एक साथ 3 स्वदेशी एयरक्राफ्ट की डिलीवरी करेगा HAL, IAF से लेकर सिविल एविएशन तक बदल जाएगा तस्वीर

HAL Indigenous Aircraft Delivery News
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HAL Indigenous Aircraft Delivery: भारत के एयरोस्पेस और डिफेन्स सेक्टर में स्वदेशी ताकत को बढ़ाने वाली बड़ी खबर सामने आई है। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) जल्द ही HTT-40 Basic Trainer, Dhruv NG Civil Helicopter और LCA FOC Trainer की डिलीवरी करने जा रहा है। ये तीनों प्लेटफॉर्म अलग-अलग जरूरतों को पूरा करेंगे, लेकिन सवाल है कि इनकी खासियत क्या है और इनकी डिलीवरी भारत के लिए इतनी महत्वपूर्ण क्यों मानी जा रही है?

HTT-40 की पहली खेप में मिलेंगे तीन स्वदेशी ट्रेनर विमान

HAL HTT-40 बेसिक ट्रेनर एयरक्राफ्ट की पहली खेप में तीन विमान सौंपेगा। इनमें दो विमान बेंगलुरु और एक नासिक में तैयार किया गया है। यह डिलीवरी मार्च 2023 में हुए 6,838 करोड़ रुपये के अनुबंध का हिस्सा है। इस समझौते के तहत HAL को कुल 70 HTT-40 विमान देने हैं।

HTT-40 को भारतीय सशस्त्र बलों में शुरुआती पायलट ट्रेनिंग के लिए विकसित किया गया है। भविष्य में यह Swiss-made Pilatus PC-7 MkII की जगह Stage-I ट्रेनिंग में इस्तेमाल किया जाएगा। इस विमान में ग्लास कॉकपिट और जीरो-जीरो इजेक्शन सीट दी गई है। इसकी अधिकतम गति 450 किलोमीटर प्रति घंटा है और यह पूरी तरह एरोबेटिक विमान है। यानी इसे ट्रेनिंग के साथ कई तरह के हवाई करतबों के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

हालांकि, HTT-40 की डिलीवरी में इंजन की कमी के कारण देरी हुई थी। इसमें Honeywell TPE331-12B इंजन का इस्तेमाल होता है। जून 2026 में Honeywell ने 88 इंजनों से जुड़े 100 मिलियन डॉलर से अधिक के अनुबंध के तहत पहली खेप उपलब्ध कराई थी।

इस अनुबंध में 16 इंजन सीधे सप्लाई किए गए, जबकि बाकी इंजनों के लिए तकनीक हस्तांतरण की व्यवस्था की गई है। अब HAL ने HTT-40 का उत्पादन बढ़ाने की दिशा में भी कदम उठाया है। दो प्रोडक्शन लाइनों के जरिए सालाना 20 विमान बनाने की क्षमता तैयार की गई है।

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Dhruv NG से सिविल हेलीकॉप्टर बाजार में लौटेगा HAL

तीन प्लेटफॉर्म में दूसरा नाम Dhruv NG का है। यह HAL के Advanced Light Helicopter यानी ALH Dhruv का सिविल-सर्टिफाइड वर्जन है। इसे DGCA (Directorate General of Civil Aviation) से टाइप सर्टिफिकेशन मिल चुका है।

Dhruv NG को पवन हंस लिमिटेड को सौंपा जाएगा। इसकी इंडक्शन HAL के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि कंपनी लंबे समय से सैन्य हेलीकॉप्टरों पर ज्यादा फोकस कर रही थी। अब Dhruv NG के जरिए सिविल हेलीकॉप्टर बाजार में उसकी वापसी होगी।

यह हेलीकॉप्टर VVIP ट्रांसपोर्ट, ऑफशोर ऑपरेशन, एयर एंबुलेंस और हेलि-पिलग्रिमेज जैसे कामों के लिए तैयार किया गया है। इसमें व्हील्ड लैंडिंग गियर, नया ग्लास कॉकपिट और बेहतर वाइब्रेशन कंट्रोल जैसी सुविधाएं दी गई हैं।

वहीं, Dhruv NG की एंट्री देश में हेलीकॉप्टर कनेक्टिविटी बढ़ाने की कोशिशों के लिए भी अहम हो सकती है। सरकार UDAN के जरिए क्षेत्रीय कनेक्टिविटी बढ़ाने के साथ भारत में सिविल हेलीकॉप्टर इकोसिस्टम विकसित करने पर भी जोर दे रही है।

LCA FOC ट्रेनर से फाइटर पायलटों की ट्रेनिंग होगी मजबूत

तीसरा प्लेटफॉर्म LCA FOC ट्रेनर है। यह Tejas Mk-1 FOC फाइटर एयरक्राफ्ट का दो सीट वाला ऑपरेशनल ट्रेनर वर्जन है। इसका मुख्य उद्देश्य फाइटर पायलटों को एडवांस ट्रेनिंग उपलब्ध कराना है। LCA FOC ट्रेनर की डिलीवरी ऐसे समय हो रही है जब HAL LCA Mk-1A का उत्पादन भी बढ़ा रहा है। नासिक में LCA Mk-1A की तीसरी प्रोडक्शन लाइन भी चालू हो चुकी है।

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तीनों प्लेटफॉर्म अलग-अलग जरूरतों के लिए तैयार

इन तीनों प्लेटफॉर्म को देखें तो इनकी भूमिकाएं अलग-अलग हैं। HTT-40 शुरुआती सैन्य पायलट ट्रेनिंग के लिए है, LCA FOC ट्रेनर लड़ाकू पायलटों की एडवांस ट्रेनिंग के लिए है और Dhruv NG सिविल हेलीकॉप्टर सेवाओं के लिए तैयार किया गया है।

इन तीनों की डिलीवरी में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू और वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह की मौजूदगी रहेगी।

गौरतलब है कि HTT-40, Dhruv NG और LCA FOC ट्रेनर को HAL ने भारतीय संस्थानों के सहयोग से देश में ही विकसित और तैयार किया है। इनके विकास में ADA (Aeronautical Development Agency), DRDO (Defence Research and Development Organisation) और Indian Air Force का सहयोग रहा है।

ऐसे में तीनों प्लेटफॉर्म की डिलीवरी केवल अलग-अलग विमानों और हेलीकॉप्टरों की सप्लाई नहीं है। यह भारत की घरेलू एयरोस्पेस क्षमता के अलग-अलग हिस्सों को आगे बढ़ाने की दिशा में एक साथ उठाया गया कदम है।

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