड़ी स्टील कंपनी Severstal के चेयरमैन हैं और उन पर कई पश्चिमी देशों के प्रतिबंध लगे हुए हैं। वहीं, Nord कोई आम यॉट नहीं है, इसकी लंबाई 142 मीटर है और कीमत 500 मिलियन डॉलर से ज्यादा बताई जाती है। गौरतलब है कि इसमें स्विमिंग पूल, पनडुब्बी और हेलिपैड जैसी लग्जरी सुविधाएं मौजूद हैं, जबकि हाल ही में यह दुबई से मस्कट तक पहुंची है।
क्यों डरा हुआ है दुनिया का बाजार?
होरमुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) दुनिया के सबसे जरूरी समुद्री रास्तों में माना जाता है, जहां से दुनिया के करीब पांचवें हिस्से का कच्चा तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस गुजरती है। यही वजह है कि यहां जरा सा तनाव बढ़ते ही पूरी दुनिया के बाजार पर असर दिखने लगता है। रिपोर्ट के मुताबिक ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत बढ़कर 109 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है।
अगर हालात और बिगड़ते हैं तो पेट्रोल और डीजल के दाम भी बढ़ सकते हैं। जानकारों का कहना है कि तनाव बढ़ने पर वैश्विक व्यापार, तेल आपूर्ति और समुद्री माल ढुलाई की लागत पर भी बड़ा असर पड़ सकता है। वहीं, नॉर्ड यॉट की हालिया यात्रा ने यह संकेत दिया है कि खतरे के बीच भी कुछ जहाज अब भी इस रास्ते का इस्तेमाल कर रहे हैं।
