Vodafone Idea को DoT का 26.83 करोड़ रुपये का नोटिस, 2022 स्पेक्ट्रम नियमों को लेकर बढ़ा मामला

Vodafone Idea DoT Notice Over 2022 Spectrum Rollout, Faces Rs 26.83 Crore Demand
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Vodafone Idea DoT Notice: भारत की प्रमुख टेलीकॉम कंपनी Vodafone Idea (Vi) को दूरसंचार विभाग (DoT) की ओर से 26.83 करोड़ रुपये के लिक्विडेटेड डैमेज (Liquidated Damages) के भुगतान का नोटिस मिला है। कंपनी का कहना है कि वह इस नोटिस की समीक्षा कर रही है और आगे की कार्रवाई पर विचार कर रही है। फिलहाल कंपनी ने साफ किया है कि इस नोटिस का उसके कारोबार या संचालन पर कोई वित्तीय प्रभाव नहीं पड़ा है।

2022 स्पेक्ट्रम आवंटन से जुड़ा है पूरा मामला

Vodafone ने शेयर बाजार को दी गई जानकारी में बताया कि दूरसंचार विभाग ने यह नोटिस 2022 में हुई स्पेक्ट्रम नीलामी के दौरान आवंटित स्पेक्ट्रम से जुड़े न्यूनतम नेटवर्क रोलआउट दायित्वों के कथित उल्लंघन को लेकर जारी किया है।

विभाग के अनुसार कंपनी पर 26.83 करोड़ रुपये के लिक्विडेटेड डैमेज का भुगतान करने का दायित्व बनता है। यह कार्रवाई उन शर्तों के आधार पर की गई है जो 2022 के स्पेक्ट्रम ऑक्शन के लिए जारी किए गए नोटिस इनवाइटिंग एप्लिकेशन (NIA) में निर्धारित थीं।

इन नियमों के अनुसार स्पेक्ट्रम आवंटित होने के बाद तय समय सीमा के भीतर न्यूनतम नेटवर्क विस्तार और रोलआउट की शर्तों का पालन करना जरूरी होता है। यही कथित कमी इस नोटिस का मुख्य कारण बताई गई है।

Vodafone Idea ने क्या कहा?

कंपनी ने अपने आधिकारिक बयान में कहा है कि,

उसे 31 जुलाई को यह नोटिस प्राप्त हुआ था और फिलहाल उसकी विस्तृत समीक्षा की जा रही है।

Vodafone Idea यह भी देख रही है कि इस मामले में आगे कौन से कानूनी या प्रशासनिक कदम उठाए जाएं। कंपनी ने अपने स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में कहा कि,

वह इस पूरे मामले का अध्ययन कर रही है और उचित कार्रवाई पर विचार करेगी। इस नोटिस का उसके नियमित कारोबार या परिचालन गतिविधियों पर फिलहाल कोई वित्तीय या अन्य प्रभाव नहीं पड़ा है।

इस बयान से यह संकेत मिलता है कि फिलहाल कंपनी की सेवाओं या ग्राहकों पर इस नोटिस का कोई सीधा असर नहीं पड़ने वाला है।

आगे क्या हो सकता है?

दूरसंचार विभाग की ओर से जारी इस नोटिस के बाद अब सभी की नजर Vodafone Idea के अगले कदम पर रहेगी। कंपनी पहले नोटिस की समीक्षा करेगी और उसके बाद यह तय करेगी कि वह विभाग के समक्ष अपना पक्ष रखेगी, स्पष्टीकरण देगी या किसी अन्य कानूनी प्रक्रिया का सहारा लेगी।

फिलहाल यह मामला केवल कथित न्यूनतम रोलआउट दायित्वों के पालन से जुड़ा हुआ है। कंपनी ने साफ तौर पर कहा है कि उसके संचालन पर कोई वित्तीय या व्यावसायिक असर नहीं पड़ा है। ऐसे में निवेशकों और ग्राहकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यही है कि कंपनी की सेवाएं सामान्य रूप से जारी हैं।

आने वाले दिनों में यदि इस मामले में दूरसंचार विभाग या Vodafone की ओर से कोई नया बयान या फैसला सामने आता है, तो स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

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