EV के बीच हाइब्रिड कारों की वापसी, भारत में लॉन्च होगी 1200Km तक रेंज वाली कई नई गाड़ियां
Upcoming Hybrid Cars India 2026-27: भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की बढ़ती लोकप्रियता के बीच अब हाइब्रिड कारों की भी जोरदार वापसी होती दिख रही है। आने वाले 12 महीनों में कम से कम छह बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनियां भारतीय बाजार में नई हाइब्रिड और प्लग-इन हाइब्रिड (PHEV) गाड़ियां लॉन्च करने की तैयारी कर रही हैं।
ऑटो उद्योग के जानकारों का मानना है कि हाइब्रिड तकनीक उन ग्राहकों के लिए बेहतर विकल्प बन सकती है जो बेहतर माइलेज चाहते हैं, लेकिन अभी पूरी तरह इलेक्ट्रिक वाहन अपनाने को लेकर आश्वस्त नहीं हैं।
भारत में क्यों बढ़ रही है Hybrid Cars की मांग?
पिछले कुछ वर्षों में इलेक्ट्रिक वाहनों को भविष्य की तकनीक माना गया, लेकिन चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और लंबी दूरी की यात्रा जैसी चुनौतियों के कारण कई कंपनियां अब हाइब्रिड मॉडल पर भी ध्यान दे रही हैं। हाइब्रिड वाहन पेट्रोल इंजन और इलेक्ट्रिक मोटर दोनों का इस्तेमाल करते हैं। इससे ईंधन की खपत कम होती है और प्रदूषण भी घटता है।
वहीं, प्लग-इन हाइब्रिड वाहन कुछ दूरी तक केवल बिजली से भी चल सकते हैं। कंपनियां हाइब्रिड तकनीक को डीजल वाहनों के विकल्प और सख्त ईंधन दक्षता मानकों को पूरा करने का एक प्रभावी माध्यम मान रही हैं।
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कौन-कौन सी कंपनियां लॉन्च करेंगी नई Hybrid Cars?
आने वाले वर्षों में भारतीय ऑटो बाजार में कई नई हाइब्रिड कारें देखने को मिल सकती हैं। जिनमें शामिल है:
Kia और Hyundai
दक्षिण कोरियाई कंपनी Kia India हाइब्रिड तकनीक को लेकर सबसे आक्रामक रणनीति पर काम कर रही है। कंपनी का लक्ष्य 2030 तक अपनी कुल भारतीय बिक्री में हाइब्रिड वाहनों की हिस्सेदारी 20 प्रतिशत तक पहुंचाना है। रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी आने वाले समय में Carnival, Carens, Sonet और Seltos जैसे लोकप्रिय मॉडलों के हाइब्रिड संस्करण पेश कर सकती है।
इनकी लॉन्चिंग FY27 से शुरू होने की उम्मीद है। वहीं Hyundai Motor India भी पहली बार भारतीय बाजार में हाइब्रिड वाहन लाने की तैयारी कर रही है। कंपनी का पहला हाइब्रिड मॉडल वर्ष 2027 में लॉन्च होने की संभावना है।
Renault और Nissan
फ्रांसीसी वाहन निर्माता Renault भारत में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए नई रणनीति पर काम कर रही है। कंपनी इस साल दिवाली सीजन के आसपास Duster SUV का हाइब्रिड संस्करण लॉन्च कर सकती है।
इसके बाद बड़ी Bigster SUV भी हाइब्रिड पावरट्रेन के साथ बाजार में आ सकती है। दूसरी ओर Nissan भी अपनी आगामी मिड-साइज SUV “Tekton” में हाइब्रिड विकल्प देने की तैयारी कर रही है। यह वाहन Duster के समान प्लेटफॉर्म पर आधारित होगा।
अब प्लग-इन हाइब्रिड गाड़ियों पर कंपनियों की नजर
भारतीय ऑटो बाजार में अब केवल सामान्य हाइब्रिड गाड़ियों की ही नहीं, बल्कि प्लग-इन हाइब्रिड वाहनों की भी एंट्री तेज होने वाली है। इस तकनीक में बड़ी बैटरी और पेट्रोल इंजन दोनों का फायदा मिलता है, जिससे छोटी दूरी की यात्रा बिजली पर और लंबी यात्रा इंजन के सहारे पूरी की जा सकती है।
JSW ग्रुप भी वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में अपने प्लग-इन हाइब्रिड मॉडल के साथ यात्री वाहन बाजार में कदम रख सकता है। वहीं, चीन की कंपनी BYD 2026 के अंत तक अपनी सील यू SUV लॉन्च करने की तैयारी में है, जिसे अंतरराष्ट्रीय बाजार में सीलायन 6 नाम से बेचा जाता है। कंपनी का दावा है कि यह वाहन एक बार बैटरी चार्ज और फ्यूल टैंक फुल होने पर करीब 1,200 किलोमीटर तक चल सकता है।
दूसरी ओर, लग्जरी कार बाजार में भी इस तकनीक को लेकर उत्साह बढ़ रहा है और मर्सिडीज-बेंज ने हाल ही में अपनी एस-क्लास का प्लग-इन हाइब्रिड संस्करण पेश किया है, जो केवल इलेक्ट्रिक मोड में 115 किलोमीटर तक की दूरी तय कर सकता है।
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इलेक्ट्रिक कारों की रफ्तार ने बढ़ाई हाइब्रिड वाहनों की टेंशन
एक तरफ कई बड़ी कंपनियां नई हाइब्रिड कारें लॉन्च करने की तैयारी कर रही हैं, वहीं दूसरी तरफ बाजार के आंकड़े इस सेगमेंट के लिए चुनौती की कहानी भी बता रहे हैं। वित्त वर्ष 2026 में हाइब्रिड वाहनों की हिस्सेदारी घटकर 8.22 प्रतिशत रह गई, जो पिछले वर्ष 8.73 प्रतिशत थी।
मई 2026 में यह आंकड़ा और फिसलकर 8.05 प्रतिशत पर पहुंच गया। इसके उलट इलेक्ट्रिक कारों की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। वित्त वर्ष 2025 में जहां इनकी हिस्सेदारी 2.61 प्रतिशत थी, वहीं एक साल बाद यह बढ़कर 4.25 प्रतिशत हो गई और मई 2026 में 6.63 प्रतिशत तक पहुंच गई।
विशेषज्ञों का कहना है कि,
बढ़ती ईंधन कीमतें, तेजी से फैलता चार्जिंग नेटवर्क और कम जीएसटी दरें लोगों को इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर आकर्षित कर रही हैं, जिससे हाइब्रिड कारों के सामने नई चुनौती खड़ी हो गई है।
